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राहुल और केजरीवाल में जंग, ‘अराजक नंबर-1’ बनने की होड़, देश को अस्थिर करने की बड़ी साजिश

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देश में इस समय विपक्षी दलों के बीच ही सियासी जंग छिड़ी हुई है, जिसमें एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची है। फिलहाल इस जंग में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सबसे आगे चल रही है और दोनों के बीच कांटे का मुकाबला हो रहा है। दोनों पार्टियां पूरे देश में और खासकर दिल्ली में अराजकता और अशांति फैलाकर इस जंग को जीतना चाहती हैं, ताकि खुद को अराजक नंबर वन का खिताब हासिल कर सके। दरअसल, इस खिताब का इस्तेमाल साल 2027 में होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों में किया जाएगा। इसलिए दिल्ली की सड़क पर दोनों पार्टियां अपने-अपने नेता को सबसे आक्रामक और मुखर रूप में पेश करना चाहती हैं। यहीं वजह है कि हाल के घटनाक्रमों में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अलग-अलग विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। 

राहुल गांधी ने CJP प्रदर्शन से बनाई दूरी, पहुंचे चेन्नई
सबसे पहले राहुल गांधी की बात करते हैं। 20 जुलाई 2026 को शुरू हुई अराजकता की जंग में अरविंद केजरीवाल से पिछड़ने के बाद राहुल गांधी को बड़ा पछतावा हुआ था। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री निवास के सामने धरना देकर आगे निकलने की कोशिश की थी। लेकिन इसका व्यापक असर नहीं हुआ। इसलिए 6 से 9 अक्टूबर के बीच उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों के साथ मिलकर आकाशवाणी भवन से लेकर जंतर-मंतर तक जमकर प्रदर्शन किया। दोनों भाई और बहन ने खुद को अराजक नंबर वन साबित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली की सड़कों पर चाहे महिला पुलिसकर्मियों से मारपीट और बदसलूकी करना हो या दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का अपमान करना हो, दोनों ने अपना पूरा स्टंट और रसूख दिखाया। इसके बाद शांति का पाठ पढ़ाने राजघाट पहुंच गए। जैसे ही 10 अक्टूबर को अरविंद केजरीवाल की बारी आई, राहुल गांधी ने उनसे दूरी बना ली और चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गए।

राहुल से दूरी, CJP प्रदर्शन में परिवार संग शामिल होने का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी ने कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया था। वाम दलों और आप ने अपनी भागीदारी की घोषणा कर दी। ममता बनर्जी ने भी शामिल होने की बात कही थी। कांग्रेस पार्टी ने सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर कोई बयान नहीं दिया। वहीं राहुल गांधी के प्रदर्शन से दूरी बनाने वाले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए पूरा देश मांग कर रहा है। मैं सब लोगों से और पूरे देश के लोगों से अपील करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा जंतर-मंतर जाएं। किसी एक व्यक्ति और पार्टी की बात नहीं है। इस देश की बात है। कल से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट चालू हो रहा है। मैं भी जाऊंगा, मेरा पूरा परिवार भी जाएगा। आप सब लोग जाइए।”

हिरासत में केजरीवाल, टांगकर ले गई दिल्ली पुलिस
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे। वो नहीं चाहते थे कि राहुल गांधी उनसे आगे निकले। वो भी राहुल गांधी की तरह पुलिस से भिड़ गए और धक्का-मुक्की करने लगे। उनके अड़ियल रूख को देखते हुए आखिरकार पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें साथ चलने को कहा, लेकिन कजरीवाल अड़े रहे। राहुल गांधी की तरह पुलिस उनको भी टांगकर ले गई। इस दौरान AAP समर्थकों और पुलिस के बीच खींचतान होती भी दिखी। केजरीवाल के अलावा आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक को भी हिरासत में लिया गया।

हिरासत में ममता बनर्जी, माणिक सरकार, पी. विजयन 
तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी, माणिक सरकार, पी. विजयन को दिल्ली में हिरासत में लिया गया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शनिवार को दिल्ली में उनके आवास के बाहर हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। पूर्व सांसद साकेत गोखले ने कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के पांच अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस और CRPF ने हिरासत में लिया है। ममता बनर्जी ने विरोध जताने के लिए अपने मुंह पर बैंड-ऐड (पट्टी) चिपकाया था और वे धरने पर बैठी थीं।

चंडीगढ़ में मनीष सिसोदिया और AAP नेता पुलिस हिरासत में 
चंडीगढ़ में सीईसी ज्ञानेश कुमार के मामले को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और पंजाब आप के कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान जब आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मनीष सिसोदिया समेत कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस प्रदर्शन के दौरान पंजाब के पार्टी नेता और मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्हें भी हिरासत में लिया गया है।

फ्लाइट से हिरासत में लिए गए दीपके,रांका और सौरव दास
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से हिरासत में ले लिया गया। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन करने के इरादे से मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान दीपके को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मैं अरेस्ट होने के लिए ही आया हूं। कर लो अरेस्ट।’ दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों नेताओं को विमान से गिरफ्तार करने के बाद एक वैन में बिठाकर ले गई। उन्हें कहां लेकर गई है, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

दिल्ली पुलिस के हिरासत में यूट्यूबर ध्रुव राठी
यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत 1000 समर्थकों को भी पकड़ा जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिया। सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस सुबह 7:48 बजे उनके घर में दाखिल हुई। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलने के बाद पुलिस घर के अंदर गई। खबर है कि देर रात उनके घर के बाहर करीब 50 पुलिसकर्मी जमा हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। उनका परिवार गुरुग्राम के सेक्टर 56, सेंट्रल पार्क विहार में रहता है। गौरतलब है कि ध्रुव राठी ने 9 अक्टूबर की रात में इंडिया गेट जाकर वीडियो बनाया और लोगों को जंतर मंतर पर इकट्ठा होने की अपील की थी।

बैरिकेड उखाड़ने का प्रयास, पुलिस पर पत्थराव
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग को पार करने और बैरिकेड उखाड़ने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों को धक्का दिया। शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का दावा करने वाले हिंसा पर उतारू थे। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए। इन सबको बसों में बैठाया गया। इम्तियाज अली मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

 

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