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महाराष्ट्र के अहमदनगर में नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले पर तलवार, हॉकी स्टिक से बर्बर हमला, मरा समझकर छोड़ा

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नुपुर शर्मा के समर्थकों पर हमले लगातार जारी हैं। कन्हैयालाल, उमेश कोल्हे, निशंक राठौड़, प्रवीण नेट्टारू की बेरहमी से हत्या कर दी गई। और अब महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले एक हिंदू युवक पर बर्बर जानलेवा हमला हुआ है और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। देश में इस्लामिक आतंकवाद के उभार का यह एक अलग ही दौर दिखाई दे रहा है… जब पैगंबर पर एक टिप्पणी को लेकर कई हत्याएं हो चुकी हैं और कई जानलेवा हमले हो चुके हैं। वहीं इसी समय में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की घटनाएं भी हो रही हैं लेकिन हिंदू उस कट्टरता को नहीं अपना रहे जिसे मुसलमान दिखा रहे हैं। अगर हिंदु भी सहिष्णुता छोड़ कर उस कट्टरता को ओढ़ लेंगे तो फिर क्या होगा, यह सोचने वाली बात है। क्या बारूद में आग लगाने, PFI, ISI के मंसूबों को पूरा करने में सहयोग देने वाले तथाकथित धर्मनिरपेक्ष गेंग, खासकर लेफ्ट लिबरल कबाल आज के माहौल पर अपनी बात रखेंगे।

महाराष्ट्र के अहमदनगर में नूपुर के समर्थक पर तलवार और हॉकी स्टिक से हमला

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले प्रतीक पवार पर हमला हुआ है। इस युवक पर करीब 15 मुस्लिम युवकों ने तलवार और हॉकी स्टिक से हमला किया, जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रतीक का एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। ये मामला अहमदनगर के कस्बे कर्जत इलाके का है और घटना 4 अगस्त को हुई। हमले में प्रतीक गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। युवकों के पास हॉकी स्टिक, तलवार और अन्य हथियार थे। इन हमलावरों ने प्रतीक से कहा कि तुम हिंदू होने का दिखावा कर रहे हो, इसलिए तुम्हारे ऊपर हमला हो रहा है। इस हमले में प्रतीक बेहोश हो गया और हमलावरों को लगा कि वो मर गया है। हालांकि प्रतीक को जब हॉस्पिटल ले जाया गया तो उसकी सांसे चल रही थीं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रतीक को गंभीर चोटें लगी हैं और उसकी पसलियां बुरी तरह टूट गई हैं। उसके 35 टांके भी लगे हैं।

प्रतीक पवार ने कोल्हे और कन्हैया लाल के बारे में पोस्ट लिखा था

पीड़ित के चचेरे भाई प्रज्योत पवार ने बताया कि प्रतीक एक सामाजिक कार्यकर्ता है और सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख्ता रहता है। उसने कोल्हे और कन्हैया लाल के बारे में पोस्ट लिखा था। इस बीच उसे 15 से 20 लोगों की भीड़ ने पीटा जब वह अकेला था। भीड़ ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया। उसे कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे के बारे में पोस्ट करने और नूपुर शर्मा का समर्थन करने के लिए धमकी भरे फोन भी आए थे।

शरिया कानून से नहीं चलेगा महाराष्ट्र: नितेश राणे

भाजपा विधायक नितेश राणे ने इस मामले में कहा कि नुपुर शर्मा के विवादित बयान पर पार्टी पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। यह एपिसोड पूरी तरह से बंद हो गया है, लेकिन फिर भी घटनाएं रुक नहीं रहीं। पहले उदयपुर, फिर अमरावती और अब अहमदनगर में हिंदू पर हमला किया गया है। राणे ने चेतावनी दी है कि अगर हिंदुओं पर इस तरह के हमले जारी रहे तो हमारे हाथ भी बंधे नहीं हैं। अगर फिर ऐसा हुआ तो हमें भी अपनी तीसरी आंख खोलनी होगी। यह अंबेडकर की धरती है और हम शरिया कानून का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

नुपुर के समर्थकों पर हुए हमले पर एक नजर…

कर्नाटक में प्रवीण नेट्टारू की हत्या

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में बीजेपी नेता प्रवीण नेट्टार की 26 जुलाई की रात को कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। प्रवीण भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। प्रवीण बेल्लारे क्षेत्र के पास एक पोल्ट्री की दुकान चलाते थे। 26 जुलाई को रात में जब वह घर लौट रहे थे तभी करीब 9 बजे उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण प्रवीण ने दम तोड़ दिया। प्रवीण ने 29 जून को राजस्थान में मारे गए कन्हैयालाल की हत्या के विरोध में सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। ऐसा बताया जा रहा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में प्रवीण ने फेसबुक पर पोस्ट किया था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। प्रवीण ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि राष्ट्रवादी विचारधारा का सपोर्ट करने के लिए एक टेलर की गला काटकर हत्या कर दी गई और इसका वीडियो भी बनाया गया। इसके बाद पीएम मोदी को भी टारगेट किया गया है। यह घटना ऐसे राज्य में हुई है, जहां कांग्रेस सरकार है। प्रवीण ने विपक्षी दलों से सवाल करते हुए लिखा था कि क्या अब इस मामले में कोई कुछ बोलेगा?

