जब गुरु झूठ बोलने वाला हो तो चेला भी झूठ और अनीति के मार्ग पर चलने लगता है, क्योंकि शिष्य पर हमेशा अपने गुरु के आचरण और संस्कारों का सीधा प्रभाव पड़ता है। यह बात आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके चेले आशुतोष रांका पर पूरी तरह से लागू होती है। अरविंद केजरीवाल बार-बार और शोर मचाकर झूठ बोलने को राजनीतिक सफलता का मूल मंत्र मानते हैं। इसी तरह आशुतोष रांका झूठ बोलने में गुरु केजरीवाल से दस कदम आगे हैं। उन्होंने कहा था कि मैंने अतीत में AAP के लिए बतौर स्वयंसेवक और मीडिया गतिविधियों में काम किया था, लेकिन अब मेरा AAP से कोई संबंध नहीं है। लेकिन देश के युवा, खासकर जेन-जी को ऐसे झूठों से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ये दोनों एक-दूसरे से मिले हुए हैं और उन्हें गुमराह कर अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने की कोशिश कर रहे हैं।

आशुतोष रांका ने AAP को दिया 21 हजार रुपये का चंदा
आम आदमी पार्टी की 2025-26 की डोनेशन रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक पार्टी को इस वित्त वर्ष में कुल 12.10 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 68 फीसदी कम है। लेकिन चुनाव आयोग को सौंपी गई आम आदमी पार्टी की इस चंदा रिपोर्ट से चौकाने वाला खुलासा हुआ है। चंदा देने वालों की सूची में वर्तमान में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के राष्ट्रीय सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी शामिल है। उन्होंने 2025-26 के दौरान AAP को 21,100 रुपये का चंदा दिया था। रांका की एंट्री पार्टी की योगदान सूची में दर्ज 1,202 एंट्री में शामिल है।
AAP को चंदा देने पर आशुतोष रांका की सफाई
आम आदमी पार्टी को चंदा देने की खबर पर कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ाव और चंदा देने को लेकर सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘यह बात कि मैं आम आदमी पार्टी का हिस्सा था, पुरानी खबर है। और मैं यह भी समझता हूं कि मैंने ‘आप’ को पिछले साल चंदा दिया, यह क्लिक किए जाने लायक शीर्षक बनाता है। जो मैं नहीं समझ पा रहा हूं वह यह कि क्यों मेरा पता और पैन कार्ड सार्वजनिक किया गया।’ रांका ने आगे कहा, ‘क्या पत्रकारिता में कोई एथिक्स नहीं रह गया है? मेरे माता-पिता की सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ जाएगा। धन्यवाद इन ‘पत्रकारों’ को।’
The fact that I was a part of AAP is an old news. And while I do understand why me donating to AAP last year makes up for a good click bait headline, what I don’t understand is why my address and PAN Card details were publicly shared.
Is there absolutely no ethics left in…
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 29, 2026
भेद खुलते ही खेलने लगे विक्टिम कार्ड
आशुतोष रांका ने AAP को चंदा दिया था, यह बात सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। चंदे का जो ब्यौरा शेयर किया गया है उसमें आशुतोष रांका के नाम और रकम के साथ जयपुर के मकान का पता भी लिखा है। इसलिए अब रांका को अपने माता-पिता की सुरक्षा की चिंता सता रही है। रांका राजस्थान के रहने वाले हैं और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर मुहिम के ऐलान से पहले वह अपने गृह राज्य में स्कूल ठीक करो आंदोलन चला रहे थे। पिछले दिनों इस मुहिम के दौरान उन पर हमला भी हो चुका था।

हमारा किसी पार्टी से लगाव नहीं है- दीपके और सौरव दास
आम आदमी पार्टी को चंदा देने की खबर फैलने से पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी के नेता डैमेज कंट्रोल में लग गए थे। 24 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने कहा, “देश के युवाओं के साध जो षड्यंत्र रचा जा रहा है। हम लोग बिल्कुल कॉकरोच जनता पार्टी और देश का युवा सहन नहीं करेगा। जैसे अभिजीत ने बोला हमें कोई लगाव नहीं है ऑपोजिशन से, या किसी भी पार्टी से, भाजपा या कांग्रेस या आम आदमी पार्टी या टीएमसी, इन सबके मुद्दे नहीं है। ये देश के युवाओं के मुद्दे हैं।”
We’re putting forward 3 clear demands:
