प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विकसित भारत का सपना केवल निवेश के दम पर पूरा नहीं होगा, बल्कि देश के युवाओं के टैलेंट, स्किल और इनोवेशन की ताकत ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। उन्होंने उद्योग जगत से युवाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और नवाचार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत का युवा दुनिया की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के साथ-साथ उनसे आगे बढ़कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि यही विकसित भारत की असली ताकत है और यही देश की युवा शक्ति का सामर्थ्य है।
आज, 19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। रोजगार सृजन, औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत युवाओं और नियोक्ताओं दोनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और क्षमता को पहचान रही है और ऐसे समय में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर युवा अपनी क्षमता को अवसर में बदल सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में ट्रेनिंग, मेंटरशिप और इंटर्नशिप कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत के उद्योगों को न केवल अपने लिए कुशल कार्यबल तैयार करना होगा, बल्कि भविष्य के रोजगार अवसरों का भी निर्माण करना होगा। उनके अनुसार विकसित भारत की यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका गुणवत्ता की होगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल की गुणवत्ता, सेवाओं की गुणवत्ता, उत्पादों की गुणवत्ता और यहां तक कि पैकेजिंग की गुणवत्ता भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता तय करेगी। यदि भारत को दुनिया में टिकना है और आगे बढ़ना है तो उसे विश्वस्तरीय मानकों पर खरा उतरना होगा। उत्कृष्टता को ही देश की पहचान बनाना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में अवसर उन्हीं देशों को मिलेंगे जिनके पास कुशल प्रतिभा, नवाचार और गुणवत्ता होगी। उन्होंने कहा कि भारत के पास इन तीनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अभूतपूर्व क्षमता मौजूद है और उद्योग जगत को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंच बनानी होगी, नए उत्पाद विकसित करने होंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के लिए अपने दरवाजे खोल रही है और यह अवसर गंवाने का समय नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत ने लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। ये समझौते भारतीय उत्पादों और ब्रांडों के लिए नए बाजार तैयार कर रहे हैं तथा ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। ऐसे में उद्योग जगत को इन संभावनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना इसी सोच के साथ शुरू की गई है कि देश का हर युवा अपनी क्षमता को अवसर में बदल सके। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने वाली योजना नहीं है, बल्कि पहली नौकरी पाने वाले युवाओं के सपनों को शक्ति देने वाली पहल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आमतौर पर सरकारी योजनाएं या तो कर्मचारियों के लिए बनाई जाती हैं या उद्योगों के लिए, लेकिन यह योजना दोनों को साथ लेकर चलती है। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं और उद्योगों को नए कर्मचारियों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहन भी मिलता है।
उन्होंने कहा कि जब कोई युवा अपनी पहली नौकरी शुरू करता है तो सरकार उसके साथ खड़ी होती है। इससे उद्योगों का भी उस युवा के प्रति विश्वास बढ़ता है और रोजगार के नए अवसरों का निर्माण होता है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में पहले ऐसी मानसिकता थी कि कई उद्यमी बड़े होने से डरते थे क्योंकि उन्हें अतिरिक्त नियमों और प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। सरकार की कोशिश है कि हर उद्यमी को आगे बढ़ने और विस्तार करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के भविष्य को लेकर उत्साहित है। हाल ही में फ्रांस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ जैसे कार्यक्रमों में यह स्पष्ट दिखाई दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, हरित ऊर्जा और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप और वैश्विक निवेशक मिलकर नई संभावनाएं तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत लगातार नए व्यापार समझौते कर रहा है, जो उद्योगों के लिए नए बाजार और पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में यूरोप के कई देशों के साथ हुए महत्वपूर्ण समझौते भी लाखों नए रोजगार सृजित करने का आधार बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी कर रही है, जबकि भारत उसका नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि फ्यूचर टेक्नोलॉजी, नवाचार और कौशल विकास में निवेश कर भारत अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि देश की युवा शक्ति ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।









