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भारत-नॉर्वे में ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप, 100 बिलियन डॉलर का निवेश और 10 लाख नौकरियों का महाप्लान शुरू

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भारत और नॉर्वे के रिश्तों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज, 18 मई को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में वहां के प्रधानमंत्री के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट जारी किया। इस दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नया रूप देते हुए ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का ऐलान किया। यह कदम आने वाले समय में न सिर्फ दोनों देशों की आर्थिक और तकनीकी तकदीर बदलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल भी कायम करेगा।

भारत और नॉर्वे के रिश्तों का सबसे बड़ा फोकस इस बार ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रहा। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर क्लीन एनर्जी, क्लाइमेट रेजिलिएंस, ब्लू इकॉनमी और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की स्केल, स्पीड और टैलेंट को नॉर्वे की टेक्नोलॉजी और पूंजी से जोड़कर ग्लोबल लेवल के समाधान तैयार किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी साफ किया कि आने वाला दौर ग्रीन टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट का है। ऐसे में भारत और नॉर्वे की साझेदारी दुनिया के लिए मॉडल बन सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कंपनियां मिलकर ऐसे इनोवेशन पर काम करेंगी जो भविष्य की चुनौतियों का समाधान दे सकें। पीएम मोदी ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी, ओशन एनर्जी, जियोलॉजी और हेल्थ जैसे सेक्टर में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा इंजीनियरिंग, AI, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ने पर भी जोर रहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और नॉर्वे अपनी पार्टनरशिप को फ्यूचर रेडी बनाना चाहते हैं। स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी के जरिए दोनों देशों के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। इससे भारतीय प्रोफेशनल्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी बड़ा फायदा हो सकता है। पीएम मोदी ने आर्कटिक क्षेत्र का भी खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नॉर्वे आर्कटिक रीजन का एक अहम देश है और भारत लंबे समय से वहां रिसर्च गतिविधियों में सहयोग करता रहा है। उन्होंने भारत के आर्कटिक रिसर्च स्टेशन “हिमाद्रि” के संचालन में नॉर्वे की भूमिका के लिए धन्यवाद दिया।

स्पेस सेक्टर में भी दोनों देशों के बीच नई शुरुआत हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि ISRO और Norway Space Agency के बीच हुए समझौते से अंतरिक्ष सहयोग को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सहयोग के जरिए क्लाइमेट चेंज को समझने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता के भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के ‘कॉन्स्टिट्यूशन डे’ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की ओर से नॉर्वे जैसे मजबूत लोकतंत्र को बधाई देना उनके लिए गर्व की बात है। मोदी ने नॉर्वे को ऐसा देश बताया जहां नेचर और मानव विकास के बीच शानदार संतुलन देखने को मिलता है।

पीएम मोदी ने पिछले साल की उस घटना का भी जिक्र किया जब पहलगाम आतंकी हमले की वजह से उनकी नॉर्वे यात्रा टालनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में नॉर्वे ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े होकर समर्थन दिया, वह सच्ची दोस्ती की मिसाल है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत उसे कभी नहीं भूलेगा।

यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर उस प्रयास का समर्थन करेगा जो शांति की दिशा में हो। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बदलती दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए Global Institutions का रिफॉर्म जरूरी है।

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