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कांग्रेस ने की कश्मीर नरसंहार का ठीकरा जगमोहन पर फोड़ने की कोशिश, लपेटे में आ गए राजीव-इंदिरा

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देशभर में आजकल ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) की चर्चा है। कश्मीरी पंडितों पर बनी विवेक अग्निहोत्री की इस फिल्म ने 1990 के दशक के कश्मीर की भयावह स्थिति सामने लाकर कर रख दी है। कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार पर केंद्रित फिल्म की रिलीज के बाद कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई है। ऐसे में खुद को पाक साफ दिखाने के लिए कांग्रेस गवर्नर जगमोहन को बदनाम करने में जुट गई है। केरल कांग्रेस ने Facts about #KashmiriPandits issue के नाम से कई ट्वीट कर कहा, ‘पंडितों ने गवर्नर जगमोहन के निर्देश पर सामूहिक रूप से घाटी छोड़ दी थी, वह आरएसएस मैन थे।’ इसके साथ ही केरल कांग्रेस ने ट्वीट किया कि कश्मीर में कश्मीर पंडितों से ज्यादा मुसलमान मारे गए हैं। केरल कांग्रेस के ट्वीट पर कंचन गुप्ता ने जवाब देते हुए लिखा कि अगर जगमोहन ‘RSS Man’ थे तो कांग्रेस पीएम इंदिरा गांधी ने उन्हें 1984 में जम्मू-कश्मीर का गवर्नर क्यों नियुक्त किया था। इस पोस्ट पर वह राजीव गांधी के समय में भी क्यों रहे। उन्होंने 14 अप्रैल 1990 को श्रीनगर से प्रकाशित उर्दू अखबार ‘Alsafa’ की कुछ लाइनों वाला एक कागज शेयर करते हुए लिखा कि जगमोहन को 19 जनवरी 1990 को जम्मू-कश्मीर का गवर्नर बनाया गया था। वह जम्मू में थे और 21 जनवरी को श्रीनगर पहुंचे। 19 जनवरी की रात में ही कश्मीरी पंडितों पर जुल्म ढाए गए और उन्हें घाटी छोड़कर जाना पड़ा।

कांग्रेस खुद को बचाने के लिए जगमोहन को ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, लेकिन एशियानेट की खबर के अनुसार जगमोहन दो बार जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे और पहली बार कांग्रेस सरकार ने 1984 में उन्हें राज्यपाल बनाकर भेजा था। तब वह जून 1989 तक इस पद पर रहे। फिर वीपी सिंह सरकार ने उन्हें दोबारा जनवरी 1990 में राज्यपाल बनाकर भेजा। तब वह इस पद पर मई 1990 तक रहे। जबकि कश्मीर से कश्मीरी पंडितों का पलायन उससे पहले शुरू हो गया था। 1981 तक कश्मीर में पंडितों की आबादी सिर्फ 5 प्रतिशत बची थी। 1990 के दशक में आतंकवाद के उभार के दौरान कट्टरपंथी इस्लामवादियों और आतंकवादियों द्वारा उत्पीड़न और धमकियों के बाद उनका पलायन और बढ़ गया। 19 जनवरी, 1990 को मस्जिदों से घोषणाएं की गईं कि कश्मीरी पंडित को या तो कश्मीर छोड़ना होगा या इस्लाम में परिवर्तित होना होगा या उन्हें मार दिया जाएगा। 

केरल कांग्रेस के ट्वीट के बाद लोग गवर्नर जगमोहन की ओर से तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भेजे गए पत्र का जिक्र कर राजीव के साथ इंदिरा गांधी को भी घेरे में ले रहे हैं। कुछ यूजर्स जगमोहन की किताब का जिक्र कर कांग्रेसी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस की किरकिरी हो रही है और यूजर्स लताड़ लगा रहे हैं। ऐसे में केरल कांग्रेस ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

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