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दिल्ली में कम नहीं हो रहे कोरोना केस, पिछले 24 घंटों में सामने आए 1,964 नए मामले

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दिल्ली में कोरोना के केस कम नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के कुल 1,964 नए मामले सामने आए हैं। दिल्ली में शुरू से अब तक कोरोना के कुल 19,90,355 केस सामने आए हैं। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 8 लोगों की मौत हो गई। इसे मिलाकर अभी तक दिल्ली में कोरोना से 26,408 लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना के मामले को देखते हुए दिल्ली में एक बार फिर से मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।

देश में तेज रफ्तार से जारी टीकाकरण के बाद भी दिल्ली-केरल जैसे राज्यों के कारण कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कारण देश में कोरोना के मामलों में कमी नहीं आ पा रही है। जहां हर जगह कोरोना के मामलों में कमी आ रही है, वहीं दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में मामले बढ़ ही रहे हैं। इन राज्यों के नए मामलों को मिलाकर देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 15,754 नए मामले सामने आए हैं। इस कारण देश में फिलहाल एक्टिव केस 1,01,830 पर है। इस समय रिकवरी रेट 98.58 प्रतिशत पर है।

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,246 नए मामले सामने आए हैं, इससे राज्य में अब तक कोरोना के कुल 80,78,411 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही यहां कोरोना से 1,48,186 लोगों की मौत हो चुकी है।

तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 643 नए मामले सामने आए हैं, इससे राज्य में अब तक कोरोना के कुल 35,61,453 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही तमिलनाडु में कोरोना से 38,033 लोगों की मौत हो चुकी है।

पिछले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल में कोरोना के 436 नए मामले सामने आए हैं, इससे राज्य में अब तक कोरोना के कुल 21,03,761 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में अभी तक कोरोना से 21,430 लोगों की मौत हो चुकी है।

केरल तो शुरू से ही कोरोना हब बना हुआ है। पौने चार करोड़ से भी कम की आबादी वाला केरल 67.41 लाख मामलों के साथ कोरोना के मामले में देश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। केरल में पिछले 24 घंटे में 1,239 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 9 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 70,688 पर पहुंच गई है। कोरोना से मौत के मामले में यह छोटा सा राज्य देश में दूसरे स्थान पर है।

केरल ने तो कोरोना मौत के मामले को दबाने की भी कोशिश की। अदालत की सख्ती के बाद केरल ने बैकलॉग जोड़ने शुरू किए। इससे कोरोना से मौत के मामले अचानक काफी बढ़ गए। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 21 अक्तूबर, 2021 से लेकर 11 नवंबर, 2021 के बीच 21 दिनों में सरकारी डेटा में दिखाई गई 7,838 मौतों में सिर्फ 1,257 ताजा मामले थे। इनमें से 6,581 मौतें पहले के थे। लेफ्ट सरकार इसी तरह आंकड़े को कम दिखाकर केरल मॉडल पर पक्षकारों से वाहवाही प्राप्त कर अपने पक्ष में माहौल बनाती थी।
कोरोना मामले में आगे होने के बाद भी यहां की वामपंथी सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट दे दी थी। इससे राज्य में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हो गया। तथाकथित सेकुलर, लिबरल पक्षकारों के बल पर केरल मॉडल को लेकर वाहवाही लूटने वाली वामपंथी सरकार कोरोना प्रबंधन में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रोपगेंडा और लेफ्ट मीडिया के बल पर दुनिया भर में केरल मॉडल का बखान करने वाली केरल सरकार की पोल खुल गई है। बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर 20 जुलाई, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ये डरावना है कि ऐसे हालात होने को बावजूद पाबंदियों में इस तरह छूट दी गई। कोरोना के इस हालात में रियायत देना सॉरी स्टेट ऑफ अफेयर है। 

इस सबके बावजूद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका नजारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी के साथ छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में देखने को मिला।

सीएम पी विजयन बैठक के दौरान चाय पीते और कुछ खाते दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि वे सिर्फ बैठक में शामिल होने की औपचारिकता निभा रहे थे। उनकी हरकत से साफ लग रहा था कि बैठक में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। देखिए वीडियो-

इतना सब होने के बाद भी लेफ्ट के करीबी पक्षकार केरल के सीएम का पक्ष ले रहे हैं और केरल मॉडल की प्रशंसा करने में जुटे हुए हैं। इसे क्या कहिएगा

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