मध्य प्रदेश में निशांक के पिता को फोन पर मैसेज मिला- सर तन से जुदा…

मध्य प्रदेश में भोपाल-नर्मदापुरम रेलखंड पर मिडघाट और बरखेड़ा के बीच पटरी पर 24 जुलाई की रात करीब सात बजे ओरिएंटल कालेज के बीटेक के छात्र निशांक का शव मिला। सड़क किनारे से उसका स्कूटर और मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किया। शव मिलने से दो घंटे पहले छात्र के ही मोबाइल से उसके पिता को एक वाट्सएप संदेश भेजा गया था, जिसमें लिखा गया कि ‘राठौर साहब, बहुत बहादुर था आपका बेटा, गुस्ताख ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा’। हालांकि इस मामले में अभी ये पता नहीं चल पाया है कि निशांत ने नुपुर का समर्थन किया था या नहीं। लेकिन उसके पिता को फोन पर मिला मैसेज इस ओर इशारा करते हैं कि उसको मारने में जिहादियों का हाथ है। 20 साल का निशांक मूलत: सिवनी मालवा का रहने वाला था। उसके पिता उमाशंकर राठौर सहकारिता विभाग में आडिटर हैं।

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या

राजस्थान में कट्टरता की हदों को पार करते हुए उदयपुर में एक दर्जी कन्हैयालाल का ‘सर तन से जुदा’ कर दिया। उसका कुसूर सिर्फ इतना ही था कि उसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली थी। दो हत्यारों ने न सिर्फ उसकी गला रेतकर दिनदहाड़े हत्या कर डाली, बल्कि नृशंसता से की इस हत्या का वीडियो भी बनाया है। इतना ही नहीं एक धर्म से संबंधित हत्यारों ने कत्ल के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली है। आरोपी 28 जून को कन्हैयालाल की दुकान में कपड़े सिलवाने गए थे। यहां नाप लेते वक्त आरोपियों ने कन्हैया पर हमला कर दिया और बेरहमी से हत्या कर दी। जांच में पता चल रहा है कि कन्हैया लाल का हत्यारा रियाज राजस्थान में दावत-ए इस्लामी का स्लीपर सेल खड़ा कर रहा था।

महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या

महाराष्ट्र के अमरावती में रहने वाले केमिस्ट उमेश कोल्हे की बीती 21 जून को गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या तब हुई जब रात के समय उमेश कोल्हे अपने मेडिकल स्टोर से घर लौट रहे थे। यह हत्याकांड कन्हैयालाल की हत्या से एक सप्ताह पहले का बताया जा रहा है। नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट की वजह से कोल्हे की निर्मम हत्या की गई है। उमेश कोल्हे महाराष्ट्र के अमरावती जिले में अमित मेडिकल नाम से एक मेडिकल स्टोर चलाते थे। 54 वर्षीय कोल्हे 21 जून की रात को जब बेटे संकेत और बहू वैष्णवी के साथ अलग-अलग बाइक पर अपने घर जा रहे थे। तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनकी गर्दन पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में वो बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। घटना के बाद उनके बेटे और बहू ने उन्हें लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। हालांकि उनकी जान नहीं बचाई जा सकी, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। उमेश कोल्हे ने व्हाट्सएप पर नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जो गलती से एक मुस्लिम सदस्यों के ग्रुप में चला गया। जिनमें कुछ उनके ग्राहक भी थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने पुलिस को बताया कि उनके मुताबिक यह पैगंबर का अपमान था। इसलिए उनकी हत्या की गई।

मध्य प्रदेश के रीवा में मुकेश तिवारी पर हमला

मध्य प्रदेश के रीवा में नुपुर शर्मा के समर्थक पर जानलेवा हमला किया गया। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले मुकेश तिवारी के ऊपर हमला करने वाला मुस्लिम कट्टरपंथी उनके दोस्त का ही भाई है। मुकेश की गलती इतनी थी कि वो सोशल मीडिया पर हिंदूवादी पोस्ट करते थे और नुपूर के समर्थन वाले पोस्ट पर कमेंट करते थे। उनके भाई आरएसएस से जुड़े हैं। मुकेश एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया वह हर रोज की तरह 23 जुलाई को घर से ऑफिस जाने के लिए निकले, लेकिन तभी उनके दोस्त के भाई मोहम्मद सुलेमान ने उन्हें कॉल करके कहा कि उसे कोई जरूरी बात करनी है। मुकेश जब बताई हुई जगह पर पहुंचे तो वहां सुलेमान ने उन्हें लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। मुकेश का कहना है कि वह सुलेमान को जानते थे इसलिए उसके बुलाने पर उसके घर गए। उनके अनुसार- सुलेमान ने पहले कुर्सी पर बैठाया और बाद में डंडे से मारना शुरू कर दिया। जिहादी बार-बार एक ही प्रश्न पूछ रहे थे, क्या वो दोबारा ऐसे पोस्ट करेंगे?

