दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) ने आठ साल पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत के 8 वर्ष पूरे होने पर कहा कि आठ साल पहले आयुष्मान भारत की शुरुआत इस सोच के साथ हुई थी कि हर भारतीय को बेहतर और सस्ता इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि इस योजना से इलाज पर होने वाले खर्च में लोगों की बड़ी बचत हुई है, जिसका सबसे ज्यादा फायदा गरीब और मध्यम वर्ग को मिला है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, अब स्वास्थ्य सेवाएं भी लोगों के घरों के और करीब पहुंच रही हैं। आयुष्मान भारत आज देश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।
Eight years ago, Ayushman Bharat was rolled out with the idea that every Indian should have access to top-quality and affordable healthcare.
Today, more than 60 crore beneficiaries have access to Rs. 5 lakh annual health cover, making it the largest healthcare scheme in the… https://t.co/K7bWTRNlLM
— Narendra Modi (@narendramodi) September 23, 2026
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) ने आठ वर्षों में अपना दायरा लगातार बढ़ाया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 तक 48.51 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो देश की आबादी के करीब 33 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं। यह योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि अब यह एक स्वास्थ्य क्रांति का प्रतीक बन चुकी है, जिसने 60 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी में सीधा असर डाला है।

प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
प्रधानमंत्री मोदी ने 23 सितंबर, 2018 को झारखंड की राजधानी रांची में इस ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना’ की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल इलाज उपलब्ध कराना है। 31 अगस्त 2026 तक 13.25 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती मामलों के इलाज के लिए 2.03 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है। इस समय देशभर में 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल AB-PMJAY के तहत सूचीबद्ध हैं। योजना में 27 मेडिकल स्पेशियलिटी और 1,961 प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें पात्र लाभार्थियों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। मोदी सरकार इस जन आरोग्य योजना को और सुगम और सरल बनाने की कोशिश में जुटी है, ताकि अधिक-से-अधिक गरीब परिवार इसका लाभ उठा सकें। इसके लिए एक वेबसाइट pmjay.gov.in और टोल फ्री नंबर 14555 की मदद से कोई भी जान सकता है कि उसका परिवार लाभार्थियों में शामिल है या नहीं।
अब इलाज के लिए कर्ज नहीं, सरकार का साथ
आयुष्मान भारत योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है – वित्तीय सुरक्षा। देश में लाखों परिवार ऐसे थे जो इलाज का खर्च वहन नहीं कर पाते थे और कर्ज में डूब जाते थे। AB-PMJAY का एक प्रमुख उद्देश्य इसी आर्थिक बोझ को कम करना है। इस योजना के माध्यम से गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के 8 साल बेमिसाल
आयुष्मान भारत योजना🩺💊प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में आज जनता को आयुष्मान भवः का आशीर्वाद मिल रहा है।
यही है अंत्योदय से जनकल्याण का संकल्प।
#8YearsOfAyushmanBharat pic.twitter.com/kzUWjyEUvc
— BJP Scheduled Tribe Morcha (@BJPSTMORCHA) September 23, 2026
गरीबी से सुरक्षा: हर साल 6 करोड़ लोग बचाए गए
स्वास्थ्य व्यय के कारण आर्थिक बर्बादी का जोखिम देश के गरीब वर्ग को सबसे अधिक होता है। लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने यह स्थिति बदल दी है। आंकड़ों के अनुसार, इस योजना ने हर वर्ष लगभग 6 करोड़ लोगों को गरीबी में गिरने से बचाया है। यह किसी भी योजना की दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। अब स्वास्थ्य संकट, आर्थिक संकट में तब्दील नहीं हो रहा, और यही इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है।
“पैसे के अभाव में कोई गरीब इलाज से वंचित न रहे!”
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के इसी सेवा-संकल्प को साकार कर रही है ‘आयुष्मान भारत योजना’।#8YearsOfAyushmanBharat pic.twitter.com/pwF112ahtj
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) September 23, 2026
आयुष्मान आरोग्य मंदिर: स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के करीब
आयुष्मान भारत का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) हैं। देशभर में 1.86 लाख से अधिक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ स्थापित किए जा चुके हैं। इनका उद्देश्य लोगों को प्राथमिक स्तर की व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराना है। इन केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच, सामान्य बीमारियों का इलाज, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य, आंख, कान-नाक-गला और मौखिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जरूरी दवाइयां और 14 से 63 तरह के टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 540 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही ई-संजीवनी जैसी टेलीमेडिसिन सेवाओं के जरिए 17 सितंबर 2026 तक 50 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन किए जा चुके हैं।
इलाज अब मजबूरी नहीं, अधिकार और भरोसे का आधार बन रहा है। #8YearsOfAyushmanBharat pic.twitter.com/e5E8eGffJJ
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) September 23, 2026
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिला कवरेज
मार्च 2024 में सरकार ने योजना का विस्तार करते हुए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWW) और आंगनवाड़ी सहायिकाओं (AWH) के परिवारों को भी इसमें शामिल किया। 21 सितंबर 2026 तक इस वर्ग के लिए 44.81 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इससे देश की जमीनी स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को भी स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है।