1. Gyanesh Kumar’s resignation and initiation of criminal proceedings against him.
2. Freeze SIR & restore the January 2025 voter list.
3. Repeal the 2023 law & reform the Election Commission. pic.twitter.com/4zELnMymfw
— Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) September 24, 2026
सौरव दास से पहले सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब हमारा कोई खास लगाव नहीं है अपोजिशन से…हमारा खास लगाव नहीं है किसी पार्टी से।
किसी पार्टी से लगाव नहीं है, बस मालिक की दुकान से जुड़ाव है 🙄😐😑😂😂😂😂🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣😂😂😂😂😂🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣 pic.twitter.com/SNICCkLUv4
— अमात्य राक्षस™️©️®️🏴☠️☠️ (@capt_mishra) September 24, 2026
किसी पार्टी से संबंध नहीं, तो LPU की अनदेखी क्यों ?
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं का दावा है कि वो किसी पार्टी से जुड़े नहीं है। लेकिन पंजाब के लवली प्रफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्राएं आंदोलन क रही हैं, तो कॉकरोच जनता पार्टी के किसी नेता ने अभी तक इस मुद्दे को नहीं उठाया है। उनसे मिलने की कोशिश नहीं की। आशुतोष रांका असम पहुंचकर वहां स्कूलों का दौरा कर रहा है, लेकिन पंजाब का फगवाड़ स्थित लवली यूनिवर्सिटी उसके घर से काफी नजदीक है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आशुतोष रांका और अन्य सीजेपी नेता लवली यूनिवर्सिटी के छात्राओं की अनदेखी क्यों की जा रही है ? इस सवाल का सीधा जवाब है कि पंजाब में उनके गुरु अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार है। सीजेपी वाले लवली यूनिवर्सिटी पहुंचक अपने गुरु को मुश्किल में नहीं डालना चाहते हैं।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र आम आदमी पार्टी सरकार, सीएम भगवंत मान और केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं
अभिजीत दीपके लापता है
आशुतोष रांका लापता है
सौरव दास लापता है
नेहा बोरा लापता हैइनका छात्रों से कोई लेना-देना नहीं है
ये केजरीवाल के बिछाये बिसात पर चल रहे… pic.twitter.com/Wd6IMN3Lsu
— Anant (@singh31919) September 29, 2026
गुवाहटी यूनिवर्सिटी की चिंता, लेकिन LPU की नहीं
सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका के बीच महिला सुरक्षा को लेकर बातचीत हो रही है। इस बातचीत से स्पष्ट होता है कि राज्य और सरकारें देखकर इनकी चिंता जाग्रत होती है। इनको गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की दुष्कर्म पीड़ित छात्रा की चिंता है, लेकिन लवली यूनिवर्सिटी में कथित दुष्कर्म का मामला इनके लिए कोई मुद्दा नहीं है। आइए जानते हैं कि अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका महिला सुरक्षा को लेकर कितने सेलेक्टिव है…
आशुतोष रांका- भाई, आज रेप केस हुआ है गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में…तूने लिखा भी है, उसके बारे में…वहां छोड़कर ये लोग यहां पर हरकतें कर रहे हैं।
अभिजीत दीपके – सारा दिन लोगों को परेशान करो। जहां पर महिलाओं की सुरक्षा की बात आती है तो अरजेंसी नहीं दिखाती है पुलिस को…
आशुतोष रांका- कोई फर्क ही नहीं पड़ता है इन लोगों को…
अभिजीत दीपके – इनको कोई लेना देना नहीं है। मतलब पूरे देश में लड़कियों का प्रोटेस्ट हो रहा है महिला सुरक्षा को लेकर सत्ता में बैठे हुए लोग कुछ नहीं बोल रहे हैं।
जब पंजाब की लवली यूनिवर्सिटी पर बोलने की बात आई तो अभिजीत दीपके ने हैरान करने वाला बयान दिया, क्योंकि अगर पंजाब सरकार और पुलिस को जिम्मेदार बताया तो गुरु केजरीवाल नाराज हो जाए्ंगे। पंजाब पर अभिजीत दीपके ने कहा कि ऐसा नहीं चल सकता 2026 में भी लड़कियों को बेसिक फ्रीडम के लिए प्रोटेस्ट करना पड़ रहा है तो शर्म आनी चाहिए हम लोगों को। 2026 में कोई लड़की दस ग्यारह बजे बाहर निकलती है, और सुरक्षा के बारे में सोचना पड़ता है। इसमें पुलिस और गवर्नमेंट बाद में है…अगर लड़की रात में बाहर निकलने से डर रही है तो क्यों डर रही है? क्योंकि समाज के मर्द कैसे है ? समाज के लड़के कैसे हैं? गर्वनमेंट और पुलिस को बाद में ब्लेम करेंगे लेकिन ऑनरशिप खुद भी लेनी चाहिए।
अभिजीत दीपके का छात्रों से कोई लेना देना नहीं है..
