प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सामने आए अहम और संवेदनशील मुद्दों पर अब तक 19 बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। राष्ट्र के नाम संबोधनों के जरिए उन्होंने कभी बड़े आर्थिक फैसलों की घोषणा की, तो कभी राष्ट्रीय सुरक्षा, कोरोना महामारी, किसानों से जुड़े मुद्दों और देशहित के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचाई। हर बार उनका संबोधन देश की दिशा और दशा को प्रभावित करने वाला रहा है। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री ने कब-कब और किन-किन महत्वपूर्ण अवसरों पर राष्ट्र को संबोधित किया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-19
18 अप्रैल 2026 –
राष्ट्र के नाम संबोधन-18
21 सितंबर 2025 – GST सुधार से पहले (GST 2.0)
पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए GST से जुड़े सुधारों (GST 2.0) और अहम आर्थिक फैसलों की जानकारी दी। अपने संबोधन में उन्होंने टैक्स संरचना को सरल बनाने, कारोबार को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर दिया, साथ ही सुधारों के जरिए आम लोगों और उद्योग जगत को होने वाले लाभ भी बताए।
राष्ट्र के नाम संबोधन-17
12 मई 2025 – ऑपरेशन सिंदूर के बाद
इस संबोधन में सुरक्षा हालात और सैन्य घटनाओं (ऑपरेशन सिंदूर) के बाद देश को स्थिति से अवगत कराया गया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-16
25 दिसंबर 2021 – कोविड वैक्सीनेशन
कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीन बड़े फैसलों की घोषणा की- 15 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए 3 जनवरी 2022 से वैक्सीनेशन शुरू करने, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए “प्रिकॉशन डोज़” देने और 60 वर्ष से अधिक उम्र के गंभीर बीमारियों वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर बूस्टर डोज़ उपलब्ध कराने का ऐलान किया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-15
19 नवंबर 2021 – कृषि कानून वापसी
गुरु नानक जयंती पर प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की।
राष्ट्र के नाम संबोधन-14
7 जून 2021 – मुफ्त वैक्सीन घोषणा
इस संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा सभी वयस्कों को मुफ्त कोविड वैक्सीन देने की घोषणा की गई।
राष्ट्र के नाम संबोधन-13
20 अप्रैल, 2021 – कोरोना की दूसरी लहर में
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश “लॉकडाउन को आखिरी विकल्प” के रूप में देखे और ज्यादा से ज्यादा “माइक्रो-कंटेनमेंट ज़ोन” की रणनीति अपनाई जाए।
राष्ट्र के नाम संबोधन-12
20 अक्टूबर 2020 – त्योहारों के दौरान सावधानी
त्योहारों के मौसम में कोविड से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई।
राष्ट्र के नाम संबोधन-11
30 जून 2020 – अनलॉक और गरीब कल्याण
इस संबोधन में “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” को बढ़ाने और कोरोना के दौरान राहत उपायों पर जोर दिया गया।
राष्ट्र के नाम संबोधन-10
12 मई 2020 – आत्मनिर्भर भारत
इस संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज और “आत्मनिर्भर भारत अभियान” की घोषणा की गई।
राष्ट्र के नाम संबोधन-9
14 अप्रैल 2020 – लॉकडाउन विस्तार
प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन को बढ़ाने की घोषणा की और “जान भी, जहान भी” का मंत्र दिया, यानी स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों पर ध्यान।
राष्ट्र के नाम संबोधन-8
3 अप्रैल 2020 – दीया जलाने की अपील
इस संबोधन में 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट तक दीया/मोमबत्ती जलाने की अपील की गई, ताकि एकजुटता दिखाई जा सके।
राष्ट्र के नाम संबोधन-7
24 मार्च 2020 – पहला लॉकडाउन
इस ऐतिहासिक संबोधन में पूरे देश में 21 दिन का पूर्ण लॉकडाउन घोषित किया गया, ताकि कोविड संक्रमण को रोका जा सके।
राष्ट्र के नाम संबोधन-6
19 मार्च 2020 – जनता कर्फ्यू अपील
कोविड-19 की शुरुआत में पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित कर 22 मार्च को “जनता कर्फ्यू” की अपील की और लोगों से थाली-ताली बजाकर कोरोना योद्धाओं का सम्मान करने को कहा।
राष्ट्र के नाम संबोधन-5
9 नवंबर 2019 – राम मंदिर फैसले पर
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाए जाने के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने इस फैसले को “भारत के लोकतंत्र की मजबूती” का प्रतीक बताया और देशवासियों से शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखने की अपील की।
राष्ट्र के नाम संबोधन-4
8 अगस्त 2019 – अनुच्छेद 370 हटाने के बाद
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित कर इसके फायदे और महत्व को देश के सामने रखा।
राष्ट्र के नाम संबोधन-3
27 मार्च 2019 – मिशन शक्ति (ASAT)
इस संबोधन में भारत द्वारा एंटी-सैटेलाइट मिसाइल टेस्ट (Mission Shakti) की सफलता की घोषणा की गई। भारत अंतरिक्ष में यह क्षमता रखने वाला चौथा देश बना।
राष्ट्र के नाम संबोधन-2
31 दिसंबर 2016 – नोटबंदी के बाद राहत योजनाएं
नोटबंदी के बाद Narendra Modi ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों के लिए कई राहत और कल्याणकारी उपायों की घोषणा की। इस संबोधन में खासतौर पर गरीबों, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग को राहत देने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने सस्ते होम लोन, गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, किसानों को कर्ज पर ब्याज में राहत और छोटे कारोबारियों के लिए सहूलियत जैसे कदमों का ऐलान किया, ताकि नोटबंदी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों में आम लोगों को सहारा मिल सके।
राष्ट्र के नाम संबोधन-1
8 नवंबर 2016 – नोटबंदी
इस दिन पीएम मोदी ने रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित कर 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य काला धन, नकली नोट और आतंक फंडिंग पर रोक लगाना बताया गया। यह उनके सबसे चर्चित और अचानक लिए गए फैसलों में से एक था।