बुज़ुर्गों को मिला विशेष लाभ: 70+ आयु वर्ग को प्राथमिकता
11 सितंबर 2024 को सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को योजना के दायरे में शामिल किया। इस विस्तार से करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को कवरेज के दायरे में लाया गया। 21 सितंबर 2026 तक 1.36 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं।
डायलिसिस और सर्जरी अब आम नागरिक की पहुंच में
आयुष्मान भारत योजना के तहत अब डायलिसिस, कार्डियक सर्जरी, नी रिप्लेसमेंट, और अन्य महंगे ऑपरेशन जैसे गंभीर इलाज अब आम आदमी के लिए भी सुलभ हो गए हैं। ये वो उपचार हैं जिन्हें पहले केवल ऊंची आर्थिक स्थिति वाले लोग ही करवा सकते थे। लेकिन अब, योजना के तहत ये सेवाएं गरीबों के लिए भी बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध हैं।
आज गरीब को इलाज के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते।
आयुष्मान भारत योजना ने जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा देकर उनके जीवन में स्वास्थ्य और सम्मान का नया विश्वास जगाया है।
स्वस्थ भारत, सशक्त भारत! #8YearsOfAyushmanBharat pic.twitter.com/Ur1W7GSGSE
— Rivaba Ravindrasinh Jadeja (@Rivaba4BJP) September 23, 2026
आयुष्मान आरोग्य मंदिर: स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण
देशभर में 1.86 लाख से अधिक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ (Health and Wellness Centers) स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र गांव-गांव और कस्बों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 500 करोड़ से ज्यादा विजिट दर्ज की गईं। यानी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अब समुदायों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रही हैं।। यहां आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को 14 से 63 तरह के टेस्ट मुफ्त में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे प्रारंभिक अवस्था में बीमारियों की पहचान संभव हो पा रही है।

हाइपरटेंशन और डायबिटीज की जांच: रोकथाम को मिला बढ़ावा
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने केवल इलाज तक सीमित न रहकर रोग की रोकथाम और जांच को भी प्राथमिकता दी है। 42 करोड़ से अधिक डायबिटीज और हाइपरटेंशन स्क्रीनिंग के साथ-साथ ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की भी करोड़ों स्क्रीनिंग की गईं। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) से लड़ने में एक क्रांतिकारी कदम है।

डिजिटल हेल्थ मिशन: घर बैठे मिले डॉक्टर की सलाह
स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की शुरुआत सितंबर 2021 में की गई थी। इसके तहत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) को डिजिटल हेल्थ आईडी के रूप में विकसित किया गया है। 17 सितंबर 2026 तक 97.61 करोड़ से अधिक सक्रिय ABHA आईडी बनाई जा चुकी हैं और 119.95 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड ABHA से लिंक किए जा चुके हैं। इसके अलावा 5.78 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं और करीब 11 लाख स्वास्थ्य पेशेवर डिजिटल व्यवस्थाओं में पंजीकृत हैं।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए PM-ABHIM
स्वास्थ्य व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) की शुरुआत 25 अक्टूबर 2021 को की गई थी। 2021 से 2026 की अवधि के लिए इस मिशन के तहत 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसका फोकस स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, बीमारी की निगरानी व्यवस्था विकसित करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान क्षमता बढ़ाने पर है।

गरीब और कमजोर वर्गों तक पहुंच
AB-PMJAY के तहत लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 में तय किए गए वंचना और पेशागत मानदंडों के आधार पर की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची छत वाले मकानों में रहने वाले, भूमिहीन मजदूर और अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवार शामिल हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, निर्माण मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, सुरक्षा गार्ड, सफाईकर्मी, ड्राइवर, रिक्शा चालक और मैकेनिक जैसे असंगठित कामगार शामिल हैं। इसके अलावा PM-RAHAT के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित, SMILE के तहत ट्रांसजेंडर लोग, PM CARES के पात्र बच्चे, NAMASTE के तहत सैनिटेशन वर्कर और PM-JANMAN के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) भी योजना से जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए AB-PMJAY का बजट अनुमान 9,500 करोड़ रुपये रखा गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के चार स्तंभ
आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा का मॉडल अब केवल अस्पताल में इलाज तक सीमित नहीं है। आयुष्मान भारत का मॉडल अब चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
1. AB-PMJAY गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा देता है,
2. आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब लाते हैं,
3. ABDM डिजिटल हेल्थ पहचान और रिकॉर्ड की सुविधा देता है, जबकि
4. PM-ABHIM स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और तैयारियों को मजबूत करने पर केंद्रित है। यानी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से लेकर अस्पताल में इलाज, डिजिटल हेल्थ और मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना तक, आयुष्मान भारत का दायरा लगातार व्यापक हुआ है।

सामाजिक बदलाव और नागरिक सशक्तिकरण
इस योजना ने समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सम्मानजनक इलाज का अधिकार सुनिश्चित किया है। लगभग हर 2 में से 1 आयुष्मान कार्ड महिलाओं के नाम है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है। इससे महिलाओं, बुज़ुर्गों, दिव्यांगों, ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों को सीधा लाभ मिला है।

स्वस्थ भारत की दिशा में मजबूत होती स्वास्थ्य सुरक्षा
आठ साल के सफर में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में वित्तीय सुरक्षा के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका मजबूत की है। 48.51 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड, 13.25 करोड़ से ज्यादा अस्पताल में भर्ती मामले और 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वित्तपोषण इसके व्यापक विस्तार को दर्शाते हैं। यह मॉडल इलाज के साथ-साथ प्राथमिक देखभाल, डिजिटल सुविधा और मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना के जरिए लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है।









