कॉकरोच जनता पार्टी के नेता झूठ बोलने में अपने गुरु अरविंद केजरीवाल से भी आगे निकल गए हैं। बुजुर्ग की मौत पर झूठ बोलकर घटिया राजनीति करने से बाज नहीं आते हैं। सीजेपी के राष्ट्रीय सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि हिरासत में होने के दौरान अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई और उन्हें परिवार वालों से बात भी नहीं करने दी गई। आशुतोष रांका ने कहा कि कल ही अभिजीत की दादी की मौत हो गई। इसके बारे में जब अभिजीत को सूचित किया गया, तो उस समय भी दिल्ली पुलिस ने अमानवीय चेहरा दिखाया। इससे पूरे देश को शर्म आ रही है।
दादी के गुज़रने पर कहा झूठ, दिल्ली पुलिस ने वीडियो जारी कर किया पर्दाफाश!
CJP ने दिल्ली पुलिस पर अभिजीत दीपके के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका इस झूठ को चिल्लाते रहे। लेकिन दिल्ली पुलिस के वीडियो ने इस झूठे आरोप की सच्चाई देश के सामने रख दी।
दादी के निधन की खबर देते हुए पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता से दीपके से कहा कि यदि वह अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते हैं, तो फ्लाइट समेत सभी जरूरी इंतजाम करवा दिए जाएंगे।
अभिजीत दीपके जवाब देते हैं, “मैं रुकूंगा।” पुलिसकर्मी दोबारा पूछते हैं कि क्या वह जाना नहीं चाहते। दीपके का फिर वही जवाब आता है…
वीडियो में साफ दिख रहा है, पुलिस मदद की पेशकश कर रही है, जबकि CJP उस पर अमानवीयता का आरोप लगा रही है। अपनी दादी के निधन को भी तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों की मानसिकता कैसी होगी? देश के सामने आपकी सच्चाई उजागर हो चुकी है!
— BJP (@BJP4India) October 11, 2026
दिल्ली पुलिस पर लगाया अमानवीय बर्ताव का आरोप
अशुतोष रांका ने कहा, “दीपके बार बार बोलता रहा कि हमारे माता-पिता जल्द परेशान हो जाते हैं। हार्ट के मरीज है। मेरे चचेरे भाई से बात करने दीजिए, जो इस समय गांव में मौजूद है। मैं बात करना चाहता हूं क्या हुआ है? लेकिन दिल्ली पुलिस का दिल नहीं पसीजा। इस तरह के हालात देश में पैदा हो गए हैं। किसी करीबी के जाने के बाद भी ये लोग मानवीय बर्ताव नहीं करते हैं।”
Delhi: CJP Co-Convenor Ashutosh Ranka says, “…Abhijeet’s grandmother passed away yesterday. When Abhijeet was informed about her death, Delhi Police behaved in such an inhuman manner. I feel ashamed that the police in the national capital of this country behaved this way. Even when Dipke was informed about his grandmother’s death, Delhi Police personnel were standing there with cameras and microphones. They tried to turn even this incident into a spectacle…”
— IANS (@ians_india) October 11, 2026
पीएम मोदी की दिवंगत मां को भी घटिया राजनीति में घसीटा
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की राजनीति का स्तर इतना गिर चुका है कि व्यक्तिगत हमला करने से भी नहीं चुकते हैं। सीजेपी के नेताओं ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता जी, जो इस दुनिया में नहीं है, उनको भी अपनी घटिया राजनीति में घसीटने की कोशिश की है। आशुतोष रांका ने कहा कि अभिजीत दीपके नहीं चाहता था कि जो भी उसका पर्सनल मैटर है, वो सार्वजनिक रूप से व्यक्त करे। महामानव, जिन्होंने अपनी मां के गुजरने को तमाशा बना दिया था, अभिजीत वैसा इंसान नहीं है।
CJP का बेशर्म आशुतोष रांका ने फिर से PM मोदी की मरी हुई माँ को अपनी घटिया राजनीति में घसीटा।
दिल्ली पुलिस को इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। 🤔 https://t.co/hpsAcDgrXG
— Brijesh Kumar (राष्ट्रवादी) (@brijesh81kr) October 11, 2026
परवरिश का फल, जैसी मां, वैसा बेटा
अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। दीपके की मां ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने शनिवार को उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनके बेटे अभिजीत को समय रहते हिरासत से रिहा कर दिया जाता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाते और उन्हें आखिरी बार देख सकते थे।
दोनों में से कौन अपने परिवार के बुजुर्ग की मौत पर घटिया राजनीति कर रहा है ??
