प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के यशोभूमि द्वारका में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। देश-विदेश से जुटे टेलीकॉम विशेषज्ञों, तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत में बीते एक दशक के दौरान हुए टेलीकॉम और डिजिटल बदलाव का खाका सामने रखा। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन अब केवल बातचीत का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह सुशासन, सरकारी सेवाओं, शिक्षा, भुगतान और आम नागरिक की सुविधा का बड़ा साधन बन चुका है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और डिजिटल पारदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए करीब 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचे हैं। इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, “अब मुझे बताइए, जिनकी ये मुफ्त की कमाई बंद हो गई है, वो क्या, मोदी को प्यार करेंगे क्या?” उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था में यह पैसा लीकेज में चला जाता, लेकिन डिजिटल व्यवस्था ने इसे रोकने में मदद की है।
Government assistance now goes directly into beneficiaries’ bank accounts. Through DBT, ₹50 lakh crore has been transferred directly to accounts, preventing around ₹5 lakh crore from going into the wrong hands.
Now tell me, will those whose easy, free income has been stopped love Modi? Did I do the right thing? Should this have been done or not? Should these wrong practices have been stopped or not?
No matter how much they shout and scream, I have made up my mind, and I will see it through. If the old system had continued, ₹5 lakh crore of government funds would have been lost through leakages and ended up filling the pockets of such people.
– PM @narendramodi
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देने के साथ की। उन्होंने कहा कि सुबह ही उनके निधन की दुखद खबर मिली। प्रधानमंत्री ने नाना पाटेकर को बेहतरीन कलाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों के दिल में जगह बनाई। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से समाज में व्याप्त अव्यवस्था और बुराइयों पर प्रहार किया। प्रधानमंत्री ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
आज सुबह ही एक खबर आई है कि मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर जी अब हमारे बीच नहीं रहे। वे एक बेहतरीन कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता। नाना पाटेकर जी का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान के लिए समर्पित रहा।
वो बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े। उन्होंने समाज में व्याप्त अव्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करारा प्रहार किया। वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरुद्ध काम किया। उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी।
वो देशविरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे।
मैं नाना पाटेकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारजनों एवं चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
– पीएम श्री @narendramodi
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोबाइल फोन आधुनिक संचार के साथ-साथ गुड गवर्नेंस का अहम टूल बनकर सामने आया है। डिजिटल इंडिया के केंद्र में मोबाइल फोन को रखते हुए सरकार ने डिजिटल डिवाइड को कम करने और आधुनिक तकनीक को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले डिजिटल डिवाइड बड़ी चुनौती थी और आधुनिक तकनीक तेजी से उन लोगों के लिए विशेषाधिकार बनती जा रही थी, जिनके पास पर्याप्त साधन थे। डिजिटल इंडिया के जरिए इस स्थिति को बदलने के लिए टेलीकॉम क्षेत्र में जरूरी सुधार किए गए, बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ और भारत में मोबाइल फोन तथा अन्य टेलीकॉम हार्डवेयर के निर्माण पर जोर दिया गया।
एक दशक पहले तक भारत में digital divide बहुत बड़ी चुनौती थी।
आधुनिक technology एक privilege बनती जा रही थी। यानि जिसके पास साधन है, वही आधुनिक technology का लाभ ले सकता था… भारत में यही स्थिति बनती जा रही थी।
Digital India अभियान से हमने इस स्थिति को बदलने की ठानी और इसके center में mobile phone को लेकर आए। ये technology के democratization का बहुत बड़ा प्रयास था।
इसके लिए Telecom Sector में हर जरूरी reforms किए गए, Infrastructure का विस्तार किया गया।
– पीएम श्री @narendramodi
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत में टेलीकॉम नेटवर्क के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में इसी मंच से देश में 5G की शुरुआत की गई थी। इसके बाद भारत ने 5G रोलआउट से 5G रीचआउट की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अब देश के हर जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है। भारत में साढ़े पांच लाख से अधिक बेस स्टेशन 5G नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं और 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की गति 10 गुना बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का महत्व कोविड के दौरान भी सामने आया। जब बहुत कुछ रुक गया था, तब भारत में दफ्तर, बैंक और पढ़ाई जैसी गतिविधियां डिजिटल माध्यम से जारी रहीं। मोबाइल और इंटरनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, भुगतान और सरकारी सेवाओं को बिना बड़ी बाधा के चालू रखने में मदद की। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा के लिए दीक्षा प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि कोविड के दौरान जुलाई 2022 तक इस प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ से ज्यादा लर्निंग सेशन और करीब 6 हजार करोड़ लर्निंग मिनट दर्ज हुए। अब सरकार का प्रयास डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा के विभिन्न माध्यमों से करीब 25 करोड़ विद्यार्थियों को जोड़ने का है।
