दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी इंडी गठबंधन की “वोट बचाओ, देश बचाओ” महारैली का आयोजन किया गया। 1 नवंबर को आयोजित इस महारैली में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, राजद और आप सहित लगभग 20 से अधिक विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों ने हिस्सा लिया। हालांकि विपक्ष की तरफ से इस महारैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने के दावे किए गए थे, लेकिन सारे दावे खोखले साबित हुए। दरअसल, इंडी गठबंधन का यह शक्ति प्रदर्शन चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा था। वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्ष ने जिस तरह मुख्य चुनाव आयुक्त और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा और धमकी का इस्तेमाल किया, उससे स्पष्ट हो गया कि इस रैली का मुख्य एजेंडा ‘हिन्दू विरोध और घुसपैठिया बचाओ’ था।
A sea of people, one resounding voice, one shared resolve – Vote Bachao, Desh Bachao 🇮🇳
Delhi witnessed the power of the people today. This is bigger than a march. This is a movement to reclaim our democracy. https://t.co/CEyhcHUGbd
— Congress (@INCIndia) November 1, 2026
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को दी धमकी
इंडी गठबंधन की “वोट बचाओ, देश बचाओ” महारैली में विपक्षी नेताओं खासकर राहुल गांधी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार थे। राहुल गांधी ने जिस तरह एक संवैधानिक संस्था के प्रमुख पर तीखा हमला बोला, वो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से आपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने मंच से दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और उन्हें जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों और आवाज की चोरी है जिसे कानून की भाषा में ‘देशद्रोह’ माना जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार, जिस जनता की आवाज़ चुराई है, उसी की आवाज़ सुनो।
मौका हाथ से निकल चुका है – लोकतंत्र का एक भी गद्दार कार्रवाई और सज़ा से भाग नहीं पाएगा। https://t.co/seYBCtQCZz
— Congress (@INCIndia) November 1, 2026
पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह को लीगल कारवाई की धमकी
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहीं नहीं जा सकते। अगर जाना भी चाहेंगे हम उन्हें नहीं जाने देंगे। नरेन्द्र मोदी, अमित शाह जी आप बात समझिए। ज्ञानेश कुमार के बाद हम आपके सामने खड़े होने जा रहे हैं और आप भूलिए मत जो आपने वोट चोरी की है। कहीं नहीं जाएंगे। नरेन्द्र मोदी के खिलाफ, अमित शाह के खिलाफ लीगल कारवाई होगी। देश को न्याय मिलेगा। यह जो आपने वोट चोरी की है। अडानी को जो आपने देश बेचा है। उसके लिए देश आपसे न्याय मांगेगा। देख लेना आप भागने की मत सोचो। आप भाग नहीं सकते। आप यहीं के यहीं रहोंगे और आपके खिलाफ ये जो आवाज है। आपके खिला, अमित शाह के खिलाफ, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई होगी… होगी…होगी।”
जो काफ़िर हैं हर रोज़ डरते हैं-ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल में सत्ता जाने के बाद ममता बनर्जी मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए उनकी भाषा बोल रही है। रामलीला मैदान के मंच से उन्होंने हिन्दुओं को काफिर (अल्लाह के अस्तित्व को नहीं मानता) कहने से बाज नहीं आईं। उन्होंने कहा, “हम कहते हैं रोशनी चांद से होती है, सितारों से नहीं। मोहब्बत लोकतंत्र से होती है, पुलिस की बर्बरता से नहीं। इसी के लिए जो लड़ते हैं वो ज़िंदगी बनाते हैं, क़ीमत कामयाबी कराती है। और जो डरते हैं वो मरते हैं, जो काफ़िर हैं हर रोज़ डरते हैं और जो लड़ते हैं वो जीतते हैं। और आने वाले दिनों का स्लोगन एक ही है- Save India, Save Democracy… और युवा, छात्र और CJP तथा अन्य सभी… हम आपसे कह रहे हैं कि यहां कोई रंग नहीं है, कोई भेद नहीं है। सभी जातियां, सभी पंथ, सभी समुदाय… आइए मिलकर उस लड़ाई को लड़ें।”
“जो काफ़िर हैं, वो डरते हैं”
ममता बनर्जी पहले भी यही नारा लगा चुकी हैं।
हिंदुओं को “काफ़िर” कहना और उनके खिलाफ़ युद्ध छेड़ना जिहाद कहलाता है…
क्या यह जिहाद का ऐलान है? https://t.co/hh6ajSIdt9
— Panchjanya (@epanchjanya) November 1, 2026
SIR में अधिकतर मुस्लिमों के नाम काटे गए-नेहा बोरा
भारत में रेड और ग्रीन नेटवर्क की ब्रांड एंबेसडर नेहा बोरा ने रामलीला मैदान के मंच से मुस्लिम हमदर्दी की वजह से देश की संवैधानिक संस्था को चुनौती दी। उन्होंने सवाल किया कि आप होते कौन हैं हिंदुस्तान की आवाम को यह पूछने वाले कि तुम अपनी सिटीजनशिप प्रूफ करो? उन्होंने कहा, “वो अपनी तरफ से नफ़रत की, इस्लामोफ़ोबिया की, जातिवाद की, पितृसत्ता की, नई परिभाषाएं गढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सिर्फ पीलीभीत में आप देखिए, 10,470 वोटर्स के नाम पर फॉर्म-8 की एप्लीकेशंस मूव की गई हैं, जिसमें अधिकतर मुसलमान हैं। बंगाल का आंकड़ा देखिए, जहां पे 50 प्रतिशत से ज्यादा वोटर्स जिनके वोट डिलीट किए गए वो महिलाएं हैं, 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटर्स जिनके वोट डिलीट किए गए वो मुसलमान हैं। उत्तराखंड का एग्जांपल ले लीजिए… किच्छा में 5,000 से ज्यादा लोगों के वोट्स फॉर्म-7 के नाम पर डिलीट किए गए।”
BJP और RSS की जगह सिर्फ़ इतिहास के कूड़ेदान में!
