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न्यू इंडिया Innovate करता है, Initiate करता है और Implement करता है, अब यह मानने को तैयार नहीं कि भ्रष्टाचार सिस्टम का हिस्सा है- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज 21वीं सदी का भारत, आधुनिक सोच के साथ ही टेक्नोलॉजी को मानवता के हित में इस्तेमाल करने पर बल देता है। न्यू इंडिया Innovate करता है, Initiate करता है और Implement करता है। न्यू इंडिया अब ये भी मानने को तैयार नहीं कि भ्रष्टाचार सिस्टम का हिस्सा है। उसे System Transparent चाहिए, Process Efficient चाहिए और Governance Smooth चाहिए। गुजरात के केवड़िया में केंद्रीय सतर्कता आयोग और केंद्रीय जांच ब्यूरो के संयुक्त सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि करप्शन से जुड़ी नई चुनौतियों के सार्थक समाधान तलाशने के लिए, आप सब सरदार वल्लभभाई पटेल के सानिध्य में महामंथन के लिए जुटे हैं। सरदार पटेल ने हमेशा, गवर्नेंस को भारत के विकास का, जन सरोकार का, जनहित का, आधार बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 6-7 सालों के निरंतर प्रयासों से हम देश में एक विश्वास कायम करने में सफल हुए हैं, कि बढ़ते हुए करप्शन को रोकना संभव है। आज देश को ये विश्वास हुआ है कि बिना कुछ लेन-देन के, बिना बिचौलियों के भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। और आज देश को ये भी विश्वास हुआ है कि देश को धोखा देने वाले, गरीब को लूटने वाले, कितने भी ताकतवर क्यों ना हो, देश और दुनिया में कहीं भी हों, अब उन पर रहम नहीं किया जाता, सरकार उनको छोड़ती नहीं है।

उन्होंने कहा कि पहले जिस तरह सरकारें चलीं, पहले जिस तरह व्यवस्थाएं चलीं, उनमें राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति, दोनों की कमी थी। आज भ्रष्टाचार पर प्रहार की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर सुधार भी किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद के दशकों में देश में जो व्यवस्था बनी, जो सोच रही, उसमें यही भावना प्रधान थी कि सरकार सब कुछ अपने कब्जे में रखे। तब की सरकारों ने Maximum Control अपने पास रखे और इस वजह से सिस्टम में अनेक प्रकार की गलत प्रवृत्तियों ने जन्म ले लिया। Maximum Control, चाहे वो घर में हो, परिवार में या फिर देश में, Maximum Damage करता ही है। इसलिए हमने देशवासियों के जीवन से सरकार के दखल को कम करने को एक मिशन के रूप में लिया। हमने सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए। मैक्सिमम गवर्नमेंट कंट्रोल के बजाय मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस पर फोकस किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि Trust और Technology से efficient governance और Ease of doing business पर क्या असर हुआ है, ये आप सभी भलीभांति जानते हैं। परमीशन और कंप्यालेंस के नाम पर, बिजनेस को शुरु करने और बंद करने के नाम पर, बैंकों से लोन लेने या लोन को रफा-दफा करने को लेकर, जो कुछ भी अतीत में हुआ है, जो देश को नुकसान हुआ है, उसे अब ठीक किया जा रहा है। बीते सालों में सैकड़ों ऐसे पुराने कानूनों के जाल को हमने साफ किया है और आज की चुनौतियों को देखते हुए सख्त नए कानून भी देश को दिए हैं। हज़ारों कंप्लायेंस और भांति-भांति के NoC, तरह-तरह की परमिशंस के नाम पर करप्शन का कैसा खेल चलता था, ये आपसे बेहतर कौन जानता है।

उन्होंने कहा कि बीते सालों में हज़ारों कंप्लायेंस खत्म किए जा चुके हैं और आने वाले समय में ऐसे हज़ारों कंप्लायेंस और खत्म करने का इरादा है। अधिकतर परमीशंस को फेसलेस किया जा चुका है और सेल्फ असेसमेंट, सेल्फ डेक्लेरेशन जैसी प्रक्रियाओं को बिजनेस के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। GeM यानि गवर्नमेंट e-Market प्लेस की वजह से सरकारी खरीद और e-tendering में पारदर्शिता आई है, उलझने कम हुई हैं। डिजिटल फुटप्रिंट्स ज्यादा से ज्यादा होने से इन्वेस्टिगेशंस भी ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो रही है। हाल में लॉन्च किया गए- पीएम गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान से भी डिसिजन मेकिंग से जुड़ी अनेक मुश्किलें समाप्त होने वाली हैं।

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