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भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण मंदिर में आने वाले और चीवर चढ़ाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी, कुशीनगरवासियों को दी अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा नई लकीर खींचने में विश्वास करते हैं। यही वजह है कि देश में नए-नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार (20 अक्टूबर, 2021) को कुशीनगरवासियों को इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात दी। इसके बाद उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया। वे महापरिनिर्वाण मंदिर में बौद्ध रीति-रिवाज से भगवान बुद्ध का पूजन किया और 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से चीवर दान किया। इसके साथ ही वे शयन मुद्रा वाली बुद्ध प्रतिमा पर चीवर चढ़ाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल से बौद्ध भिक्षु काफी उत्साहित हैं।

कुशीनगर में यूं तो इंदिरा गाधी, चंद्रशेखर और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री के रूप में आकर सभा कर चुके हैं, लेकिन मंदिर कोई नहीं गया। इसके पहले सन 1956 में भगवान बुद्ध की 2500वीं जयंती पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने धार्मिक गुरु दलाई लामा सहित बौद्ध धर्म को मानने वाले कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया था, लेकिन खुद नहीं आए थे। गौरतलब है कि पूरे विश्व में सिर्फ कुशीनगर के महापरिनिर्वाण मंदिर में ही बुद्ध की 5वीं सदी की शयनमुद्रा की प्रतिमा है। इस प्रतिमा की खासियत विभिन्न स्थानों से विभिन्न मुद्रा का दिखना भी है। प्रतिमा सिर की तरफ से मुस्कुराती, मध्य से चिंतन व पैर की तरफ से देखने पर शयन मुद्रा का आभास कराती है।

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट के एयर-रूट से जुड़ा कुशीनगर

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 29वें हवाई अड्डे के रूप में कुशीनगर एयरपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही कुशीनगर भी अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट के एयर-रूट से जुड़ गया। इसके अलावा कुशीनगर यूपी के उन तमाम नगरों की लिस्ट में शामिल हो गया, जहां से देश के किसी भी स्थान के लिए हवाई यात्रा सुगम हो जाएगी। कुशीनगर बौद्ध सर्किट का केंद्र बिंदु भी है। जिसमें लुंबिनी, सारनाथ और गया के तीर्थस्थल शामिल हैं। हवाई अड्डा बौद्ध धर्म के और अधिक अनुयायियों को देश और विदेश से कुशीनगर आकर्षित करने में मदद करेगा और बौद्ध विषय वस्तु आधारित सर्किट के विकास को बढ़ाएगा।

पर्यटन, रोजगार और सामरिक दृष्टि से काफी अहम

एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर कुशीनगर पहुंचे श्रीलंका के खेल मंत्री नमल राजपक्षे ने कहा कि कुशीनगर तक सीधी पहुंच से भारत आने वाले श्रीलंका और विश्व के अन्य देशों के यात्रियों खासकर बौद्ध धर्मावलंबियों की संख्या में वृद्धि होगी, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। एयरपोर्ट शुरू होने से पर्यटकों के आगमन में 20 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। स्थानीय उद्योग और उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। इससे किसान, पशुपालकों, छोटे बिजनेसमैन आदि को भी फायदा होगा। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण यह सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है।

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