मध्य प्रदेश के आगर में आयुष पर हमला

20 जुलाई की दोपहर उज्जैन रोड में रॉयल ढाबे के पास आगर मालवा के फलमारीपुरा के रहने वाले 26 वर्षीय आयुष अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे तभी मुस्लिम हमलावर अमल, अरबाज, आसिफ, सरफराज, चिकी, अम्मू मेवाती, अमन, सोहेल, मुन्ना मेवाती, सलमान, फिरदौस, समीर और साजिद ने उनका रास्ता रोक लिया। आयुष को चारों तरफ से घेरने के बाद टायर खोलने वाले औजार और चाकू से उनपर हमला करने लगे। पीड़ित लहूलुहान हो गया। कट्टरपंथी आयुष को जान से मार देते लेकिन किसी तरह आयुष अपनी जान बचाकर भाग निकला और लोगों से मदद मांगी। आयुष बुरी तरह जख्मी हो गया था और उसके शरीर से खून बह रहा था। आसपास के लोगों ने उसकी जान बचा ली और हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। जिसके बाद आयुष को उज्जैन रेफेर कर दिया गया। आयुष बजरंग दल का प्रखंड संयोजक है। उसने नूपुर शर्मा को मिल रहीं जान से मारने और रेप की धमकियों के खिलाफ उनका समर्थन करते हुए 16 जून को ज्ञापन दिया था। इसी से इलाके के कट्टरपंथी नाराज हो गए थे और आयुष को जान से मारने के लिए पहुंचे थे।

बिहार के सीतामढ़ी में अंकित पर चाकुओं से हमला

बिहार के सीतामढ़ी का युवक अंकित झा 19 जुलाई को अपने मोबाइल पर नूपुर शर्मा का वीडियो देख रहा था। इसी दौरान चार मुस्लिम युवकों ने उसके शरीर में चाकू से छह बार गोद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अंकित ने बताया कि वो अपने दोस्त के साथ एक दुकान पर बैठकर मोबाइल में स्टेटस देख रहा था। उसमें नूपुर शर्मा का वीडियो था। पीछे से कुछ लोग आए और पूछा कि नूपुर शर्मा के समर्थक हो। मैंने जैसे ही हां कहा, चाकू मारने लगे। बाजार में दौड़ा-दौड़ाकर अंकित पर 6 बार चाकू से हमला किया गया। चाकू मारने के बाद मुस्लिम युवकों ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाया और वहां से फरार हो गए।

बिहार के आरा में नूपुर के समर्थन में पोस्ट पर पिटाई

नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डालने पर बिहार के भोजपुर जिले के आरा में एक युवक को जमकर पीटा गया था। एक चाय की दुकान पर 20-30 युवकों ने उसे घेरकर लात-घूंसों से पीटा था। चाय की दुकान में भी तोड़फोड़ की और दुकानदार को भी मारा। बिहार के आरा के दीपक ने कुछ दिन पहले फेसबुक पर नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट किया था। इसके बाद रईस नाम के लड़के ने उसके पोस्ट पर अभद्र टिप्पणी कर दी। इस पर विवाद बढ़ गया। रईस अपने साथ करीब 20 से 30 लोगों को ले आया। सभी ने युवक की पिटाई शुरू कर दी। लात-घूंसों से जमकर दीपक को पीटा गया। चाय की दुकान में तोड़फोड़ के साथ दुकानदार से भी मारपीट की गई।

मध्य प्रदेश के सीहोर में जान से मारने की धमकी

सीहोर के रोहित सालवी ने 11 जून को नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया में पोस्ट डाली थी। कुछ लोग गणेश मंदिर के पास उसके घर पर मारपीट करने भी पहुंच गए थे। ये लोग पड़ोसी को रोहित समझकर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। रोहित घर आया, तब उसके पड़ोसी ने बताया कि कुछ लोग उसे मारने आए थे। इसके बाद एक बार फिर वही लोग आए और रोहित को डराने-धमकाने लगे। रोहित ने इसकी शिकायत थाना कोतवाली में की थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कस्बा निवासी साहिल और चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

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