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चीन ने अरुणाचल से अगवा किए गए मिराम तरोन को भारतीय सेना को सौंपा, राहुल गांधी को मिला जवाब, मोदी है तो मुमकिन है

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मोदी सरकार और भारतीय सेना की कोशिश के बाद चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अरुणाचल प्रदेश के लापता युवक मिराम तरोन को मुक्त कर दिया है। चीनी सेना ने गुरुवार (27 जनवरी, 2022) को वाचा दमाई में मिराम तरोन को भारतीय सेना को सौंप, जिसके बाद उसकी मेडिकल जांच सहित अन्‍य उचित प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर मिराम तरोन की सकुशल वापसी के बारे में जानकारी दी।

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया, “चीन की पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के युवा मिराम तरोन को इंडियन आर्मी को सौंप दिया है। उसकी मेडिकल परीक्षण समेत तमाम प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।”

म‍िरान तरोन के लापता होने और उसके चीन में होने की जानकारी सामने आने के बाद मोदी सरकार और भारतीय सेना ने इस मामले में मोर्चा संभाला था। इस मामले में भारतीय सेना ने चीनी सेना के साथ हॉटलाइन से संपर्क साधा था। ज‍िसके बाद चीनी सेना ने म‍िरान तरोन को वापस भेजने की बात कहीं थी। उसने कहा था कि वह जिस स्थान पर युवक को सौंपेगी उस जगह के बारे में सूचना देगी।

गौरतलब है कि ऊपरी सियांग जिले के जिडो गांव का रहने वाला 19 वर्षीय मिराम तरोन 18 जनवरी,2022 को लापता हो गया था। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद हंगामा मच गया था। इसके बाद बीजेपी सांसद तापिर गाओ ने इस मामले में चौंकाने वाली जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था क‍ि म‍िरान के दोस्त जॉनी येइंग ने अधिकारियों को बताया कि चीनी सेना पीएलए ने तरोन का अपहरण कर लिया है। इसके बाद भारतीय सेना के साथ ही मोदी सरकार भी तरोन को मुक्‍त कराने को लेकर सक्रिय हो गई थी। मोदी सरकार ने इस मामले को चीन के समक्ष उठाया और उसकी तुरंत रिहाई की मांग की। तरोन की वापसी के बाद सांसद तापिर गाओ ने मोदी सरकार और भारतीय सेना को धन्यवाद दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने मिराम तरोन को सकुशल भारत लाकर फिर राहुल गांधी को करारा जवाब दिया है कि मोदी सरकार किसी दबाव में आने वाली नहीं है। वह देश और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से चौकस और प्रतिबद्ध है। इस मामले में राहुल ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत हमला किया था, “गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले भारत के एक भाग्य विधाता का चीन ने अपहरण किया है, हम मिराम तरोन के परिवार के साथ हैं और उम्मीद नहीं छोड़ेंगे, हार नहीं मानेंगे। PM की बुजदिल चुप्पी ही उनका बयान है- उन्हें फर्क नहीं पड़ता!”

यह पहला मौका नहीं है, जब चीन ने ऐसी हरकत की है। इससे पहले सितंबर 2020 में अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले से चीनी आर्मी ने पांच लोगों का अपहरण कर लिया था। बाद में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने उनकी रिहाई सुनिश्चित करवाई थी। इसी तरह की घटना 19 मार्च,2020 को हुई थी। तब अरुणाचल के एक 21 वर्षीय युवक टोंगले सिंकम का कथित तौर पर चीनी सेना ने अपहरण कर लिया था। जड़ी-बूटियों की खोज में गए इस युवक का कथित तौर पर मैकमोहन लाइन को पार करके चीन की ओर जाने पर अपहरण कर लिया गया था। उसे 14 दिनों के बाद भारतीय सेना को सौंप दिया गया था।

 

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