Home विशेष लक्षद्वीप में विकास की अभूतपूर्व पहल से बौखलाए सांसद मोहम्मद फैजल

लक्षद्वीप में विकास की अभूतपूर्व पहल से बौखलाए सांसद मोहम्मद फैजल

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केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप के एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। वे कह रहे हैं कि वहां के मौजूदा प्रशासक प्रफुल पटेल जनविरोधी कदम उठा रहे हैं, इसलिए उन्हें हटा देना चाहिए। ऐसे में ये सवाल जरूरी है कि आखिर एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल सही बोल रहे हैं या फिर मौजूदा प्रशासक कुछ नया करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने लक्षद्वीप में विकास कार्यों को खंगालने की कोशिश की। इससे मोहम्मद फैजल की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है। साथ ही इस चीज को भी गहराई में जाकर देखने की जरूरत है कि मौजूदा प्रशासन में किस तरह से लक्षद्वीप का कायाकल्प हो रहा है, कैसे विकास की दौड़ में पिछड़ा रहा यह हिस्सा प्रगति के नए मानदंड गढ़ने को बेताब है।

देश के दक्षिण में अरब सागर में स्थित लक्षद्वीप प्राकृतिक सुंदरता से भरा केंद्रशासित प्रदेश है। पर्यटन एवं सामरिक दोनों दृष्टिकोण से यह बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आजादी के 73 वर्ष के बाद भी यहां का विकास इस क्षेत्र की संभावनाओं के अनुरूप नहीं हो सका। ऐसे में हाल ही में यहां प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से विकास को एक नई दिशा एवं गति मिली है। प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से लक्षद्वीप के भविष्य के लिए नींव रखी है।

हम जानते हैं कि लक्षद्वीप जैसी ही प्राकृतिक सुंदरता एवं समान भौगोलिक स्थिति रखने वाला मालदीव पर्यटन के क्षेत्र में किस प्रकार तेजी से विश्व के मानचित्र पर उभरा है। लेकिन लक्षद्वीप में आज भी पर्यटन के लिए बुनियादी सुविधाएं नगण्य हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा यहां नीति आयोग के सहयोग से मिनिकॉय, कादमत और सुहेली में तीन इको फ्रेंडली टूरिज्म वाटर विला प्रोजेक्ट्स मालदीव की तर्ज पर विकसित किए जा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया अगस्त से शुरू हो जाएगी। इससे यहां के पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा, टूरिस्टों को ठहरने एवं मनोरंजन की सुविधा मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और कारोबार के नए अवसर प्राप्त होंगे। पर्यटन को ध्यान में रखते हुए केवल पर्यटकों के लिए चिन्हित स्थलों पर ही Liquor Permit दी गई है।

पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास के लिए आवाजाही की सुगमता की अहम भूमिका है। अभी तक अगाती हवाईअड्डे पर कम क्षमता वाले (जैसे कि ATR विमान) विमान ही उतर पाते थे, जिसके कारण राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक कम संख्या में ही आ पाते थे। 

प्रशासन ने अगाती की हवाई पट्टी के विस्तार की प्रक्रिया भारत सरकार के सहयोग से प्रारंभ कर दी है। इससे यहां बोइंग और एयरबस जैसे अधिक क्षमता वाले प्लेन उतर सकेंगे, जिससे आवाजाही सुगम होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

आज के दौर में किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नेट कनेक्टिविटी होना अत्यंत आवश्यक है। परंतु लक्षद्वीप में आज भी नेट कनेक्टिविटी एक बहुत बड़ी समस्या है। प्रधानमंत्री मोदी ने लक्षद्वीप के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए 1072 करोड़ की लागत की Submarine Optical Fibre Cable के प्रोजेक्ट की सौगात दी है, जिस पर 2023-24 तक काम पूरा हो जाएगा। इससे यहां Online Education, e-Medicine एवं विभिन्न प्रकार की तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, रोजगार एवं व्यवसाय के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। यहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई और बड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे- आपदा प्रबंधन, चिकित्सकीय सुविधाएं एवं सामरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कवरत्ती के हेलीपैड को Night Landing की सुविधा दी जा रही है, जिससे Coast Guard और Navy के chopper भी वहां से आवाजाही और पार्किंग कर पाएंगे।

