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युद्धग्रस्त यूक्रेन की मदद को आगे आया भारत, भेज रहा राहत सामग्री, ‘ऑपरेशन गंगा’ में शामिल हुई भारतीय वायुसेना

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रूस और यूक्रेन के बीच छह दिनों से जारी युद्ध से यूक्रेन में हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। निर्दोष जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। रूसी हमलों से लोगों की जिंदगी बदतर हो गई है। लोगों के पास खाने पीने का सामान खत्म होना शुरू हो गया है और ज्यादातर शहरों में सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। हमले से बचने के लिए हजारों लोग पड़ोसी देशों के सीमावर्ती इलाकों में शरण ले रहे हैं, जिससे वहां मानवीय संकट पैदा हो गया है।

भारत ने यूक्रेन को भेजी मानवीय सहायता

जंग से बिगड़ते हालातों को देखते हुए अब भारत, यूक्रेन की मदद के लिए आगे आया है। भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता भेजी है। जिसमें टेंट, कंबल, सर्जिकल दस्ताने, सुरक्षात्मक आई गियर, पानी के भंडारण टैंक, स्लीपिंग मैट, तिरपाल और दवाएं शामिल हैं। भारतीय वायु सेना के दो C-17 विमान राहत सामग्री के साथ बुधवार यानि 02 मार्च, 2022 की सुबह हिंडन एअरबेस से रोमानिया और हंगरी के लिए रवाना हो गए। विमान यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को स्‍वदेश वापस लेकर आएंगे।

मोदी सरकार के फैसले की चौतरफा तारीफ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार (28 फरवरी, 2022) को एक उच्च स्तरीय बैठक की गई थी। इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया। इस फैसले की चौतरफा तारीफ हो रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा ने भारत से राहत सामग्री भेजने की अपील की थी। इसके अलावा रेड क्रॉस ने मंगलवार को युद्ध से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 25 करोड़ स्विस फ्रैंक (27.2 करोड़ डॉलर) दान की अपील की।

ऑपरेशन गंगा के तहत वायुसेना ने संभाला मोर्चा

यूक्रेन को राहत सामग्री सप्लाई करने के अतिरिक्त भारत अपने लोगों को युद्ध क्षेत्र से निकालने के लिए भी जुटा हुआ है। ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय लोगों को एअर इंडिया की खास फ्लाइट्स के माध्यम से भारत लाने का क्रम जारी है। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए जारी प्रयासों की समीक्षा की और देश की वायुसेना से ऑपरेशन गंगा में सहयोग करने को कहा। प्रधानमंत्री का निर्देश मिलते ही वायुसेना ने तैयारियां शुरू कर दीं और इस अभियान में अपने सबसे बड़े परिवहन विमान C-17 ग्लोबमास्टर को लगा दिया। भारतीय वायुसेना ने भी कहा कि यूक्रेन से अपने नागरिकों को निकालने के लिए जिस तरह की भी जरूरत है, उसके लिए वह तैयार है।

C-17 विमान में 300-400 लोगों को लाने की क्षमता

भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल संदीप सिंह ने कहा कि अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का भारतीय वायुसेना पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। दोनों देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए वायुसेना एक दिन में चार विमान भेज सकती है। भारतीयों को निकालने के लिए सुबह से ही वायुसेना के तीन विमान भेजे जा चुके हैं। C-17 ग्लोबमास्टर में एक साथ 300 से 400 लोगों को लाया जा सकता है।

 

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