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पीएम मोदी के कृषि कानूनों की वापसी के फैसले की कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल खोलकर की तारीफ: सिख समुदाय, पंजाब और देशहित में ऐतिहासिक फैसला बताया

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कृषि कानूनों पर पीएम मोदी के फैसले ने देश के आम लोगों के साथ , राजनीति के कई दिग्गजों को भी उनका मुरीद बना दिया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने देशहित में लिए गए इस फैसले को लेकर पीएम मोदी की दिल खोल कर तारीफ की है। अमरिंदर सिंह ने कहा है कि कृषि कानूनों पर प्रधानमंत्री के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे जनमत का सम्मान करते हैं। एक अंग्रेजी अखबार में लिखे लेख में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ की है।

पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ

अपने लेख में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लिखा है कि-इस वर्ष, श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की इस घोषणा के साथ और भी खास हो गया कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया जाएगा और करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोल दिया जाएगा। कोई भी राष्ट्रवादी, कोई भी व्यक्ति जो हमारे किसान और कृषि क्षेत्र के कल्याण के बारे में सोचता है, इस घोषणा का स्वागत करेगा। आंदोलन करने वाले किसानों के साहस को सलाम  करते हुए, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उम्मीद जाहीर की है कि पीएम मोदी के ऐलान से कृषि कानूनों को लेकर बीते कई महीनों से जारी उथल-पुथल का अंत हो जाएगा।

बिना किसी शर्त के पीएम मोदी ने कृषि कानून वापस लिए

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा है कि देश के किसानों के आंदोलन पर पीएम मोदी के फैसले में कोई सशर्त या चरणबद्ध वापसी जैसी बात नहीं है और उन्होंने दृढ़ निर्णय लिया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोदी सरकार के साहस की तारीफ करते हुए लेख में लिखा है कि किसी और तरीके से या फिर संसद में कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान ज्यादा आसान था। लेकिन पीएम मोदी ने इसकी घोषणा स्वयं की है, इसमें किसी की जीत या हार वाली भावना नहीं थी, इसलिए पीएम मोदी के फैसले को “चढ़ाई” या “कमजोरी” के रूप में देखना सही नहीं होगा। अमरिंदर सिंह ने कहा है-लोकतंत्र में लोगों की इच्छा सुनने से बड़ा कुछ नहीं होता और ऐसा करने वाले नेता से बड़ा कोई लोकतांत्रिक नहीं होता।

पीएम मोदी के फैसले से देश के दुश्मनों की साजिश नाकाम 

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस आंदोलन की आड़ में देश के दुश्मनों की साजिश और देश पर मंडराते खतरे की ओर इशारा करते हुए कहा है कि आंदोलन को लेकर जमीन पर कड़वाहट तीखी होती जा रही थी, हमारे राष्ट्र के प्रति लोगों की वफादारी पर सवाल उठाए जा रहे थे, यह उन विदेशी ताकतों के लिए एक रैली स्थल बन गया था, जो भारत की एकता को नष्ट करना चाहते हैं। पाकिस्तान जैसे राष्ट्र, जिन्होंने हमें युद्ध के मैदान में कभी नहीं हराया और न ही हम उनसे कभी हारेंगे, हमारे गर्व और देशभक्त किसानों का इस्तेमाल कर प्रॉक्सी वॉर के लिए रणनीति तैयार कर रहे थे।

लेकिन पीएम मोदी के कृषि कानूनों को खत्म करने के एलान से देश के खिलाफ हो रही साजिशों पर विराम लग गया है। देश के विकास में किसानो के अहम योगदान को याद करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा है कि यह राजनीति का समय नहीं है, कम से कम किसानों से संबंधित मुद्दों पर राजनीति नहीं होना चाहिए। हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, यह हमारे किसान हैं जो हमारे देश का पेट भरते हैं।

