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पीएम मोदी के नेतृत्व में व्यापार निर्यात के मोर्चे पर दिखा देश का दम: भारत ने G7 देशों को पीछे छोड़ा, 47 फीसदी का इजाफा

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पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने निर्यात के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। G7 देशों को पीछे छोड़ते हुए देश ने एक बड़ा कीर्तिमान कायम किया है। दुनिया में ताकतवर माने जाने वाले G7 देशों के मुकाबले देश से निर्यात तेजी से बढ़ा है। 2020 के जून-जुलाई के मुकाबले इस साल देश से व्यापार निर्यात में 47 फीसदी का इजाफा हुआ है।

निर्यात के मामले में भारत ने G7 के देशों को पीछे छोड़ा

साफ है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयास एवं दृढ़ संकल्प से भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है और भारत का निर्यात पहले से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।

75 से अधिक देशों को सैन्य उपकरणों का निर्यात 

मोदी सरकार हर क्षेत्र में देश से निर्यात बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रही है। इ्न्हीं कोशिशों की ही नतीजा है कि पिछले पांच वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात 334% तक बढ़ गया है और अब भारत 75 से अधिक देशों को सैन्य उपकरणों का निर्यात कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ मंत्र बढ़ता असर

भारत अपने रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की तरफ अग्रसर होने के साथ ही बड़े निर्यातक के रूप में उभर रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट 2020 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (21 अक्टूबर, 2021) को बताया कि भारत अब रक्षा उत्पादों के निर्यात करने वाले शीर्ष 25 देशों की सूची में शामिल हो गया है। 

भारत से इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में भी तेज इजाफा

देश से इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात का आंकड़ा सितंबर के महीने में 7 अरब के पार पहुंच गया। 

ECGC में 4,400 करोड़ रुपये लगाएगी सरकार, 59 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी

मोदी सरकार ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ( ECGC Ltd) लिमिटेड में अगले 5 साल के दौरान 4,400 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। इससे वित्त वर्ष 2022 से लेकर 2026 तक निर्यातकों और बैंकों को दोनों को सहायता मिलेगी।

एक्सपोर्ट को मदद के लिए पीएम मोदी के कई बड़ै फैसले

ECGC की लिस्टिंग प्रक्रिया को पूरा करने के साथ ही ECGC की अंडरराइटिंग कैपिसिटी बढ़ जाएगी और इससे एक्सपोर्ट को और मदद मिलेगी।

मोदी सरकार की छोटे निर्यातकों को लाभ पहुंचाने की कोशिश

मोदी सरकार अलग-अलग निर्यात योजनाओं के तहत लंबित 56,000 करोड़ रुपए के बकाए का भुगतान करने में तेजी ला रही है , इससे 45,000 से ज्यादा निर्यातकों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि इनमें से लगभग 98% निर्यातक MSME कैटेगरी के छोटे निर्यातक हैं।

नेशनल एक्सपोर्ट इंश्योरेंस अकाउंट स्कीम (NEIA) को जारी रखा जाएगा

मोदी सरकार ने नेशनल एक्सपोर्ट इंश्योरेंस अकाउंट स्कीम (NEIA) को जारी रखने की मंजूरी दे दी है और अगले पांच सालों में 1,650 करोड़ रुपये के ग्रांट इन ऐड डालने की इजाजत दी है।

कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी भारत की लंबी छलांग 

इंजीनियरिंग ही नहीं कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी भारत ने बड़ी तरक्की की है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए मोदी सरकार ने अपने स्तर पर कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें खेती की लागत में कमी लाने और उसकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास शामिल है। मोदी सरकार के प्रोत्साहन और किसानों की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि कोरोना महामारी के बावजूद कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर रहा। इसका फायदा उठाते हुए सरकार ने कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि पर जोर दिया। भारत ने 2021-22 (अप्रैल-अगस्त) में कृषि संबंधी और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में पिछले वर्ष की इस अवधि की तुलना में 21.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। कृषि उत्पादों का समग्र निर्यात 2020 के अप्रैल-अगस्त के 6,485 मिलियन डॉलर की तुलना में 2021 के अप्रैल-अगस्त के दौरान बढ़कर 7,902 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इस बढ़ोतरी को किसानों की आय बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है।

वाणिज्य मंत्रालय के तहत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा की गई पहलों ने देश को ऐसे समय में यह उपलब्धि हासिल करने में सहायता की है जब अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियों को कोरोना महामारी की दूसरी लहर आने के बाद लगाये जाने वाले प्रतिबंधों के कारण भारी झटका लगा था। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने कृषि उत्‍पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मार्च 2021 में ‘एक जिला, एक विशेष उत्पाद’ योजना के तहत कृषि उत्पादों की सूची बनायी थी। जिसके लिए उत्पादों की पहचान देशभर के 728 जिलों के कृषि, बागवानी, पशु, मुर्गी पालन, दूध, मत्स्य पालन, जलीय कृषि और समुद्री क्षेत्रों से की गई थी। इसका मकसद उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करना और किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में काम करना है।

            किसानों की बढ़ेगी आमदनी
        कृषि उत्पाद        निर्यात में वृद्धि
            चावल            13.7 %
          फल-सब्जी              6.1 %
         प्रसंस्कृत खाद्य            41.9 %
          मोटे अनाज            142.1%
            काजू            28.5 %
   मांस, डेयरी, पोल्ट्री उत्पाद            31.1 %

कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि के लिए पहल

  • विभिन्न देशों में बी2बी प्रदर्शनियों का आयोजन
  • भारतीय दूतावासों की सक्रिय भागीदारी में वृद्धि
  • वर्चुअल तरीके से क्रेता-विक्रेता बैठकों का आयोजन
  • 220 प्रयोगशालाओं को मान्यता और उन्नयन
  • अवसंरचना विकास और गुणवत्ता सुधार पर जोर
  • ऑॅर्गेनिक वर्ल्ड कांग्रेस, बायोफैक इंडिया कार्यक्रम
  • ट्रैसियबिलिटी सिस्टमों का विकास और कार्यान्वयन
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार सूचना का संकलन व विश्लेषण
  • ‘एक जिला, एक विशेष उत्पाद’ के लिए सूची बनाना

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