प्रशासन ने उत्तरी छोर पर स्थित द्वीपों पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। इसके तहत कोच्चि के अतिरिक्त मंगलोर पोर्ट से माल ढुलाई की शुरुआत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। यह इसलिए आसान होगा क्योंकि यह भूभाग भौगोलिक आधार पर मंगलोर पोर्ट के ज्यादा नजदीक है। इस समुद्री मार्ग के इस्तेमाल से लगभग 75 नॉटिकल माइल की दूरी कम होगी और नौ घंटे के समय की बचत होगी। इतना ही नहीं, इससे माल ढुलाई की लागत में लगभग 200 रुपए प्रति टन की कमी भी आएगी।

विश्व स्तरीय सुविधाएं एवं बुनियादी ढांचों के विकास के लिए कवरत्ती (12000 की आबादी) को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है। इसके स्कोप को बढ़ाते हुए 4 महत्वपूर्ण आइलैंड्स को भी इसमें सम्मिलित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए Town Country Planning Regulation को Notify किया जाना आवश्यक है, जिसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

इस केंद्रशासित प्रदेश में नारियल के लगभग 10.5 लाख पेड़ एवं सालाना लगभग 10.5 करोड़ नारियल का उत्पादन होने के बावजूद आज तक नारियल एवं इसके उत्पाद के मूल्यसंवर्धन और विपणन को व्यावसायिक स्तर पर विकसित नहीं किया गया है।

इसके चलते किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन ने पहल कर Coconut Development Board, Coir Board Kochi और NCDC के साथ मिलकर नारियल के Value addition और इसकी प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के प्रयास किए हैं, जिससे यहां के नागरिकों की आय जल्द दोगुनी हो सकेगी।

लक्षद्वीप के समुद्र में टूना मछली प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। प्रतिवर्ष लगभग 25,000 मीट्रिक टन मछली पकड़ी जाती है, जिसमें 92% टूना फिश होती है। लेकिन यहां Ice एवं फिश प्रोसेसिंग की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण मछुआरे भाइयों और बहनों को उचित मूल्य नहीं मिलता है। प्रशासन ने इस दिशा में कदम उठाते हुए मिनिकॉय, बितरा, अगाती में Ice plant (कवरत्ती और कादमत के अतिरिक्त) स्थापित किया है।

अमीनी में भी यह स्थापित किया जा रहा है। इससे टूना फिश की वैल्यू एवं गुणवत्ता को सहेजकर रखने में सहायता मिलेगी। Tuna Fish के निर्यात को बढ़ाने के लिए आधुनिकतम संवर्धन हेतु NCDC के साथ MoU किया गया है। इसके साथ-साथ NCDC, MPEDA एवं अन्य संस्थाओं द्वारा फिश निर्यात के लिए नए बाजार तलाशे जा रहे हैं, जिससे मछुआरों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।

महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए यहां सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से Sea weed की खेती का देश का सबसे बड़ा Hub बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यहां के पंचायत कानून में महिलाओं को 50% आरक्षण प्रदान करवाया है।

इससे यहां की महिलाएं भी लक्षद्वीप के विकास की योजना बना सकेंगी और इसके भविष्य की बागडोर संभाल सकेंगी। गौर करने वाली बात है कि देश के अन्य राज्यों के पंचायत कानून के प्रावधान की तर्ज पर ही यहां के पंचायत कानून में भी संशोधन किए गए हैं।

लक्षद्वीप के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की सुविधाएं अपर्याप्त हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने उच्च शिक्षा के अवसर देने के लिए कवरत्ती में नर्सिंग कॉलेज एवं पैरामेडिकल कॉलेज और मिनिकॉय में पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पॉलिटेक्निक कॉलेज में Mechanical, Electrical एवं Marine Engineering Courses के साथ यहां के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने का मौका मिलेगा। मिनिकॉय के युवा जो Merchant Navy में जाने के लिए इच्छुक रहते हैं, उनके लिए तो यह स्वर्णिम अवसर उपलब्ध कराने वाला साबित होगा। ये पाठ्यक्रम इसी वर्ष आने वाले शैक्षणिक-सत्र में आरंभ हो जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों के लिए कवरत्ती में एक नए आधुनिकतम हाई स्कूल के लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जिसकी आवश्यकता वहां के स्थानीय निवासियों द्वारा दशकों से महसूस की जा रही थी।

आजादी के 73 साल के बाद भी यहां हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जैसा होना चाहिए था, वैसा विकसित नहीं हुआ। इसी को ध्यान में रखते हुए अगाती, मिनिकॉय और कवरत्ती में संपूर्ण सुविधाओं वाले Sea Facing Hospitals का निर्माण किया जा रहा है।

