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टूरिज्म सेक्टर भरेगा उड़ान: मोदी सरकार की कोशिशों से पर्यटन को लगेंगे पंख

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कोरोना महामारी के बाद दुनिया भर में पर्यटन उद्योग एक बार फिर से जोर पकड़ रहा है। भारत में पर्यटन के लिए डेस्टिनेशन की कमी नहीं है। यही वजह है कि पीएम मोदी की अगुवाई में सरकार कोरोना महामारी की वजह से पर्यटन की सुस्त पड़ी रफ्तार को तेज करने के लिए पूरा जोर लगा रही है। रिस्पॉन्सिबल और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है। यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम और गैर सरकारी संगठन रिस्पॉन्सिबल सोसाइटी ऑफ इंडिया को इस मुहिम से जोड़ा गया है। जो देश में रिस्पॉन्सिबल पर्यटन मुहिम को आगे बढ़ाएंगे।

‘टूरिज्म सेक्टर में जान फूंकने का प्लान

सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में जान फूंकने के लिए कई तरह के पैकेज और छूट का एलान किया है। कोविड महामारी से जूझ रही टूरिज्म इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने के लिए इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से बात की जा रही है। देश के समावेशी विकास के लिए पर्यटन काफी अहम है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में देशभर में सफल वैक्सीनेशन अभियान के बाद, सरकार की कोशिश देश में तेजी से पर्यटन के कारोबार को वापस पटरी पर लाने की है।

पीएम मोदी की इन्हीं कोशिशों का ही नतीजा है कि भारत में पर्यटन उद्योग एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी महीने गोवा में वयस्क आबादी को पहली खुराक की शत-प्रतिशत कवरेज के लिए गोवा के स्वास्थ्यकर्मियों और टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों के साथ बातचीत की थी।

वैक्सीनेशन से पर्यटन में आएगी तेजी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपने टीकाकरण के प्रयासों में पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दी है, हालांकि इसकी अभी तक चर्चा नहीं हुई थी। पर्यटक स्थलों को खोलने के लिए यह जरूरी था। पीएम मोदी की अगुवाई में सरकार ने विदेशी पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए भी हाल में कई कदम उठाए हैं। भारत भ्रमण पर आ रहे 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को सरकारी गारंटी के साथ 10 लाख तक का कर्ज और पंजीकृत टूरिस्ट गाइडों को 1 लाख रुपये तक का कर्ज देने का फैसला लिया
गया है।

गोवा जैसे राज्यों में जोर पकड़ेगा टूरिज्म 

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘डबल इंजन की सरकार’ गोवा के पर्यटन क्षेत्र को आकर्षक बनाने और राज्य के किसानों व मछुआरों को ज्यादा सुविधाएं देने प्रयासों को मजबूती दे रही है। मोपा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे और 6 लेन के राजमार्ग को 12 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ, अगले कुछ महीनों में उत्तरी और दक्षिणी गोवा को जोड़ने वाले जुआरी सेतु के उद्घाटन से राज्य में संपर्क में सुधार होगा।

पर्यटन देश में विकास का इंजन रहा है, हिमालय से लेकर समंदर किनारों तक और रेगिस्तान से लेकर गंगा के घाटों तक देश में घूमने फिरने के अनेक ठिकाने हैं। दुनियाभर में ग्रामीण पर्यटन के बढ़ते क्रेज को ध्यान में रखते हुए, मोदी सरकार की कोशिश ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की है, इससे देश के दूर दराज के इलाकों में बनने वाले ग्रामीण हस्तशिल्प से लोगों के जीवन और इकनॉमी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

 

पर्यटन को पटरी पर लाने की तैयारी

फिलहाल पर्यटन मंत्रालय ने जो संकेत दिए हैं, उनके मुताबिक अगले साल जनवरी के महीने से देश को विदेशी पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। हालांकि इसके लिए वैक्सीन की दो डोज जरूरी होगी। बताया जा रहा है कि सरकार नए साल में देश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को खोलने की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर पर्यटन मंत्रालय ने ग्राउंड वर्क भी शुरू कर दिया है। नए साल में पर्यटन को खोलने के पीछे मंत्रालय की दलील है, कि दिसंबर तक बड़े पैमाने पर अपने यहां टीकाकरण का काम हो चुका होगा।इससे जहां पर्यटकों के भीतर संक्रमण को लेकर डर कम होगा, वहीं पर्यटन और टूरिज्म के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों में भरोसा जागेगा।

पर्यटन से मजबूत होगी देश की इकोनॉमी

कोरोना की दस्तक से पहले वर्ष 2019 में देश में 3.14 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे। जनवरी 2020 से लेकर मई 2020 तक कैसे देश के पर्यटन पर प्रभाव पड़ा है उसे इन आंकड़ों से समझा जा सकता है।

जनवरी 2020       जनवरी 2021
11,19,250         83,822

फऱवरी 2020       फऱवरी 2021
10,18,440        99,640

मार्च 2020          मार्च 2021
3,28,304          1,23,179

अप्रैल 2020       अप्रैल 2021
2,820              69,422

मई 2020          मई 2021
3,764              13,307

पर्यटन को खोलने के पीछे एक बड़ी वजह इकॉनमी को मजबूती देने के साथ-साथ रोजगार के मौके भी मुहैया कराना है।एक आंकड़े के मुताबिक दस लाख रुपये की लागत टूरिज्म इंडस्ट्री में जहां 78 रोजगार के मौके मुहैया कराती है। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में इसी लागत से 45 लोगों को रोजगार मिलता है गौरतलब है कि दुनिया में सबसे ज्यादा नौकरी देने वाले सेक्टर पर्यटन ही है. लेकिन, कोरोना महामारी के कारण इस सेक्टर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है और लोग इसे छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. अब मोदी सरकार की कोशिशों से ये इंडस्ट्री एक बार फिर से पटरी पर लौट रही है।

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