सिर्फ BJP को सत्ता से हटाने का मकसद है।
— Apurva Singh (@iSinghApurva) September 28, 2026
आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने खोली AAP की पोल
सोशल मीडिया में आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सीजेपी आंदोलन के दौरान अंजिक्य शिंदे की भूमिका की तारीफ कर रहे हैं। वीडियो में आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को कहते सुना जा सकता है…
आशुतोष रांका- भाई आज अंजिक्य भाऊ का दिन है। अंजिक्य भाऊ के बारे में बताओं भाई। दीपके का मेंटर है अंजिक्य …सीजेपी से पहले….हम लोग तो सिर्फ स्टेज पर जाकर मस्ती मजाक करते थे। अंजिक्य वो व्यक्ति था, जिसने जंतर-मंतर के पूरे प्रदर्शन को संभाला और चलाया।
अभिजीत दीपके – हम तो स्टेज पर आकर थोड़ा मस्ती कर लेते थे। लेकिन मेहनत तो सारी अंजिक्य की थी। अंजिक्य था जो पूरा मैनेज कर रहा था। वोलेंटियर्स की टीम बनाना, क्राउड मैनेज करना, फिर अंजिक्य के साथ और लोग जुड़ते गए। इस प्रोटेस्ट में आने से पहले मैं अंजिक्य और आशुतोष को जानता था। सौरव को जानता था। यहां आने के बाद हमारी जो वोलेंटियर्स की टीम बनी है और पूरे देशभर में काम कर रही है। वो सारी इसी बंदे ने बनाई है।
आशुतोष रांका – अंजिक्य की बेस्ट बात बताता हूं मैं…अंजिक्य जो दीपके को डंडा करके रखता है। अंजिक्य दीपके को सोने नहीं देता है।
जंतर मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन AAP की प्लानिंग निकला! 🚨
कॉकरोच फाउंडर्स ने खुद कबूल किया कि पूरा प्रदर्शन आम आदमी पार्टी महाराष्ट्र के नेता अजिंक्य शिंदे ने प्लान किया था। स्टेज और बैकस्टेज दोनों AAP संभाल रही थी।
आशुतोष रांका और अभिजीत दिपके सिर्फ मस्ती के लिए स्टेज पर… pic.twitter.com/GnVcsqhbPd
— Manoj Singh (@PracticalSpy) September 27, 2026
जानिए अजिंक्य शिंदे का AAP से कैसा है संबंध?