कोरोना महामारी से निपटने के लिए भी प्रशासन ने विशेष पहल की है। प्रशासन के प्रयासों से अगाती और कवरत्ती में भारत सरकार द्वारा दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ सीएसआर के माध्यम से मिनिकॉय में एक ऑक्सीजन का प्लांट लगाया जा रहा है। लक्षद्वीप को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

ऐसे अनेक कदम उठाए गए हैं, जो लक्षद्वीप को देश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले हैं। जैसे पूरे भारत में सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू जैसे कि IOCL) द्वारा जिस प्रकार पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की जाती है, उसी प्रकार लक्षद्वीप में भी स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करते हुए उनके द्वारा ही Retail Outlets चलाए जाएंगे।

हम जानते हैं कि पूरे लक्षद्वीप के लिए बिजली डीजल जेनरेटर से ही पैदा होती है। इससे यहां के पर्यावरण पर बहुत ही विपरीत प्रभाव पड़ता है। यहां के प्राकृतिक वातावरण को बचाने के प्रयास के अंतर्गत Green Energy and Clean Energy के लिए भारत सरकार ने बिजली उत्पादन के Privatisation की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

इन सबके अलावा इस केंद्रशासित प्रदेश के निवासियों के लिए शुद्ध दूध, दही, पनीर, घी, मक्खन जैसी चीजें उपलब्ध हो, उसके लिए सभी दसों आइलैंड्स पर AMUL के Outlets खोले जाने का प्रयास किया जा रहा है।

लक्षद्वीप में मिड डे मील और गरीबों के लिए NFSA के तहत जितना भी राशन आता था, वो सारा एक ही आइलैंड पर आता था और वहां से विभिन्न द्वीपों पर पहुंचाया जाता था। FCI से अनुरोध करके अब सारा राशन FCI द्वारा ही सभी आइलैंड्स में पहुंचाया जाएगा। इससे राशन का दुरुपयोग एवं खुले बाजार में उसकी बिक्री पर अब अंकुश लगेगा और वितरण के खर्च में भी बचत होगी। इससे भी यहां के खाद्यान्न माफिया को भी चोट पहुंची है और वह दुष्प्रचार पर उतरा है।

प्रशासन द्वारा लक्षद्वीप में अनेक स्थानों पर वर्षों से किए हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है, जिसके विरोध में निजी स्वार्थ से प्रेरित दुष्प्रचार किया जा रहा है।

एक भ्रामक प्रचार यह किया जा रहा है कि दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति चुनाव में उम्मीदवार नहीं हो सकते। इस संदर्भ में यहां यह स्पष्ट करना जरूरी हो जाता है कि जब यह पंचायत कानून अधिसूचित किया जाएगा, इसके प्रावधान केवल उसी तिथि के बाद जन्म लेने वाले शिशुओं के माता-पिता पर लागू होंगे।

सख्त कानून से अपराध नियंत्रण पर जोर
लक्षद्वीप में कुछ दिन पहले 300 किलोग्राम हेरोइन जब्त हुई है, जिसका अंतर्राष्ट्रीय मूल्य 3000 करोड़ रु है। इसके साथ ही पांच AK-47 राइफल्स और 1000 live rounds पकड़े गए थे। इसी तरह से यहां पर गांजे एवं शराब की अवैध तस्करी एवं POCSO के भी कई मामले दर्ज हुए हैं। इस छोटे से केंद्रशासित प्रदेश में ऐसे गैरकानूनी धंधों से यहां के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए लक्षद्वीप में अब सख्त एवं कड़े कानून पर जोर है। ऐसे में जिन लोगों के निजी स्वार्थ गैरकानूनी धंधों से जुड़े हुए हैं, वे यहां पर सख्त कानून के विरुद्ध दुष्प्रचार में जुटे हुए हैं।

एक और मुख्य बात जिसे समझने की जरूरत है, वह ये कि देश के कई राज्यों ने जो गौ-संरक्षण कानून बनाए हैं, उसी तर्ज पर लक्षद्वीप में भी कानून लाया गया है। जो लोग इसके गैरकानूनी धंधो से जुड़े हैं एवं जिनके निजी स्वार्थ हैं, वे ही इसके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं।

जाहिर है, लक्षद्वीप के नागरिकों, विशेषकर मछुआरों, महिलाओं एवं युवाओं की संपन्नता एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रशासन ने अनेक कार्य जमीन पर शुरू कर दिए हैं। ऐसे में जिन लोगों के निहित स्वार्थ पर आघात हो रहा है, वे लोग ही प्रशासन पर उंगली उठाने में लगे हैं। मोहम्मद फैजल भी उनसे अलग नहीं।

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