अभिजीत दीपके खुद या उसकी मां ??
जैसे ही खबर आई कि अभिषेक दीपके की दादी का निधन हुआ है वह पुलिस हिरासत में था तुरंत दिल्ली पुलिस ने उसे खबर दिया
और दिल्ली पुलिस उ वक्त हर एक मोमेंट का वीडियो भी बना रही थी
और अभिजीत दीपके से कहा गया की आपको इस शर्त पर हम छोड़ सकते हैं कि आप इमीडिएट अपने घर चले जाइए क्योंकि आपकी दादी का निधन हुआ है
अभिजीत दीपके ने मना किया कि भले ही मेरी दादी का निधन हुआ है लेकिन मैं अपने घर नहीं जाऊंगा मैं दिल्ली में ही रहूंगा
और उधर इसकी मां कह रही है कि अगर मेरे बेटे को उसकी दादी के निधन की खबर मिली होती तब वह जरूर आता
सोचिए कितना घटिया खानदान है
अब कम से कम अपने बुजुर्गों की मौत पर तो इतनी गंदी राजनीति मत करो
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) October 11, 2026
दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की साजिश बेनकाब
कॉकरोचों ने पुलिस को बदनाम करने की पूरी तैयारी की थी। लेकिन कॉकरोचों और उसके गुरु केजरीवाल के अतीत को देखते हुए पुलिस भी पहले से सतर्क थी। उनकी प्रोपेगैंडा की हवा निकालने के लिए एक ‘वीडियो हिट’ मारा, जिससे कॉकरोचों के शर्मनाक झूठ की पोल खुल गई। दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने पीसी कर सीजेपी के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया। उन्होंने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने अभिजीत दीपके की दादी के निधन की जानकारी नहीं दी थी।
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके के साथ बातचीत का वीडियो जारी किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि “कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी के निधन की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया. पुलिस ने संवेदना व्यक्त करते हुए फ्लाइट टिकट, फोन कॉल या अन्य किसी भी आवश्यक मदद की पेशकश की. अधिकारियों ने उनसे माता-पिता से बात करने का आग्रह भी किया, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया”
#CJPProtest #DelhiPolice #SauravDas #AbhijeetDipke #GyaneshKumar #ABPNews
— ABP News (@ABPNews) October 11, 2026
दिल्ली पुलिस ने जारी किया वीडियो
पुलिस ने दोहराया कि संवेदनशीलता के साथ उन्हें निधन की सूचना दी गई थी और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके गृह नगर जाने में मदद की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया था। दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन के बारे में जानकारी देते हुए वीडियो भी जारी किया। उन्होंने बताया कि दीपके को अपने परिवार से बात करने का विकल्प भी दिया गया था। दीपके की दादी लंबे समय से बीमार थीं और शनिवार को पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे उनका निधन हो गया था।
अभिजीत दीपके की दादी के निधन के बाद उनसे बातचीत का वीडियो सामने आया है.
DCP नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि
अभिजीत को परिवार से बात करने और घर जाने में मदद की बात की गई थी.
अभिजीतकहां हैं @grok बताओ क्या-क्या बात हुई है. https://t.co/TYfoBQfEYb
— Karam Yadav 2.0💛 (@KaramD_2) October 11, 2026
सीजेपी ने वादों और निर्देशों का पालन नहीं किया
डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि CJP के मामले में, उनके पिछले व्यवहार से पता चला कि वे पहले दिए गए वादों और स्थानीय निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहे। जब पहले अनुमति दी गई थी, तो उन्होंने कानून का पालन नहीं किया। उनके द्वारा जुटाई गई भीड़ ने ज़बरदस्त पत्थरबाजी, आगजनी और हिंसा की, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। तय प्रक्रियाओं का पालन न करने, कानूनों और दिशानिर्देशों का पालन न करने के इतिहास और मौजूदा सुरक्षा व कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नहीं दी गई थी।’
CJP के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का जवाब!