कॉकरोच जनता पार्टी में अंजिक्य शिंदे को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी मिली है। अजिंक्य शिंदे को सीजेपी में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। अजिंक्य शिंदे के संबंध सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे से जुड़े हुए हैं। वह आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र युवा विंग के संयोजक और पार्टी की राष्ट्रीय संगठन निर्माण टीम के सदस्य के रूप में सक्रिय रहे हैं। उनकी अरविंद केजरीवाल और AAP के दूसरे नेताओं के साथ सैकड़ों तस्वीरें हैं। अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका की बातचीत से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल ने अंजिक्य शिंदे के माध्यम से सीजेपी आंदोलन को संचालित किया था। इस आंदोलन के पीछे अरविंद केजरीवाल और संजय सिंग की रणनीति काम कर रही थी।

आइए जानते हैं कि आशुतोष रांका सीजेपी आंदोनल से पहले किस तरह आम आदमी पार्टी के लिए काम करते थे…
AAP का व्हाट्सएप्प टीम देखते थे आशुतोष रांका
CJP के सह-संयोजक/प्रवक्ता आशुतोष राका ने खुद स्वीकार किया है कि वो आम आदमी पार्टी के व्हाट्सएप्प टीम देखते थे। इसके बाद राजस्थान में AAP के विभिन्न सांगठनिक दायित्वों और दिल्ली चुनावों के दौरान जमीनी रणनीतियों से जुड़े रहे। 30 दिसंबर 2025 को राजस्थान आम आदमी पार्टी के प्रभारी धीरज टोकस और सह प्रभारी घनेंद्र भारद्वाज ने प्रदेश कार्यकारिणी में कुछ नियुक्तिों का ऐलान किया था। इसमें भी आशुतोष रांका का नाम शामिल था। आशुतोष रांका को इंटिलेक्चुअल विंग का स्टेट सेक्रेट्री नियुक्त किया गया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के मंच से कई मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते भी दिखते थे।

आइए देखते हैं, कॉकरोच जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ ही नेताओं में कितनी समानता है…
राजनीति का कड़वा सच यह है कि यहां जो बाहर से दिखता है, वह असलियत नहीं होती और जो असलियत होती है, उसे पर्दे के पीछे छिपा कर रखा जाता है। मौजूदा हालात में राजनीति के इसी कड़वे सच को डिकोड करना जरूरी है, ताकि देश की जनता, खासकर युवा सावधान रहें और AAP के ‘पालतुओं’ से खुद को बच सकें। आप हैरान होंगे कि आखिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है। दरअसल, बात आम आदमी पार्टी के उन ‘पालतुओं’ की हो रही है, जो कॉकरोच जनता पार्टी के रूप में देखने में तो अलग है, लेकिन वास्तव में AAP का ही दूसरा रूप है। इनको अपने मालिक अरविंद केजरीवाल के इशारे पर बड़े-बड़े कांड करने में महारत हासिल है। अपने मालिक की वफादारी में 20 जुलाई,2026 को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान, जो खतरनाक मिसाल पेशी, वो पूरा देश देख चुका है। अब ये देश के युवाओं को गुमराह करने के खतरनाक मिशन पर काम कर रहे हैं, जिसका खुलासा करना जरूरी है, ताकि देश के ‘जेन जी’ (Gen Z या जनरेशन जेड) को फिर से गुमारह होने से बचाया जा सके।
Cockroach Janata Party will continue to remain a pressure group.
: Abhijit Dipke pic.twitter.com/yrt6drBUeU
— Cockroach Janta Party of India (@CJP_for_India) August 5, 2026
CJP के 14 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति का औपचारिक ऐलान
दरअसल, आम आदमी पार्टी ने भारत की राजनीति में फिर एक नया प्रयोग किया है। इस प्रयोग में ‘आप’ ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से ही एक नई पार्टी बना दी है, जिसका नाम कॉकरोच जनता पार्टी है। इस पार्टी ने 6 अगस्त, 2026 को अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यसमिति का औपचारिक ऐलान किया। पार्टी ने 14 सदस्यीय राष्ट्रीय नेतृत्व टीम की घोषणा करते हुए आने वाले छह महीनों में पूरे देश में संगठन विस्तार की योजना भी शेयर की है। पार्टी की ओर से जारी संगठनात्मक दस्तावेज के अनुसार, अभिजीत दीपके को संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है। वहीं आशुतोष रांका और सौरभ दास को सह-संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय टीम में विभिन्न जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
The Cockroach Janta Party formally announces the names of it’s National Working Committee! pic.twitter.com/UPvlHOOlB3
— Cockroach Janta Party of India (@CJP_for_India) August 6, 2026
CJP के जोनल लीडरशिप की भी घोषणा
