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देश में दो विचारधाराएं- एक विलंब की तो दूसरी विकास की और विलंब वालों ने पहाड़ों पर रहने वाले लोगों की कभी परवाह नहीं की- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के मंडी में 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की पनबिजली परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 7000 करोड़ की रेणुका बांध परियोजना, 1800 करोड़ की 210 मेगावाट से अधिक की लुहरी स्टेज-1 पनबिजली परियोजना और 66 मेगावाट की धौलासिद्ध पनबिजली परियोजना की भी आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग 2080 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 111 मेगावाट की सावरा-कुड्डू पनबिजली परियोजना का उद्घाटन भी किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में दो अलग-अलग विचारधाराएं हैं। एक विचारधारा विलंब की है और दूसरी विकास की। विलंब की विचारधारा वालों ने पहाड़ों पर रहने वाले लोगों की कभी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर का काम हो, लोगों को बुनियादी सुविधाएं देने का काम हो, विलंब की विचारधारा वालों ने हिमाचल के लोगों को दशकों का इंतजार करवाया। इसी वजह से अटल टनल के काम में बरसों का विलंब हुआ। रेणुका जी परियोजना में भी तीन दशकों का विलंब हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा उन लोगों की विलंब की विचारधारा से अलग, हमारा कमिटमेंट सिर्फ और सिर्फ विकास के लिए है। हमने अटल टनल का काम पूरा करवाया। हमने चंडीगढ़ से मनाली और शिमला को जोड़ने वाली सड़क का चौड़ीकरण किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमारे इन सारे प्रयासों के बीच, आप एक दूसरा मॉडल भी देख रहे हैं जो सिर्फ अपना स्वार्थ देखता है, अपना वोटबैंक देखता है। जिन राज्यों में वो सरकार चला रहे हैं, उसमें प्राथमिकता गरीबों के कल्याण को नहीं बल्कि अपने खुद के कल्याण की है। उन राज्यों का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड भी इस बात का गवाह है कि उन्हें अपने राज्य के लोगों की चिंता नहीं है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत को आज फॉर्मेसी ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता है तो इसके पीछे हिमाचल की बहुत बड़ी ताकत है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान हिमाचल प्रदेश ने ना सिर्फ दूसरे राज्यों, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की है। हिमाचल ने अपनी पूरी वयस्क जनसंख्या को वैक्सीन देने में बाकी सबसे बाजी मार ली। यहां जो सरकार में हैं, वो राजनीतिक स्वार्थ में डूबे नहीं बल्कि उन्होंने पूरा ध्यान, हिमाचल के एक-एक नागरिक को वैक्सीन कैसे मिले, इसमें लगाया है।’

उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ, सतर्कता के साथ, आपकी हर आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। अब सरकार ने तय किया है कि 15 से 18 साल के बीच के बच्चों को भी 3 जनवरी, सोमवार से वैक्सीन लगाना शुरू हो जाएगा। 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें भी डॉक्टरों की सलाह पर प्री-कॉशन डोज का विकल्प दिया गया है। हमारे जो हेल्थ सेक्टर के लोग हैं, फ्रंटलाइन वर्कर हैं, वो पिछले दो साल से कोरोना से लड़ाई में देश की ताकत बने हुए हैं। इन्हें भी 10 जनवरी से प्री-कॉशन डोज देने का काम शुरू होगा।’

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बीते सात वर्षों में देश की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जो काम किए हैं, फौजियों, पूर्व फौजियों के लिए जो निर्णय लिए हैं, उसका भी बहुत बड़ा लाभ हिमाचल के लोगों को हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पूरा विश्व भारत की इस बात की प्रशंसा कर रहा है कि हमारा देश किस तरह पर्यावरण को बचाते हुए विकास को गति दे रहा है। सोलर पावर से लेकर हाइड्रो पावर तक, पवन ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक देश नवीकरण ऊर्जा के हर संसाधन को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत ने 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि वो साल 2030 तक, अपनी ऊर्जा क्षमता का 40 प्रतिशत, नॉन फॉसिल ऊर्जा स्रोतों से पूरा करेगा। आज हर भारतीय को इसका गर्व होगा कि भारत ने अपना ये लक्ष्य, इस साल नवंबर में ही प्राप्त कर लिया है। पहाड़ों को प्लास्टिक की वजह से जो नुकसान हो रहा है, हमारी सरकार उसे लेकर भी सतर्क है। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देशव्यापी अभियान के साथ ही हमारी सरकार, प्लास्टिक Waste मैनेजमेंट पर भी काम कर रही है। हिमाचल को स्वच्छ रखने में, प्लास्टिक और अन्य कचरे से मुक्त रखने में पर्यटकों का भी दायित्व बहुत बड़ा है। इधर उधर फैला प्लास्टिक, नदियों में जाता प्लास्टिक, हिमाचल को जो नुकसान पहुंचा रहा है, उसे रोकने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा।’

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