राजनीति के लिए न हो सिख धर्म का इस्तेमाल

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिख समुदाय से आग्रह करते हुए कहा है कि सिख धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए न हो। 1980 के दशक की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा है कि अगर कोई इस पर राजनीति करेगा तो जनता उन्हें सबक सिखाएगी। अपने लेख में पीएम मोदी की तारीफ करते हुए अमरिंदर सिंह ने आगे लिखा है। कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा एक शुभ दिन पर हुई, प्रधानमंत्री ने गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी का हवाला दिया। उन्होंने अपने संबोधन में ‘क्षमा भाव’ शब्द का प्रयोग किया। इस घोषणा से कुछ ही दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने भक्तों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलने का ऐलान किया था। पिछले एक साल में उन्होंने दिल्ली के दो गुरुद्वारों में नमन किया है, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अफगानिस्तान से लौटने पर और हमारे देश में एक विशेष सम्मान मिलने पर किस सिख को खुशी नहीं हुई।

अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सिख समुदाय कट्टर देशभक्त हैं, उन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगलों और अंग्रेजों से जंग किया, भारत में सिखों ने राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री, सेना प्रमुख, शीर्ष बिजनेस टाइकून, अभिनेता, कलाकार के तौर पर सफलता के झंडे गाड़े और कई क्षेत्रों में बड़ा नाम कमाया है, प्रधानमंत्री ने भी अपने संबोधन में सिख युवाओं को स्नेह और सुलह का संदेश दिया है, अमरिंदर सिंह ने लिखा है-

मैंने हमेशा कहा है कि एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते, पंजाब को लेकर अधिक संवेदनशीलता अपनाने की जरूरत है और मुझे खुशी है कि ऐसा किया जा रहा है। साथ ही, मुझे आशा है कि हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान में जिहादी मानसिकता के कारण सिखों (और अन्य अल्पसंख्यकों) की दयनीय स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा। 

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री का पुरानी पार्टी पर निशाना

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने कृषि कानूनों को वापस लेने के पीएम मोदी के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी के रवैये पर भी निशाना साधते हुए कहा है कि ‘मेरी पिछली पार्टी द्वारा बहुत सारी बकवास की जा रही है। मैं ऐसे लोगों को आईना दिखाना चाहता हूं। सीएए का विरोध 2019 के अंत में शुरू हुआ। उन्होंने कोविड लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की वापसी का राजनीतिकरण करने की कोशिश की थी।

  • दिल्ली के बाद के चुनावों में कांग्रेस को गोल्डन जीरो मिला
  • कांग्रेस केरल में नहीं जीत पाई
  • पुडुचेरी में कांग्रेस को सरकार गंवानेी पड़ी
  • बंगाल और असम में पार्टी का सफाया हो गया।

लेकिन कांग्रेस ने इन मुद्दों पर सुधार करने के बदले पंजाब में कांग्रेस को अस्थिर कर दिया। लेकिन इसके उलट

  • दिल्ली में बीजेपी अपने दम पर टिकी रही
  • बिहार में अकेली सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी
  • बिहार और पुडुचेरी में बीजेपी ने सरकारें बनाईं
  • बंगाल में कृषि कानूनों को लेकर राजनीति के बाद प्रदर्शन सुधरा

देश के हित में है पीएम मोदी का फैसला-अमरिंदर

साफ है कि सरकार के हर फैसले को राजनीति से जोड़ने का कोई फायदा नहीं है- जो लोग मुझे जानते हैं वे एक बात की पुष्टि कर सकते हैं- मैं सीधे बल्ले से खेलता हूं। यही मैंने सेना में सीखा है और मैं अपनी आखिरी सांस तक इसका पालन करूंगा। 1984 में विनाशकारी ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद मैं कांग्रेस छोड़ने वाला पहला व्यक्ति था। मैं सबसे पहले कृषि बिलों के मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान करने वालों में से था, यहां तक कि कानूनों को वापस लेने के लिए हर कोशिश में जुटा था। पीएम मोदी ने जो किया है वह सिख समुदाय के हित में है, यह पंजाब के हित में है और सबसे बड़ी बात ये है कि ये देश के हित में है।

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