ज्ञानेश कुमार को जाना होगा!
SIR को पूरी तरह से roll back करना होगा!
2023 के एक्ट को रद्द करना होगा! https://t.co/6RqfIS9cuw— Neha (@neha_aisa) November 1, 2026
योगेंद्र यादव ने घुसपैठियों का किया बचाव
आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव का मुस्लिम प्रेम जगजाहिर है। रामलीला मैदान की रैली से पहले आयोजित प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम में उन्होंने खुद को मुस्लिमों का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कहा,”मैडम मैं इस देश के अल्पसंख्यकों की तरफ से जिनके पुरखों ने पार्टीशन का दंश झेलने के बावजूद इस देश को चुना था। जिनके पुरखों की हड्डियां इस देश की मिट्टी में गड़ी हैं। जिनके खिलाफ घुसपैठ या घुसपैठिया करके तोहमत लगाई गई है। इलेक्शन कमीशन ने इस देश को तोड़ने के षड्यंत्र में योगदान दिया है। बार-बार एसआईआर में फॉरेनर इलीगल फॉरेनर का नाम लेके। जबकि हकीकत उन्हें पता थी मैडम। हकीकत यह है कि छह राज्यों से हमें केवल 1600 नाम मिले हैं। जिसका मतलब है 0.01% फॉरेनर भी नहीं है। और जो है मैडम वो नेपाल के निकले हैं।”
यह दो वीडियो है
पहले वीडियो में योगेंद्र यादव राहुल गांधी के नकली संसद में मुसलमानो का नुमाइंदा बनकर गया था और कह रहा था कि मैं उन मुसलमानो का नुमाइंदा हूं जिनके पुरखे इस मिट्टी में दफन है फिर भी उनके खिलाफ इस देश में नफरत फैलाया जाता है
दूसरा वीडियो में यही योगेंद्र यादव कह रहा है कि मेरे दादा एक हॉस्टल के चौकीदार थे हिंसक मुसलमानो की भारी भीड़ उस हॉस्टल पर हमला करने आई और मेरे दादा का गला रेत कर मार दिया
गजब का दोगला व्यक्ति है भाई
वैसे एक और वीडियो है जिसमें खुद मल्लिकार्जुन खड़गे कह रहे हैं की हैदराबाद रियासत के रजाकारों ( हैदराबाद के निजाम की निजी मुस्लिम सेना) ने मेरे पिता मेरी माता मेरी बहन और मेरे दो भाइयों को जिंदा जलाकर मार डाला था मैं किसी तरह से भाग कर जान बचाने में कामयाब हो गया
मतलब आज भारत का कट्टर कांग्रेसी घोर सेकुलर व्यक्ति भी ऐसी कोई घटना नहीं बता सकता कि उनके परिवार पर किसी हिंदुओं किसी भीड़ ने हमला किया हो
तुम लोग खुद उनकी सच्चाई दुनिया को बताते हो जो तुम्हारे ऊपर गुजरी है और ऊपर से कहते हो कि इस देश में भाजपा द्वारा मुसलमानो के खिलाफ नफरत फैलाया जा रहा है ??
गजब का दोगलापन है
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) November 1, 2026
SIR की वजह से 71 प्रतिशत मुस्लिमों के नाम कटे- महुआ
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने नई दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा आयोजित एक प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत हटाए गए मतदाताओं में से 71 प्रतिशत मुस्लिम और 51 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने वाली “कठपुतली” बताया और उन पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में SIR के तहत आपराधिक खेल रचा गया। जब SIR प्रक्रिया शुरू हुई, तो 7.86 करोड़ मतदाता थे। गणना के बाद 58 लाख नाम हटा दिए गए, और फिर शुरू हुई एक खामोश और अदृश्य धांधली।
बंगाल में हटाए गए मतदाताओं में 71 प्रतिशत मुसलमान हैं और 51 प्रतिशत महिलाएं हैं |
– महुवा मोइत्रा ,TMC सांसद https://t.co/jP5NL7qLUx
— Dinesh Lilawat INC (@DineshLilawatIN) October 31, 2026









