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12 साल में बढ़ा 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास, ये आकांक्षाओं को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है- PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2026 को फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय के विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि देश के 140 करोड़ नागरिकों का बढ़ा हुआ आत्मविश्वास है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा बदलाव है जिसे किसी आंकड़े या संख्या से नहीं मापा जा सकता।

भारतीय समुदाय के जोरदार स्वागत के बीच अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पेरिस रोशनी, कला, विचार और नवाचार का शहर है, लेकिन यहां रहने वाले भारतीय इस शहर को और भी रंगीन और जीवंत बना देते हैं। उन्होंने कहा कि तमिल, पंजाबी, गुजराती, मराठी और बंगाली सहित भारत के हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व फ्रांस में दिखाई देता है।

पीएम मोदी ने कहा कि ये बीते 12 साल सिर्फ बड़ी-बड़ी अचीवमेंट्स के साल नहीं हैं, बल्कि यह पूरा कालखंड भारत की एस्पिरेशन्स यानी देशवासियों की आकांक्षाओं को एक नई और ऊंची बुलंदी देने का समय रहा है। भारत का हर नागरिक अब अपने जीवन को अगले स्तर पर ले जाना चाहता है। देश का युवा नई ऊंचाइयों को छूना चाहता है, किसान नई संभावनाओं की तलाश में आगे बढ़ रहा है और महिलाएं नेतृत्व की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले वह नीस में आयोजित भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुए थे और अब पेरिस में भारत कनेक्ट्स का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस में रहने वाले भारतीयों ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यही समुदाय भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है।

पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में उनकी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं और लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र ही है जिसने एक साधारण परिवार से आने वाले व्यक्ति को देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की विकास यात्रा अभूतपूर्व रही है। देश का सकल घरेलू उत्पाद दोगुना हुआ है, एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी हुई है और विश्वविद्यालयों की संख्या में भी दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, हाईवे निर्माण की गति तीन गुना बढ़ी है और मेट्रो नेटवर्क चार गुना विस्तार पा चुका है।

उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात 35 गुना बढ़ा है। इसके साथ ही देश में मोबाइल निर्माण इकाइयों की संख्या में 100 गुना वृद्धि हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत की कहानी केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक परिवर्तन की भी कहानी है। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान जरूरतमंद परिवारों के लिए जितने पक्के मकान बनाए गए हैं, उनकी संख्या फ्रांस में मौजूद कुल घरों से भी अधिक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश का गरीब से गरीब व्यक्ति भी बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुका है। वित्तीय समावेशन अब केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का अभियान बन गया है। उन्होंने कहा कि बैंक खाते, डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण ने गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना मुश्किल माना जाता था, लेकिन आज उन्हीं गांवों में बिजली, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार हो चुका है। अब बैंकिंग सेवाएं मोबाइल फोन के जरिए किसी भी समय उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक ने किसानों, मछुआरों, डेयरी किसानों, महिलाओं और छात्रों को नई ताकत दी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं और अपनी आय बढ़ाने के साथ जीवन स्तर में सुधार कर रहे हैं।

आधार और डिजिटल हेल्थ मिशन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 125 करोड़ से अधिक आधार पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 90 करोड़ नागरिकों की डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई जा चुकी है, जिससे चिकित्सा रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ हो गए हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक गांव-गांव हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचना, QR कोड के जरिए भुगतान होना या ग्रामीण महिलाओं का ड्रोन से खेती में मदद करना कल्पना जैसा लगता था। लेकिन आज ये सब भारत के सामान्य जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जो कभी सपना था, वह आज हकीकत है और जो कभी नामुमकिन माना जाता था, वह आज संभव हो रहा है। उन्होंने इसका श्रेय स्वयं को नहीं बल्कि भारत के लोकतंत्र और देशवासियों की सामूहिक शक्ति को दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में जब भारत के इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब यह स्पष्ट रूप से सामने आएगा कि यह युग भारत की आकांक्षाओं से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि आज लोग केवल बिजली नहीं बल्कि स्मार्ट जीवन चाहते हैं, केवल ट्रेन नहीं बल्कि हाई-स्पीड कनेक्टिविटी चाहते हैं और केवल इंटरनेट नहीं बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डिजिटल नवाचार में नेतृत्व चाहते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान मिशन की सफलता के बाद भारत रुका नहीं है। देश गगनयान मिशन की तैयारी कर रहा है और अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। अब देश ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी और नई ऊर्जा तकनीकों में बड़े निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर रिएक्टर ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। उन्होंने नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें 120 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने भाग लिया और करीब 1400 बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें हुईं। इससे निवेश, अनुसंधान और वैश्विक सहयोग के नए अवसर खुले हैं।

उन्होंने कहा कि भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा, बल्कि भविष्य को आकार देने का काम कर रहा है। आज दुनिया भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देख रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारत भरोसे, स्थिरता और सहयोग का प्रतीक बनकर उभरा है।

भारत-फ्रांस संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज और हाई-स्पीड रेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देश अगले वर्ष ‘तृष्णा’ सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं, जो खाद्य और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते संबंधों में प्रवासी भारतीयों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच प्रतिभा, व्यापार, तकनीक, पर्यटन और निवेश के नए अवसरों का सेतु बताया। पीएम मोदी ने भारत और फ्रांस के साझा इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और योग के बढ़ते प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने फ्रांस में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कई व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस की तरह भारत में भी फुटबॉल का जुनून तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने फ्रांसीसी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल दोनों देशों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के लिए कई सकारात्मक पहलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मार्सेय में भारतीय वाणिज्य दूतावास खुलने से सुविधाएं बढ़ी हैं, फ्रांसीसी हवाई अड्डों पर भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट व्यवस्था शुरू हुई है और फ्रांस में यूपीआई के उपयोग का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से भारत के विकास में और अधिक भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते देश को दुनिया भर में बसे भारतीयों की ऊर्जा, अनुभव और सहयोग की आवश्यकता है।

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