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कोरोना के बदलते रूप से निपटने के लिए नए-नए तरीके कारगर : पीएम मोदी

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वैश्विक महामारी कोरोना की चुनौतियों से निपटने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार नए-नए तरीके और प्रभावशाली रणनीति बनाने पर बल दिया है। उनका कहना है कि यह वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है, इसलिए हमारे वैज्ञानिक भी उनसे निपटने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए तरीके और प्रभावशाली रणनीति के माध्यम से ही कोरोना वायरस के बदलते और गंभीर होते रूप से निपटा जा सकता है।   

वायरस का बदलता रूप वयस्कों के लिए जोखिम भरा

कोविड की ताजा स्थिति के बारे में जानकारियों के आदान-प्रदान करने के लिए 10 राज्यों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का बदलता रूप खासकर वयस्कों और बच्चों के लिए ज्यादा जोखिम भरा है। उन्होंने राज्यों के प्रशासन और जिलाधिकारियों से इस संक्रामक रोग की गंभीरता से संबंधित आंकड़े जुटाने को कहा है। पीएम मोदी कहा कि इससे आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।

टीके की आपूर्ति बनाए रखने में जुटी है सरकार

देश में कोविड टीकों की हो रही बर्बादी की आ रही खबरों के बीच पीएम मोदी ने उसे रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक टीके की बर्बादी का मतलब एक जीवन को असुरक्षित करने के बराबर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार टीकों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को टीकों के 15 दिन के स्टॉक की उपलब्धता के बारे में पहले ही सूचना दे देता है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि आने वाले दिनों में जिलास्तर पर टीकों की आपूर्ति बढ़ाकर टीकाकरण अभियान को और मजबूती मिलेगी।

नियम का पालन ही बचने के उपाय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोरोना के सक्रिय मामलों में कमी आने के बावजूद कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियां अभी भी बनी हुई है। कोविड महामारी से बचने के नियमों का पालन करना ही इस बीमारी से बचने का एक सशक्त माध्यम है। कोविड महामारी से लड़ने में जिलाधिकारियों की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों और अनुभवों को साझा करने से इस महामारी से निपटने के लिए प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता जीवन को बचाने के साथ-साथ जीवन को सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन और अन्य जरूरत की चीजें मिलती रहनी चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि कालाबाजारी को रोकने की जरूरत है।

देश भर में आयुष कोविड हेल्पलाइन की शुरुआत

कोरोना को मात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास करने में जुटी है। अपने इसी प्रयास के तहत मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक समर्पित सामुदायिक सहायता हेल्पलाइन शुरू की है। इसके जरिए कोविड-19 की चुनौतियों के समाधान के लिए आयुष आधारित उपाय बताए जाएंगे। इसका टोल-फ्री नंबर 14443 है। यह हेल्पलाइन पूरे देश में शुरू हो गई है और सप्ताह के सातों दिन सुबह छह बजे से आधी रात बारह बजे तक खुली रहेगी। इस हेल्पलाइन के जरिए आयुष की विभिन्न विधाओं जैसे आयुर्वेद, होमियोपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और यूनानी चिकित्सा के विशेषज्ञ समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध रहेंगे। ये विशेषज्ञ केवल मरीजों की काउंसलिंग और उपचार ही नहीं करेंगे बल्कि उन्हें ये भी बताएंगे कि कौन सा आयुष केंद्र नजदीक है और कहां है।

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