कोविड के दौरान 2022 तक दीक्षा मंच पर 500 करोड़ से ज्यादा सीखने के सत्र दर्ज किए गए, सरकार का प्रयास है कि ऑनलाइन शिक्षा के सभी माध्यमों से गरीबों को जोड़ा जा सके: प्रधानमंत्री @narendramodi
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालय मुख्य रूप से शहरों में केंद्रित थे। किसी सरकारी सेवा का लाभ लेने के लिए लोगों को समय और पैसा खर्च करके दूर जाना पड़ता था। डिजिटल गवर्नेंस ने इस स्थिति को बदला है। आज सरकार की सैकड़ों सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं और सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रही है। पीएम किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक किसानों के बैंक खातों में जमा किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पैसा उन करोड़ों छोटे किसानों तक पहुंचा है, जिन तक पहले सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से नहीं पहुंच पाता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन ने कम यात्रा, कम इंतजार, कम लागत और ज्यादा सुविधा सुनिश्चित की है। यही तकनीक का सबसे बड़ा नागरिक लाभ है।

पीएम मोदी ने कहा कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और सस्ते डेटा ने अर्थव्यवस्था के नए क्षेत्रों को भी बढ़ावा दिया है। गेमिंग सेक्टर इसका एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी रूप में गेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा अब केवल गेमिंग से जुड़े नहीं हैं, बल्कि ई-स्पोर्ट्स में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, गेमिंग कंटेंट बना रहे हैं और नए गेमिंग कारोबार खड़े कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में मोबाइल फोन आज गेमिंग कंसोल के साथ-साथ क्रिएशन स्टूडियो भी बन गया है। इसी तरह तेज कनेक्टिविटी और सस्ते डेटा ने वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और क्षेत्रीय ओटीटी को गांवों और कस्बों तक पहुंचाया है। इससे क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट बनाने के अवसर भी बढ़े हैं और कंटेंट क्रिएशन का दायरा व्यापक हुआ है।
बीते दशक में भारत के Telecom Infrastructure का निरंतर विस्तार हुआ है।
Remote Areas में towers लगाए गए, Optical Fiber का अभूतपूर्व विस्तार हुआ और Data भी सस्ता हुआ। इससे Economy के नए sectors का भी निर्माण हुआ है।
इससे Technology, Entertainment और Education Sector में नए Consumers भी बढ़े और नए Creators की भी एक नई Generation तैयार हुई।
– पीएम श्री @narendramodi
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक तभी बड़े स्तर पर आगे बढ़ सकती है, जब लोगों का उस पर भरोसा हो। आम नागरिक के लिए यह जरूरी है कि फोन करने वाला कौन है, आया हुआ संदेश असली है या फर्जी, भुगतान सुरक्षित है या नहीं और उसका डेटा सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड और साइबर क्राइम सीमाओं को नहीं मानते। डीपफेक भी बड़ी चुनौती बन चुके हैं। इसलिए सरकारों, तकनीकी कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों को मिलकर एक वैश्विक ढांचे पर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने जीएसएमए और दुनिया के टेलीकॉम ऑपरेटरों से ऐसा वैश्विक तंत्र बनाने का आग्रह किया, जो धोखाधड़ी को लोगों तक पहुंचने से पहले रोक सके। उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभव दुनिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते महत्व के साथ फोन और नेटवर्क की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने साइबर फ्रॉड, साइबर क्राइम और डीपफेक जैसी सीमापार चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, टेक कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटर्स और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर एक ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने का आह्वान किया।
— PB-SHABD (@PBSHABD) October 8, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत का लक्ष्य सिर्फ बड़ा उपभोक्ता बाजार बनना नहीं है। भारत अब ऐसे दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां उत्पाद, डिजाइन, तकनीक और आईपी भी भारत के अपने हों। उन्होंने कहा कि टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट के जरिए दशकों पुराने कानूनों को आधुनिक बनाया गया है। एजीआर और बैंक गारंटी जैसे संरचनात्मक बोझ को तर्कसंगत बनाने की दिशा में भी काम हुआ है। गतिशक्ति संचार पोर्टल ने राइट ऑफ वे की मंजूरियों को डिजिटल माध्यम से तेज किया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का सेमीकंडक्टर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक पांच स्थानों पर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान दिया जा रहा है।

भाषण के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के सामने विकसित भारत का बड़ा संकल्प है और इसके लिए प्रयासों का दायरा लगातार बढ़ाना होगा। उन्होंने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को केवल तकनीक के प्रदर्शन का मंच न बनाकर ऐसी जगह बनाने का आह्वान किया, जहां तकनीक, शोध, उद्योग, निवेश और विचार एक साथ मिलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि IMC को उन साझेदारियों, शोध परियोजनाओं, उत्पादों और नवाचारों के लिए याद किया जाना चाहिए, जो यहां से शुरू होकर दुनिया तक पहुंचे और मानवता की सेवा करें। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की टेलीकॉम और डिजिटल यात्रा आने वाले वर्षों में देश के साथ-साथ पूरी दुनिया के मोबाइल बाजार को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।