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यसमिति में अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय संगठन प्रभारी, दीपक बलियान को संगठन सह-प्रभारी, आफरीन नवाज को राष्ट्रीय महासचिव, विजय रेड्डी मल्लांगी को मीडिया प्रमुख, रत्ना सिंह को लीगल अफेयर्स प्रमुख, वैष्णवी गौर को रिसर्च एवं पॉलिसी प्रमुख, रोहन देशपांडे को टेक्नोलॉजी प्रमुख और योगेश इंगले को फाइनेंस प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही पार्टी ने चारों जोनों के लिए भी नेतृत्व घोषित किया है। उत्तर जोन की जिम्मेदारी दीपक बलियान, दक्षिण जोन की विजय रेड्डी मल्लांगी, पूर्व और उत्तर-पूर्व जोन की अंकित भारद्वाज तथा पश्चिम जोन की योगेश इंगले को सौंपी गई है।

AAP और CJP में समानता : केजरीवाल और दीपके राष्ट्रीय संयोजक
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी राष्ट्रीय कार्य समिति की घोषणा करते हुए संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) नियुक्त किया है, जो आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के पद के समान है। दरअसल, केजरीवाल आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं और उसी तरह अभिजीत दीपके को भी कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि अभिजीत दीपके का अतीत में कनेक्शन आम आदमी पार्टी से रहा है और वे उनकी सोशल मीडिया टीमों का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में दीपके को सीजेपी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया जाना चर्चा का विषय बन गया है।

AAP और CJP में समानता : नेता और कार्यकर्ता दो जिस्म और एक जान
आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के रिश्ते दो जिस्म और एक जान का है। दोनों पार्टियों की धड़कन एक है, क्योंकि दोनों ही पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता एक है। आम आदमी पार्टी (AAP) और हाल ही में चर्चा में आए युवा-आधारित संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कई नेता और कार्यकर्ता पूर्व में एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं। CJP की नेशनल वर्किंग कमेटी और विभिन्न पदों पर ऐसे कई चेहरों को नियुक्त किया गया है जो पूर्व में AAP के छात्र विंग या सोशल मीडिया विंग के पदाधिकारी रह चुके हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और कई प्रमुख पदाधिकारी पहले AAP के सोशल मीडिया व जमीनी अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं।
Same team? pic.twitter.com/TS5ph2xVNC
— Rohit (@Iam_Rohit_G) August 6, 2026
AAP और CJP में समानता : दीपके AAP की सोशल मीडिया टीम का सदस्य
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके साल 2020 से 2023 के बीच AAP की सोशल मीडिया टीम के सदस्य थे। दीपके आम आदमी पार्टी के ट्वीटर हैंडल को संचालित करते थे। उन्होंने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान डिजिटल कैंपेन और मीम-आधारित कंटेट तैयार करने में काम किया था और दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के लिए संचार सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दी थीं।
🚨✅ CJP का राज खुल गया! 😂
अभिजीत दीपके ने खुद कबूल किया:⁰“अमेरिका में बेरोजगार था, 5 दिन पहले नौकरी ढूंढ रहा था…⁰केजरीवाल ने फोन किया और CJP का प्रोजेक्ट दे दिया!”
ये NEET का आंदोलन नहीं, AAP का पेड़ा प्रोजेक्ट है।⁰बेरोजगारों को AAP में ही प्रोटेस्ट करने की “नौकरी” मिल… pic.twitter.com/isFEqaqe5T
— Manoj Singh (@PracticalSpy) July 17, 2026
AAP और CJP में समानता : सौरभ दास का AAP के लीगल मामलों से जुड़ाव
सह संयोजक और सीजेपी आंदोलन के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे सौरभ दास भले ही ‘आप’ के सदस्य नहीं हैं, लेकिन वह अरविंद केजरीवाल की पार्टी का समय-समय पर समर्थन करते रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ जब अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने मोर्चा खोला तो सौरभ दास भी उनके साथ थे। दास ने जस्टिस स्वर्ण कांता को लेकर कई दावे किए जिन्हें आधार बनाकर ‘आप’ नेताओं ने जज पर सवाल खड़े किए थे। जस्टिस स्वर्ण कांता की अवमानना मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं के साथ पत्रकार/प्रवक्ता सौरभ दास का नाम भी शामिल है। सौरव दास जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े आपराधिक अवमानना केस में बुरी तरह से घिरते नजर आ रहे हैं। उन्हें आपराधिक अवमानना के केस में जवाब देने के लिए नोटिस तो जारी किया ही गया है, उनपर इस मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिटाने का भी आरोप लगा है।

