Home इतिहास के झरोखे में नरेन्द्र मोदी इतिहास के झरोखे में नरेन्द्र मोदीः 16 जून

इतिहास के झरोखे में नरेन्द्र मोदीः 16 जून

SHARE

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर दिन देश की सेवा और विकास को समर्पित रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने हर तारीख को किसी न किसी बड़े बदलाव, ऐतिहासिक निर्णय या अभूतपूर्व उपलब्धि का साक्षी बनते देखा है। आइए देखते हैं आज का यह दिन उनके कार्यकाल और भारत के गौरवशाली इतिहास में क्यों इतना महत्वपूर्ण है और कैसे यह हमारी निरंतर प्रगति की कहानी को बयां करता है-

16 जून 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया से रवाना हो पर कहा कि यहां की ऐतिहासिक और अत्यंत सफल यात्रा का समापन हो रहा है। इस यात्रा के परिणाम हमारे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से विशेष रूप से हमारे युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा। स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मुझे विशेष रूप से प्रधानमंत्री फिको का धन्यवाद, जो मुझे विदा करने के लिए स्वयं आए। इसके लिए मैं उनका अत्यंत आभारी हूं।

16 जून 2025
प्रधानमंत्री और साइप्रस के राष्ट्रपति ने साइप्रस और भारत के व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को साइप्रस के सम्मान ‘ग्रांड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मैकारियोस III’ से अलंकृत किया।

16 जून 2024
प्रधानमंत्री ने पादहस्तासन योग अथवा हाथों से पैरों तक की मुद्रा पर विस्तृत वीडियो क्लिप्स साझा की, साथ ही जनमानस को इस आसन का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी के लिए उत्तम है और मासिक धर्म के दर्द निवारण में सहायता करता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 10वें संस्करण से पहले साझा इस वीडियो में इस आसन को करने के चरणों के बारे में व्यापक रूप से बताया गया है।

16 जून 2023
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से जी20 कृषि मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न योग आसनों को दर्शाने वाले वीडियो का एक सेट साझा किया।

प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने, सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने तथा देश की समृद्ध जैव-विविधता को संरक्षित करने से जुड़े महत्वपूर्ण कदमों के बारे में लेख, ग्राफिक्स, वीडियो और जानकारी साझा की है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अपनी परंपराओं और लोकाचार के अनुरूप, हमने #9YearsOfSustainableGrowth पर ध्यान केंद्रित किया है। हमने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने, सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने और भारत की समृद्ध जैव-विविधता को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।”

16 जून 2022
प्रधानमंत्री ने कहा है कि आसनों के अलावा योग में कई प्रकार के श्वसन व्यायाम भी शामिल होते हैं जो सेहत के लिए अनेक प्रकार से लाभकारी हैं। श्री मोदी ने एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें योगाभ्यास के बारे में जानकारी दी गई है।

प्रधानमंत्री ने आसियान के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

16 जून 2021
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्मम से विवाटेक सम्मेलन के पांचवें संस्करण में बतौर मुख्य अतिथि संबोधन,मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात। 

फाइल फोटो

16 जून 2020
कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए आगे की योजना बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत।

16 जून 2019
नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में भाग लिया, यूपी, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात।

16 जून 2017
कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जाइ-इन के विशेष दूत दोंगचेआ चुंग से मुलाकात और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत।

16 जून 2016
नई दिल्ली में राजस्‍व ज्ञान संगम के अवसर पर कर प्रशासकों को संबोधित किया, फिक्की के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात।

16 जून 2015
बालिकाओं को शिक्षित करने और उन्हें अधिकार संपन्न बनाने संबंधी विश्व अभियान “गर्ल राइजिंग” के प्रतिनिधियों से मुलाकात, रमजान के पवित्र महीने से पहले दक्षिण एशियाई नेताओं से टेलीफोन पर बात की, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार से मुलाकात, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात।

16 जून 2014
भूटान की संसद के संयुक्‍त अधिवेशन में संबोधन, भूटान के राजा-रानी से मुलाकात,भूटान के सर्वोच्च न्यायालय के भवन का उदघाटन, कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश के लिए रवाना।

Leave a Reply