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इकॉनमी को बूस्टर डोज: प्रधानमंत्री ने कहा- किसानों, छोटे उद्यमियों और स्वरोजगार करने वालों के लिए की गईं कई पहल

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित उपायों से आर्थिक गतिविधियों को तेज करने, उत्पादन और निर्यात बढ़ाने एवं रोजगार सृजन में सहायता मिलेगी। उन्होंने बच्चों, किसानों, छोटे उद्यमियों और स्वरोजगार में लगे लोगों के स्वास्थ्य व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित उपायों से विशेष रूप से सेवाओं की कमी वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी, चिकित्सा अवसंरचना में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और महत्वपूर्ण मानव संसाधन में बढ़ोतरी होगी। इसमें हमारे बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारे किसानों को सहायता देने को महत्व दिया गया है। ऐसी कई पहलों का ऐलान किया गया है, जिससे उनकी लागत घटती है, उनकी आय बढ़ती है और कृषि गतिविधियों में लचीलेपन व स्थायित्व को समर्थन मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे छोटे उद्यमियों और स्वरोजगार में लगे लोगों को उनकी कारोबारी गतिविधियों को सुचारू रखने और उनके विस्तार में सक्षम बनाने के लिए सहायता का ऐलान किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन उपायों से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, उत्पादन और निर्यात बढ़ेगा व रोजगार सृजन होगा। परिणाम संबद्ध बिजली वितरण योजना और पीपीपी परियोजनाओं व संपत्ति मुद्रीकरण के लिए व्यवस्थित प्रक्रियाओं से हमारी सरकार की सुधारों के लिए जारी प्रतिबद्धता का पता चलता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कोरोना महामारी से निपटने के दौरान अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा देने के लिए 6, 28,993 करोड़ रुपये का प्रोत्‍साहन पैकेज देने की घोषणा की है। निर्मला सीतारामन ने कुल आठ राहत उपायों की घोषणा की, जिनमें से चार पूरी तरह से नए हैं। इनमें से एक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने 1.1 लाख करोड़ रुपये का फंड क्रेडिट गारंटी योजना के लिए आवंटित किया है। उन्होंने कहा कि यह ऋण गारंटी योजना आठ बड़े शहरों को छोड़कर अन्‍य शहरों में नई परियोजनाओं के विस्‍तार के लिए होंगी। इस योजना में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 50,000 करोड़ रुपये का ऋण शामिल है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। वित्त मंत्री ने कहा, माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन के माध्यम से क्रेडिट गारंटी योजना है, इसमें 25 लाख छोटे उधारकर्ताओं तक पहुंचने का लक्ष्य है। इसमें एक व्यक्ति को अधिकतम 1.25 लाख का ऋण दिया जाएगा। ब्याज दर रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक निर्धारित अधिकतम ब्याज दर से 2 प्रतिशत कम होगी। सरकार ने ईसीएलजीएस स्कीम के तहत 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन का प्रावधान किया गया है।

 

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