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न्यू इंडिया की स्पीड, स्केल और स्किल का उदाहरण है IICC – प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के द्वारका में इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (IICC) की आधारशिला रखी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 26 हजार करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रॉजेक्ट देश के 80 करोड़ युवाओं के लिए ऊर्जा का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, ”25,730 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर व्यवसाय और उद्योग को आकर्षित तथा प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बैठकों, प्रोत्साहनों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों (एमआईसीई) के आयोजन के लिए आत्याधुनिक केन्द्र के रूप में विकसित होगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट सरकार की संकल्प का हिस्सा है जिसके तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सरकार के उस विजन का हिस्सा है जिसके केंद्र में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस है।

उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर ही नहीं है बल्कि देश और दुनिया के व्यापार-कारोबार का जीता जागता वाइब्रेंट केंद्र होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ”जिन सपनों को लेकर हम चले हैं उसमें बदलते विश्व में भारत रिलेवेंट ही नहीं बल्कि लीडर के रोल में आगे बढ़े।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि आईआईसीसी सेंटर में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कार्यक्रमों, बैठकों, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों और व्यापार प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली के अंदर एक ‘मिनी सिटी’ जैसा होगा। एक ही कैंपस के अंदर कंवेशनल हॉल, एक्सपो हॉल, मीटिंग हॉल, होटल, मार्केट, ऑफिस और अन्य सुविधाएं होगीं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मुझे इस बात की खुशी है कि यह परिसर यातायात की आधुनिक सुविधाओं से जुड़ा हुआ होगा, हाई स्पीड मेट्रो से यह सेंटर सीधे एयरपोर्ट से जुड़ा हुआ होगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सरकार ने देश के विकास के लिए जिन बड़े कार्यों की शुरुआत की है ये उसी की अगली कड़ी है। उन्होंने कहा, ”लंबी सुरंग बनाने का काम, सबसे लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने का काम, समंदर पर सबसे लंबा पुल बनाने का काम और सबसे बड़ी मोबाइल मैन्युफैक्टरिंग यूनिट बनाने का काम हमारी सरकार ने किया है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी के रूप में देश में अप्रत्यक्ष कर सुधार का काम किया गया है। पीएम ने कहा, ”देश और दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम- आयुषमान भारत का बीड़ उठाने का काम इस सरकार ने किया है। ये उदाहरण 21वीं सदी के भारत न्यू इंडिया की स्पीड, स्केल और स्किल को दिखाते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार देश के हर गांव तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, हर परिवार तक बिजली और ग्रामीण क्षेत्र में सबसे बड़े बैंकिंग नेटवर्क इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक को बनाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कहा, ”हम दुनिया में कहीं भी जाएं, अक्सर देखने को मिलता है कि छोटे-छोटे देश भी बड़ी-बड़ी कॉन्फ्रेंस रखने की क्षमता रखते हैं। इस तरह की आधुनिक व्यवस्थाओं के निर्माण की वजह से कई देश कॉन्फ्रेंस टूरिज्म के हब बने हैं, लेकिन हमारे यहां बरसों तक इस दिशा में सोचा ही नहीं गया।” उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी कॉन्फ्रेंस को सिर्फ प्रगति मैदान जैसे कुछ एक सेंटरों तक ही सीमित कर दिया गया। अब ये सोच बदली है और इसी का परिणाम आज का ये आयोजन है।

पीएम मोदी ने कहा, ”देश व्यवस्था से चलता है, संस्थानों से आगे बढ़ता है और ये दो-चार महीने, दो चार साल में नहीं बनतीं। करीब ढाई दशक पहले इसके बारे में कदम उठाने की बात शुरु हई थी, लेकिन इस दिशा में आगे बढ़ने का साहस नहीं जुटा पाए।” उन्होंने कहा, ”बीते 50 महीने इसके गवाह हैं कि ये सरकार राष्ट्रहित में लिए जाने वाले कठिन फैसले लेने में पीछे नहीं रहती। देश में पिछले चार वर्षों में चौतरफा विकास इसलिए संभव हो पाया, उन्हीं संसाधनों के रहते सरकार बेहतर काम इसलिए कर पाई क्योंकि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा गया, व्यवस्थाओं को सही दिशा की तरफ मोड़ा गया है।”

 

प्रधानमंत्री ने रोजगार का जिक्र करते हुए कहा कि आईटी और खुदरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार सृजन हुआ है। उन्होंने कहा, ”80 प्रतिशत मोबाइल फोन अब देश में बनने लगे हैं जिससे विदेशी मुद्रा खर्च में 3 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।”

उन्होंने 2022 तक देश की अर्थव्यवस्था 5 हजार अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य का जिक्र किया और कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत से अधिक दर से कर रही वृद्धि, अगले 5-7 साल में पांच हजार अरब डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले 15 वर्षों में यह 10 हजार अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। प्रधानमंत्री ने तीन सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि इस सरकार के पास कड़े फैसले लेने का साहस है।

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