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ईज आफ डूइंग बिजनेसः भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने स्पेक्ट्रम आवंटन पर की मोदी सरकार की तारीफ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले कुछ सालों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) पर विशेष रूप से ध्यान दिया है। सरकार ने करीब डेढ़ हजार गैर-जरूरी कानूनों को खत्‍म कर देश में बिजनेस करना और आसान बना दिया है। यही नहीं, पिछले दो सालों में 25 हजार से ज्यादा कंप्‍लायंस नियमों को वापस लिया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नए कारोबार को शुरू करने की सुगमता के मामले में भारत दुनिया की टॉप-5 इकोनॉमी में शामिल हो गया है। विश्व बैंक ने भी अपने सर्वे में कहा है कि भारत ने कई आर्थिक मोर्चों पर सुधार किया है और निर्माण के क्षेत्र में भारत की रैंकिंग अविश्वसनीय रूप से सुधरी है। इन फैसलों का असर अब दिख रहा है। 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में स्पेक्ट्रम हासिल करने वाली टेलीकॉम कंपनियों ने जैसे ही स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पहली किस्त का भुगतान किया, उसके कुछ ही घंटों के भीतर इन कंपनियों को दूरसंचार विभाग ने आवंटन लेटर जारी कर दिया है। सरकार के इस कदम के बाद इज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए लिए भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने जमकर तारीफ की है।

कुछ घंटों के भीतर ही एलोकेशन लेटर मिल गयाः सुनील मित्तल

भारती इंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्‍तल ने कहा कि उनके एयरटेल की तरफ से स्‍पेक्‍ट्रम बकाया भुगतान करने के कुछ घंटों के भीतर ही स्‍पेक्‍ट्रम के लिए एलोकेशन लेटर मिल गया। इसके लिए अलग से कोई मशक्‍कत नहीं करनी पड़ी। सुनील मित्‍तल ने कहा, “स्पेक्ट्रम के बकाया भुगतान करने के बाद बिना किसी दिक्‍कत या गलियारों में चक्‍कर लगाए संबंधित स्‍पेक्‍ट्रम के लिए कुछ ही घंटों में एलोकेशन लेटर जारी कर दिया गया! इसे ही सही मायनों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कहते हैं!”

विकसित राष्ट्र की ओर भारत

सुनील मित्‍तल ने कहा कि दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मेरे 30 साल से ज्‍यादा वर्षों के अनुभव में ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है! बिजनेस का स्वरूप ऐसा ही होना चाहिए! नेतृत्‍व सही दिशा में जा रहा है और टेलीकॉम की कमान भी सही हाथों में हैं! यह बहुत बड़ा बदलाव है! यह परिवर्तन ही है जो, इस राष्ट्रीय-शक्ति को विकसित राष्ट्र बनने के सपने को सच में बदल सकता है! ये गजब का बदलाव है। ये ऐसा परिवर्तन है जो राष्ट्र को बदल सकता है और एक विकसित राष्ट्र बनने की शक्ति प्रदान कर सकता है।

जल्द 5जी सेवा लॉन्च करेगी भारती एयरटेल

टेलीकॉम कंपनियों ने 5जी स्पेक्ट्रम के मद में 17,873 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। जिसमें भारती एयरटेल ने 5 वर्षों के लिए एडवांस के तौर पर 8312.4 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। अगले चार सालों तक भारती एयरटेल को सरकार को अब स्पेक्ट्रम के मद में कोई भुगतान करने की जरुरत नहीं है। माना जा रहा है कि भारती एयरटेल इसी महीने 5जी मोबाइल सर्विसेज को रोलआउट कर सकती है। भारती एयरटेल ने अलग अलग बैंड में 19,867 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम हासिल किया है जिसके लिए कंपनी ने 43,084 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

टेलीकॉम कंपनियों को स्‍पेक्‍ट्रम आवंटित

देश में 5G सर्विस जल्द ही शुरू हो सकती है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम का आवंटन कर दिया है। 5G स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए टेलीकॉम कंपनियों ने EMD का भुगतान कर दिया है। भारती एयरटेल ने 8312 करोड़ (4 साल की किस्त), रिलायंस जियो ने 7864 करोड़, वोडाफोन आइडिया ने 1679 करोड़ और अडानी डाटा ने 18 करोड़ रुपये का पेमेंट किया है।

 

5जी नीलामी प्रक्रिया सबसे आसान थी

हाल ही में 5जी नीलामी प्रक्रिया दूरसंचार क्षेत्र की मजबूती और विश्वास के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में सरकार की सक्रियता को दर्शाती है। सरकार की बाजार अनुकूल नीतियों द्वारा समर्थित, भारतीय दूरसंचार क्षेत्र सबसे अधिक लागत प्रभावी दरों के साथ दुनिया में दूसरे स्थान पर है, और आगे देश की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 5जी नीलामी प्रक्रिया सबसे आसान, सबसे तेज और सबसे कुशल स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया में से एक थी।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ने उद्योग की ताकत को बढ़ाया

फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा ने कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया की आसानी, गति और पारदर्शिता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का एक जीवंत उदाहरण है। इससे देश में वास्तविक परिवर्तन आएगा। पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी के लिए सक्रिय उपाय करने के लिए कई नीतिगत हस्तक्षेप किए हैं। इसने उद्योग की ताकत को बढ़ाया है और यह सुनिश्चित किया है कि भारत प्रौद्योगिकी और डिजिटल संचार में वैश्विक नेता बना रहे। मोबाइल उद्योग के 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की भारत की दृष्टि में ‘महत्वपूर्ण’ भूमिका निभाने की उम्मीद है, जिसमें से 1 ट्रिलियन डॉलर डिजिटल अर्थव्यवस्था खंड से एकमात्र योगदान होगा।

5G से क्या फर्क पड़ेगा?

5G में Internet Download Speed 10GB प्रति सैंकेड तक दी जा सकती हैं! इससे यूजर्स हैवी फाइल्स डाउनलोड आसानी कर पाएंगे, अपलोडिंग स्पीड भी इसमें 1GB प्रति सेकंड तक मिलेगी! 4G के मुकाबले 5G नेटवर्क का दायरा ज्यादा होने की वजह से यह बिना स्पीड कम हुए भी कई और डिवाइसेज के साथ आसानी से जुड़ सकेगा!

5G की खासियत क्या है?

5G इंटरनेट सेवा मौजूदा 4G इंटरनेट से करीब 10 गुना ज्यादा तेज है! 4G से जो वीडियो एक घंटे में डाउनलोड होती वो 5G से महज 50 सेकेंड में ही डाउनलोड हो जाएगी!

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