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प्रधानमंत्री मोदी जन्मदिन विशेष : 70 वर्ष की अवस्था में 17 साल का जोश और हिम्मत, पूरी दुनिया ने देखा पीएम मोदी का पराक्रम

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आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 70वां जन्मदिन मना रहा है। पूरे देश से प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनएं मिल रही हैं। 70 की अवस्था में भी प्रधानमंत्री मोदी पूरी ऊर्जा, साहस और समर्पण के साथ देश की सेवा में लगे हुए हैं। कोरोना महामारी, लद्दाख में चीन से टकराव, नेपाल का नक्शा विवाद और अर्थव्यवस्था के सामने उत्पन्न चुनौतियों का जिस हिम्मत और जज्बे के साथ सामना किया है, उससे न सिर्फ भारत, बल्कि पूरा विश्व प्रधानमंत्री मोदी का मुरीद बन चुका है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 17 वर्ष के एक जोशीले युवक की तरह बिना थके, बिना हारे लगातार वर्चुअल बैठकें कीं, वहीं लद्दाख जाकर सैनिकों का हौसला भी बढ़ाया।

लद्दाख के निमू से चीन को कड़ा संदेश 

लद्दाख सीमा पर चीन के दुस्साहस का करारा जवाब और कड़ा संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लद्दाख स्थित निमू में सैनिकों के बीच पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख का दौरा करके बहुत स्पष्ट संदेश दिया कि भारत पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने वाला नहीं है और वह दृढ़ता से हालात से निपटेगा और उसके सशस्त्र बल देश के भूभागों की रक्षा के लिए ठोस दृष्टिकोण अपना रहे हैं। उन्‍होंने जवानों की भरपूर हौसला अफजाई की।

फिंगर 4 की कई चोटियों पर भारतीय सेना का कब्जा

प्रधानमंत्री मोदी के सख्त तेवर और सेना को मिले स्पष्ट निर्देश के बाद भारतीय सेना ने एक तीसरे सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। लद्दाख में जारी तनाव के बीच भारत ने उस समय चीन पर बढ़त हासिल कर ली, जब भारतीय सेना ने पैंगोंग सो झील के किनारे फिंगर 4 के पास कई चोटियों पर कब्जा कर लिया। भारतीय सेना ने अगस्त के आखिर में ही ऊंचाई वाले इलाकों पर कब्जा करने के लिए झील के दक्षिण से ऑपरेशन शुरू कर दिया था।

भारतीय जांबाजों के कारनामे से चीन बौखलाया हुआ है। वह लगातार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। इससे पहले 29-30 अगस्त की रात चीनी सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी। इसके बाद से चीन लगातार तीन बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हर बार उसकी साजिश को भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया। 7 सितंबर को दक्षिणी इलाके में चीन के सैनिकों ने भारतीय पोस्ट की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी और चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी। भारत के सैनिकों ने उन्हें रोक दिया था। 

पाकिस्तानी सीमा में घुसकर सेना का ‘सर्जिकल स्ट्राइक-1’

सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम उठाने के लिए जिस जज्बे की जरूरत होती है, वो जज्बा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में कूट-कूटकर भरा है। भारत की सेना ने 28 और 29 सितंबर, 2016 की दरम्यानी रात को जब पाकिस्तानी सीमा में घुसकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया तो पूरी दुनिया ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी की ताकत का लोहा माना था। पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत अब पूरी दुनिया के सामने आ गया है। सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो सामने आया है जो भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल खड़ा करने वालों के लिए मुंहतोड़ जवाब है।

वीडियो के सामने आने के बाद अब यह साफ हो गया है कि भारत ने पाकिस्तान को उसी के घर में घुसकर सबक सिखाया था। सर्जिकल स्ट्राइक को दो टीमों ने अंजाम दिया था, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान स्थित कई लॉचिंग पैड को ध्वस्त कर दिया गया था। भारत की तरफ से चार टारगेट बनाए गए थे, इस पूरे स्ट्राइक का वीडियो UAV & HEAD MOUNTED CAMS से कैद की गई थी। भारत के द्वारा की गई सर्जिकल स्टाइक में पाकिस्तान के 38 आतंकवादी मारे गए थे।

सर्जिकल स्ट्राइक-2

मोदी सरकार ने पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। भारतीय वायुसेना ने सर्जिकल स्ट्राइक-2 के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की। इसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैएबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन के कैंप तबाह हो गए। जानकारी के मुताबिक हमले में जैश-ए-मोहम्मद का कश्मीर ऑपरेशन का चीफ मुफ्ती अजहर खान और जैश चीफ मसूद अजहर का बड़ा भाई इब्राहिम अजहर सहित कुल 250 से 300 आतंकी मारे गए।

सफल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत ने इसकी जानकारी विश्व समुदाय को भी दी। भारत ने अपने राजदूतों को निर्देश दिया कि वो स्थानीय सरकारों को जानकारी दे कि ये हमला पाकिस्तान के खिलाफ नहीं किया गया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ किया गया। भारत के इस कार्रवाई को विश्व के कई देशों का समर्थन मिला।

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