Home कोरोना वायरस कोरोना वारियर्स के लिए तैयार हो रहा हर्बल इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक

कोरोना वारियर्स के लिए तैयार हो रहा हर्बल इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक

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वैश्विक कोरोना महामारी को देश से जड़-मूल से खत्म करने में जुटी मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय अपने उन कोरोना वारियर्स को कोरोना से बचाने में जुटा है जो फ्रंट लाइन कोरोना योद्धा हैं। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी, यूनानी और होम्योपैथी मंत्रालय ने औषधीय पेय तैयार करने सहित कई उपाय किए हैं, जिसके माध्यम से कोरोना संक्रमण से संघर्ष में जुटे लोगों की शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी। कहने का मतलब है कि आयुष मंत्रालय फ्रंट लाइन कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले योद्धाओं के लिए हर्बल इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक तैयार कर रहा है। झारखंड के चाईबासा जिला स्थिथ सारंडा मंडल के अधिकारियों को इस प्रकार का पेय पदार्थ बनाने का निर्देश दिया गया है। झारखंड के चाईबासा से 90 किलोमीटर दूर काफी बड़े भाग में फैला है सारंडा का घना जंगल। यहां प्रकृति का अद्भुत नजारा है। लगभग सात सौ छोटे-बड़े पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच फैला सारंडा के इलाके में इस प्रकार के पेय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

खतरा में रहने वालों को मिलेगा बुस्टर ड्रिंक

झारखंड के चाईबासा स्थित सारंडा मंडल के मंडलाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि आयुष मंत्रालय के निर्देश पर यहां जो पेय पदार्थ बनाया जा रहा है उससे किसी भी व्यक्ति की शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह इम्युनिटी बुस्टर ड्रिंक उन्हीं लोगों को दिया जाएगा जो कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने या फिर उसके प्रसार को रोकने के लिए अपना जीवन जोखिम में डालकर फ्रंट लाइन पर काम करते हैं। ये तो सभी को पता है कि आज इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सबसे आगे हमारे देश के स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी ही रहते हैं। इसलिए उन्हें सबसे ज्यादा इम्युनिटी बुस्टर ड्रिंक की आवश्यकता है। इसलिए सबसे पहले यह पेय पदार्थ उन्हीं लोगों को दिया जाएगा।

पारंपरिक प्रथा रही है औषधीय पौधों से हर्बल पेय बनाना

हमारे देश में औषधीय पौधों की प्रचूरता है। भौगोलिक बसावट के कारण हमारा देश औषधीय पौधों के मामले में काफी समृद्ध है। इसी कारण औषीय पौधों से हर्बल पेय तैयार करना हमारी परंपरा भी रही है। शोध से यह बात भी सामने आई है कि कोरोना महामारी से लड़ने में हमारी पारंपरिक औषधीय पेय काफी कारगर साबित हो रहे हैं। ये औषधीय हर्बल पेय भी कोरोना महामारी के समय मानव शरीर की प्रतिरक्षण क्षमता बढ़ाने में काफी कारगर होगा। वर्षों से चली आ रही हमारी पुरानी चिकित्सा पद्धति और संस्कृति में शामिल औषधीय पौधे कोरोना से हमें बचाने में एक कारगर उपाय साबित हो रहे हैं। इसलिए आयुष मंत्रालय ने सारंडा वन प्रभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिया है कि वे आदिवासी समुदायों द्वारा बनाए गए इस प्रकार के पेय से नए इम्‍युनिटी बूस्टर ड्रिंक्स को तैयार करें। यह इम्यूनिटी बूस्टर पेय हमारे कोरोना योद्धाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित होगा। मालूम हो कि सारंडा के वन कई प्रकार के औषधीय पौधों का घर रहा है।

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