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पंजाब में कांग्रेस के बाद अब AAP में घमासान, सीएम चेहरा घोषित नहीं करने पर भगवंत मान नाराज, पार्टी के कार्यक्रमों से बनाई दूरी

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पंजाब कांग्रेस में चल रहा सियासी तूफान फिलहाल टल गया है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बगावती तेवरों ने साफ कर दिया कि आगे चलकर कांग्रेस का चुनावी सफर मुश्लिक होने वाला है। उधर आम आदमी पार्टी में भी तूफान आने से पहले की शांति दिखाई दे रही है, लेकिन अंदर-ही-अंदर सियासी घमासान जारी है। अभी तक सीएम का चेहरा घोषित नहीं करने से नाराज भगंवत मान ने पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बना ली है। वहीं उनके समर्थक उन्हें सीएम का चेहरा घोषित करने के लिए मुहिम चला रहे हैं।  

भगवंत मान को आखिरी बार 26 अगस्त को पंजाब में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में देखा गया था, लेकिन तब से अब तक वह पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं। दरअसल पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भगवंत मान को पार्टी का सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं करना चाहते हैं और किसी और पार्टी या सामाजिक संगठन से बड़े चेहरे की तलाश में है। दूसरी ओर, पंजाब आप के एक बड़े धड़े का कहना है कि पिछले सात सालों से पार्टी में सबसे सक्रिय रहने वाले भगवंत मान को दरकिनार किया जा रहा है।

भगवंत मान के समर्थक उनको दरकिनार किए जाने से नाराज हैं। समर्थकों का कहना है कि जब पार्टी के पास भगवंत मान जैसा सशक्त उम्मीदवार मौजूद है तो हम दूसरी पार्टियों में मुख्यमंत्री क्यों खोज रहे हैं। यही गलती हमने 2017 में भी की थी। आम आदमी पार्टी के कम से कम 5 से 6 विधायकों ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि भगवंत मान को पंजाब में सीएम चेहरे के रूप में पेश किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर मान समर्थकों ने पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा के सरकारी घर के बाहर प्रदर्शन किया था। 

फिलहाल भगवंत मान शांत हैं, लेकिन उन्‍होंने पंजाब के नए मुख्‍यमंत्री चन्‍नी को बधाई देकर राजनीतिक गलियारे में हलचल जरूर तेज कर दी है। वो खुद खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन अपने समर्थकों के माध्यम से पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पार्टी के एक सीनियर विधायक ने कहा कि यह ठीक है कि मान पार्टी में ही बहुत को नाराज करके बैठे हैं लेकिन उनके बिना भी बात नहीं बनेगी। ऐसे में अगर पार्टी किसी दूसरे को सीएम उम्मीदवार बनाती है, तो मान शांत नहीं बैठ सकते हैं और आम आदमी पार्टी की पंजाब ईकाई में सियासी उठा-पटक देखने को मिल सकता है। 

 

 

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