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कोरोना टीकाकरण 67 करोड़ के पार: लेकिन देश को डरा रहा है केरल मॉडल, बन सकता है तीसरी लहर का कारण

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देश में कोरोना टीकाकरण 67 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर के पार पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में 74 लाख 84 हजार टीके लगाने के साथ कुल टीकाकरण 67 करोड़ 09 लाख 59 हजार 968 के पार पहुंच गया है। इससे पिछले 24 घंटों में 34,791 कोरोना रोगियों के स्वस्थ होने के साथ ही कुल ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 3,20,63,616 हो गई है। स्वस्थ होने की दर 97.45 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक वैक्सीन की 65 करोड़ से अधिक कुल 65,00,99,080 खुराकें उपलब्ध कराई हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी वैक्सीन की 4.36 करोड़ से अधिक खुराकें उपलब्‍ध है, जिन्हें लगाया जाना है।

केरल की बात करें तो यहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केरल में पिछले 24 घंटे में 32,097 नए मामले सामने आने के साथ ही कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 41,22,133 हो गई, जबकि 188 और कोरोना मरीजों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 21,149 पर पहुंच गई है।

कोरोना काल में यह छोटा सा राज्य देश को डरा रहा है। देश में जहां कोरोना के मामले कम हो रहे हैं, वहीं केरल कोरोना हब बन गया है। लोगों को डर है कि संभावित तीसरी लहर केरल से ही दस्तक दे सकती है। कोरोना मामले में आगे होने के बाद भी यहां की वामपंथी सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट दे दी थी। इससे राज्य में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हो गया। तथाकथित सेकुलर, लिबरल पक्षकारों के बल पर केरल मॉडल को लेकर वाहवाही लूटने वाली वामपंथी सरकार कोरोना प्रबंधन में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रोपगेंडा और लेफ्ट मीडिया के बल पर दुनिया भर में केरल मॉडल का बखान करने वाली केरल सरकार की पोल खुल गई है। बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ये डरावना है कि ऐसे हालात होने को बावजूद पाबंदियों में इस तरह छूट दी गई। कोरोना के इस हालात में रियायत देना सॉरी स्टेट ऑफ अफेयर है। 

इस सबके बावजूद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका नजारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी के साथ छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में देखने को मिला।

सीएम पी विजयन बैठक के दौरान चाय पीते और कुछ खाते दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि वे सिर्फ बैठक में शामिल होने की औपचारिकता निभा रहे थे। उनकी हरकत से साफ लग रहा था कि बैठक में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। देखिए वीडियो-

इतना सब होने के बाद भी लेफ्ट के करीबी पक्षकार केरल के सीएम का पक्ष ले रहे हैं और केरल मॉडल की प्रशंसा करने में जुटे हुए हैं। इसे क्या कहिएगा

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