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भारत अब सिर्फ बदलाव नहीं, दुनिया का ग्रोथ इंजन बनना चाहता है- नीदरलैंड में प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 16 मई को नीदरलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत सिर्फ अपने विकास तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि दुनिया की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का बड़ा केंद्र बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत अब best और fastest बनने की दिशा में काम कर रहा है और देश की आकांक्षाएं अब सीमाओं से कहीं आगे निकल चुकी हैं। आज का भारत दुनिया का ग्रोथ इंजन बनना चाहता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत का युवा बड़े सपने देख रहा है। कोई स्टार्टअप शुरू करना चाहता है, कोई ड्रोन और एआई टेक्नोलॉजी में दुनिया को नेतृत्व देना चाहता है, तो कोई सेमीकंडक्टर और क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग के जरिए भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि इसी सोच की वजह से भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ परिवर्तन की बात नहीं कर रहा, बल्कि हर क्षेत्र में दुनिया में सबसे बेहतर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चाहे रिकॉर्ड हाईवे निर्माण हो, रेल इलेक्ट्रिफिकेशन, वंदे भारत ट्रेनें हों या फिर रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार- भारत हर सेक्टर में बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ता है और उसे पूरा करके भी दिखाता है।

प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा यूनिक आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम, सबसे बड़े फाइनेंशियल इंक्लूजन मॉडल और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भारत ने किया है। उन्होंने बताया कि आज हर महीने भारत में 20 बिलियन से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन हो रहे हैं और दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का आधे से ज्यादा हिस्सा अकेले भारत में हो रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का डिजिटल मॉडल पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। डिजिलॉकर, डिजिटल हेल्थ आईडी और डिजी यात्रा जैसी सुविधाएं आम लोगों की जिंदगी को आसान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को भारत ने सिर्फ सुविधा का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि उसे गरीब और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण का हथियार बनाया है।

प्रधानमंत्री ने भारत के बढ़ते स्टार्टअप और इनोवेशन कल्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 2 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं भारत में अब करीब 125 यूनिकॉर्न सक्रिय हैं। पीएम मोदी ने कहा कि एआई, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में भारतीय स्टार्टअप तेजी से काम कर रहे हैं और रिसर्च तथा इनोवेशन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत में सवा लाख से ज्यादा पेटेंट फाइल किए गए। साथ ही सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत बड़े कदम उठा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है और उनमें से दो में उत्पादन शुरू भी हो चुका है। उनका कहना था कि अब “डिजाइन्ड इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” चिप्स दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट जैसी समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं बदले तो करोड़ों लोग फिर से गरीबी में जा सकते हैं। ऐसे समय में दुनिया resilient supply chain की बात कर रही है और भारत-नीदरलैंड मिलकर trusted और future-ready सप्लाई चेन तैयार करने में जुटे हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा सुरक्षा और जल सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत और नीदरलैंड्स मिलकर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुआ ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबारियों के लिए यूरोप में प्रवेश का प्राकृतिक द्वार नीदरलैंड्स बन सकता है।

प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रवासी समुदाय की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में बसे भारतीयों ने अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को पीढ़ियों तक जिंदा रखा है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय सिर्फ आर्थिक योगदान नहीं दे रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति को भी दुनिया तक पहुंचा रहा है। पीएम मोदी ने कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों और सांस्कृतिक संस्थाओं की भूमिका की सराहना की।

अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि 16 मई का दिन उनके लिए बेहद खास है क्योंकि 2014 में इसी दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे और देश में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि करोड़ों भारतीयों का भरोसा ही उन्हें लगातार काम करने की ताकत देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक दुनिया में लगातार 25 वर्षों तक जनता का समर्थन मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और यही उन्हें देशवासियों के सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।

नीदरलैंड और भारत के सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने ट्यूलिप और कमल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ट्यूलिप नीदरलैंड की पहचान है, वैसे ही कमल भारत की पहचान है। दोनों फूल यह संदेश देते हैं कि सही पोषण मिलने पर जड़ों से जुड़कर भी मजबूती और सुंदरता हासिल की जा सकती है।

खेलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिकेट और हॉकी दोनों देशों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने नीदरलैंड क्रिकेट टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों के योगदान की तारीफ की और भारतीय हॉकी टीम में डच कोचों की भूमिका को भी सराहा। पीएम मोदी ने कहा कि चाहे वर्ल्ड कप कोई भी जीते, लेकिन भारत और नीदरलैंड्स की दोस्ती हमेशा जीतती रहेगी।

अपने संबोधन के आखिर में प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय से भारत के विकास में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है, जो टेक्नोलॉजी से भी प्रेरित है और मानवता से भी। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भारत में निवेश और सहयोग बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भारत की ताकत भी बढ़ेगी और निवेश पर बेहतर रिटर्न भी मिलेगा।

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