DCP PRO नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि पहले तय शर्तों का पालन नहीं किया गया था। अभिजीत दिपके की हिरासत और उनकी दादी के निधन के मामले में भी पुलिस ने अपना पक्ष रखा। https://t.co/p7VfWq4ehD— The News Bite (@SharmaGouravs34) October 11, 2026
दिल्ली पुलिस के हिरासत में थे दीपके समेत तीन सीजेपी नेता
अभिजीत दीपके सीजेपी के उन तीन नेताओं में शामिल थे, जिन्हें जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रदर्शन से पहले शनिवार 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एक विमान के भीतर से हिरासत में लिया था। दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में लागू निषेधाज्ञा और प्रक्रियागत आवश्यकताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया,मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने विमान में जाकर अभिजीत दिपके से बात की और जंतर मंतर नहीं जाने का आश्वासन मांगा
दिपके से कोई भरोसा नहीं मिलने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया #cjp https://t.co/8e0BM2sBLb— ABHISHEK KUMAR PANDEY 🇮🇳 (@abhishekwire) October 10, 2026
अब आइए देखते हैं, दिल्ली पुलिस का वो मानवीय चेहरा, जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
पुलिस का मानवीय बर्ताव, हिरासत में बांटे गए समोसे
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस द्वारा चाय और समोसे बांटे जाने का मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मानवाधिकार संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने के आरोपों के बीच पुलिस के इस कदम की काफी चर्चा हो रही है।
जो भी लड़के कॉकरोच जनता पार्टी के बहकावे में आकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे उन्हें समझना चाहिए कि उनको दंगाई बनाकर वो खुद नेता बनना चाहते हैं,
आपलोग तो भीड़ में आ गए लेकिन उसी भीड़ में Gहादीयो को CJP वाले घुसा दिये जिन्होंने दिल्ली पुलिस को गालियां दी पत्थर मारे पुरा उकसाया की पुलिस आप पर लाठियां भांजे और उसकी सहानुभूति अभीजित दिपके सौरभ दास और आशुतोष रांका को मिले जिससे राजनीति चमक जाये..
अगर उन्हें प्रदर्शन में आना होता तो एकसाथ ऐलान करके नहीं आते कि इस जहाज से आ रहे हैं इतना बजे उतरेंगे और साथ में मीडिया लेकर भी नहीं आते,
उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि दिल्ली पुलिस गिरफ्तार करले क्योंकि उन्हें पता था जब प्रदर्शन खत्म होगा फिर छोड़ देंगी और आज कोर्ट के आदेश पर छोड़ भी दिया…!!
और तो और ये लोग पिछले प्रदर्शन में भी नहीं आये थे आप लोगों को आगे करके,
अपना जगह पकड़ लिये थे 🙄— Anant (@singh31919) October 11, 2026
“एक चाय, दो समोसा, दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा”
पुलिस द्वारा चाय, समोसे, कचौड़ी और पानी बांटे जाने के बाद हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने बस और स्टेडियम के अंदर मजाकिया अंदाज में नारे लगाए। इनमें “एक चाय, दो समोसा, दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा” और “लोकतंत्र की करोंगे रक्षा, दिल्ली पुलिस पर भरोसा” जैसे नारे शामिल थे।
♦दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को चाय-समोसा मिला, तो नारे भी मजेदार हो गए। “एक चाय, दो समोसा… दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा!” लोकतंत्र और पुलिस पर भरोसे से जुड़े इन नारों का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
#delhipolice #viralvideo https://t.co/9QbLfDRLQq— Knews (@Knewsindia) October 12, 2026









