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सोशल मीडिया में एक्सपोज हो रहे हैं सुब्रमण्यम स्वामी

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हर बात की क्रेडिट लेने और झूठ बोलने की ‘बीमारी’ से ग्रस्त राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर उनकी हर एक बात को लोग तर्क के साथ उन्हें एक्सपोज कर रहे हैं। पूरे राजनीतिक करियर के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी की निष्ठा बदलती रही है। सोशल मीडिया के इस दौर में उनके एक-एक बयान को निकाल कर उन्हें एक्सपोज किया जा रहा है। बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिह बग्गा ने ट्वीट कर लिखा कि डियर स्वामी, आपने वर्षों तक कहा कि RSS आतंकवादी संगठन है, लेकिन 1999 के बाद आप विराट हिंदू बन गए,जब आपको सोनिया गांधी से कुछ नहीं मिला। क्या आप किसी एक व्यक्ति के प्रति निष्ठावान रह सकते हैं?

एक और ट्वीट में तेजिंदर पाल सिंह ने पूछा कि क्या यह सच है कि आपने 2014 के अक्टूबर महीने में एक महिला पत्रकार से मिले थे और उनसे कहा कि मैं छह महीने बाद प्रधानमंत्री मोदी को एक्सपोज करना शुरू करूंगा। उस समय आपको करने का मौका नहीं मिला और आप अब कर रहे हैं। हमलोग आपके इतिहास को जानते हैं। आपने सोनिया गांधी के लिए अटल जी को धोखा दिया। 

सोशल तमाशा ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि हर कोई जानता है कि आपने वाजपेयी सरकार के साथ धोखा किया था और तब एक वोट के कारण सरकार बच नहीं पाई थी। हालांकि इस ट्वीट के रिप्लाई में सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने तर्क दिए हैं।   

 

सीनियर लीडर सुब्रमण्यम स्वामी आजकल सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल हो रहे हैं। यूजर्स उन्हें निशाना बना रहे हैं। स्वामी पिछले दिनों एक के बाद एक कई झूठ बोलते पकड़े गए हैं। देखिए सोशल मीडिया पर स्वामी के झूठ…

काशी विश्वनाथ मुक्ति समिति के अध्यक्ष बनाए जाने का झूठा दावा
सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि संतों की बैठक में मुझे काशी विश्वनाथ मंदिर मुक्ति समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने दावा किया काशी विश्वनाथ की मुक्ति के लिए प्रमुख संतों की बैठक में स्वामी जितेन्द्रानंद को महासचिव और मुझे अध्यक्ष बनाया गया है। लेकिन स्वामी जितेन्द्रानंद ने साफ कहा कि संत समिति की बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके बाद लोगों ने सुब्रमण्यम स्वामी को निशाने पर ले लिया।

8 लाख स्टूडेंट्स को बता दिया 18 लाख
बुधवार, 9 सितंबर को ही स्वामी गलत जानकारी को लेकर यूजर्स के निशाने पर आ गए। उन्होंने ट्वीट किया, ”मेरे पास इस बात की सटीक जानकारी है कि पिछले सप्ताह कितने छात्रों ने जेईई की परीक्षा दी। JEE मेन्स के लिए 18 लाख छात्रों ने पास डाउनलोड किया जिनमें से सिर्फ 8 लाख ही परीक्षा देने पहुंचे। ये उस देश के लिए अपमान है जो विद्या और ज्ञान का विस्तार करता है!’ सुब्रमण्यम स्वामी की इस प्रतिक्रिया पर खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जवाब देते हुए लिखा, ”स्वामी जी मैं #JEE (मुख्य) परीक्षा के संबंध में कुछ तथ्यों के रिकॉर्ड आपके समक्ष रखना चाहूंगा। #JEEMains के लिए आवेदकों की संख्या 8.58 लाख है न कि 18 लाख, जैसा आपने ट्वीट किया था।” शिक्षा मंत्री निशंक के जवाब देते ही लोगों ने सुब्रमण्यम स्वामी को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं यूजर्स स्वामी को लेकर मीम्स भी शेयर करने लगे।

खुद को बधाई देने पर हो गए ट्रोल
अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना की कहावत भी उनपर पूरी तरह से चरितार्थ होती है। सुब्रमण्यम स्वामी ने 11 सितंबर को एक ऐसा ट्वीट किया जिससे एक बार फिर लोगों के निशाने पर आ गए। दरअसल ट्विटर पर 10 मिलियन फॉलोअर होने पर उन्होंने खुद को बधाई दे दी। इसके बाद लोग मजे लेने लगे।

 

 

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