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पीएम मोदी ने लॉन्च की दुनिया की ‘एक तिहाई आबादी’ के फायदे की एप्लीकेशन

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जमाने की रफ्तार से देश को आगे बढ़ाने के लिए तकनीक के भरपूर इस्तेमाल करने के हिमायती हैं। वो चाहते हैं कि तकनीक और सुविधा पर किसी का एकाधिकार होने के बजाए उसे सबके इस्तेमाल के लिए सुगम बनाया जाए।

प्रधानमंत्री ने सिंगापुर में जिस बैंकिंग सॉल्यूशन एपलीकेशन एपिक्स को लॉन्च किया, वो दुनियाभर के 200 करोड़ यानी एक तिहाई आबादी की जिंदगी बदलने वाला है। फिनटेक समारोह में सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री टी षणमुगम के साथ पीएम मोदी ने इसे लॉन्च किया। एपिक्स के कामकाज का दायरा भारत और आसियान के 10 देशों के साथ 23 देशों में फैला हुआ है। इसे खासतौर पर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले ऐसे लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जो अभी भी बैंकिंग सेवाओं की पहुंच से दूर हैं। 

एपिक्स को बनाने में भारत की टीम भी लगी हुई थी। इसे हैदराबाद, कोलंबो और लंदन के विशेषज्ञों ने बनाया है। एपिक्स सभी 23 देशों के बैंकों को हर तरह का तकनीकी सपोर्ट मुहैया कराएगा, ताकि वे जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते खोल सकें। सिंगापुर में फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी से जुड़े दुनियाभर के 30 हजार विशेषज्ञों की मौजूदगी में फिनटेक समारोह हो रहा है। ये आयोजन अपनी तरह का दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है।
इस मायने में समझा जा सकता है कि एपिक्स कितना व्यापक असर डालेगा।

भारत में ‘वित्तीय क्रांति’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिनटेक में कहा कि ‘भारत में भी एक वित्तीय क्रांति चल रही है और 130 करोड़ लोगों की जिंदगी बदल रही है। अभी हमने दिवाली का त्योहार मनाया। सिंगापुर में भी एक तरह की दिवाली मनाई जा रही है। यह युवाओं की ऊर्जा और बेहतर काम की दिवाली है।’ फिनटेक एक फाइनेंस और टेक्नोलॉजी का उत्सव है। सिंगापुर फाइनेंस का ग्लोबल हब है। भारत और सिंगापुर मिलकर आसियान देशों के मध्यम और छोटे बिजनेसमैन को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

‘तकनीक ही ताकत’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘आज तकनीक की मदद से वैश्विक अर्थव्यवस्था बदल रही है। नई दुनिया में तकनीक ही असली ताकत है। 2014 में हमने विकास के सिद्धांत पर सरकार बनाई। सरकार का मकसद है कि देश के हर व्यक्ति और दूरदराज स्थित एक गरीब को भी योजनाओं का लाभ मिले। हमने कुछ सालों में 1.2 अरब लोगों का बायोमेट्रिक डाटा तैयार किया है। हमने 30 लाख नए खाते खोले।’

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