AAP और CJP में समानता : वकील रत्ना सिंह और केजरीवाल की मुलाकात
CJP ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वकील और पूर्व लीगल जर्नलिस्ट रत्ना सिंह को लीगल मामलों की जिम्मेदारी दी है। सोशल मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चाओं में यह दावा किया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े सौरव दास ने ग्रेटर कैलाश-1 (GK-1) स्थित अपने फ्लैट पर एक दिवाली पार्टी होस्ट की थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल और रत्ना सिंह के शामिल होने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि वकील रत्ना सिंह अरविंद केजरीवाल की समर्थक है और आम आदमी पार्टी को परोक्ष रूप से कानूनी मामलों में सलाह देती रही हैं।
Seven Shots का हैंडल है @SauravDassss
उन्होंने “दिवाली पार्टी” होस्ट की
📍अपने GK1 के 10,000 वर्ग फुट वाले फ्लैट मेंमुख्य अतिथि: अरविंद केजरीवाल
रत्ना सिंह भी इसमें शामिल होकर खुश थींबाद में इन्होंने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा के खिलाफ साजिश रची
अब: @whattalawyer को दास ने… pic.twitter.com/8DRlQES8hV
— Manoj Singh (@PracticalSpy) August 3, 2026
AAP और CJP में समानता : AAP के नेता विजय रेड्डी बने CJP के मीडिया प्रमुख
विजय रेड्डी मल्लांगी को CJP का मीडिया प्रमुख बनाया गया है। विजय रेड्डी मल्लांगी ने आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय रूप से काम किया है। उन्होंने तेलंगाना में पार्टी के लिए एक प्रमुख राजनीतिक नेता और नागरिक कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दीं, जिसमें उन्होंने तेलंगाना राज्य युवा इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष और हैदराबाद में जुबली हिल्स निर्वाचन क्षेत्र के नेता जैसे पदों को संभाला। AAP के साथ अपने जुड़ाव के समय, उन्होंने ‘झाड़ू चलाओ यात्रा’ जैसे स्थानीय अभियानों का नेतृत्व किया और नागरिक आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसमें “सेव केबीआर” (Save KBR) पर्यावरण विरोध प्रदर्शन शामिल हैं।

Why did you miss ur papa @ArvindKejriwal 🤡 pic.twitter.com/FWOLM76JwC
— Gokul (@gokulnathr) August 7, 2026
AAP और CJP समानता : दोनों पार्टियों के ‘मालिक’ एक
आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को देखकर कहा जा सकता है कि दोनों ही पार्टियों के ‘पापा’ यानी असली जन्मदाता अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने अभिजीत दीपके को अमेरिका से भारत लाने, जंतर-मंतर पर धरने पर बैठाने, सोनम वांगचुक को आंदोलन से जोड़ने, कार्यकर्तओं को जुटाने, संसाधन मुहैया कराने और प्रदर्शन को सफल बनाने की पूरी रणनीति तैयार की थी। इसलिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से 20 जुलाई के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील थी। उन्होंने कहा था कि ज्यादा से ज्याद संख्या में यहां पर आएंगे। 20 तारीख के आंदोलन को, इनके कॉल को, पार्लियामेंट तक की जो यात्रा है उसको सफल बनाना है। ज्यादा से ज्यादा संख्या में आना है।
अब आइए देखते हैं, आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी के जन्म, संगठन, उद्देश्य, कार्यप्रणाली और चालबाजी के पैटर्न में किस तरह से समानता पाई जाती है…
AAP और CJP में समानता : एक राष्ट्रीय टीम/कार्यकारिणी के माध्यम से काम
आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी, दोनों ही संगठन एक राष्ट्रीय टीम/कार्यसमिति के माध्यम से काम करते हैं, जिसमें अलग-अलग जिम्मेदारियों (जैसे संयोजक, महासचिव, संगठन प्रभारी, लीगल अफेयर्स, मीडिया आदि) के लिए विशिष्ट पदाधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। दोनों ही मामलों में संयोजक की सहायता और संगठन के प्रबंधन के लिए सह-संयोजकों का प्रावधान/नियुक्ति देखने को मिलती है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी पहली 14 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की है। वहीं आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी के सक्रिय सदस्यों में से सर्वसम्मति से चुने गए अधिकतम 30 सदस्य होते हैं, यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो बहुमत से चुने गए सदस्यों की संख्या 12 होगी, जिसमें से कम से कम 7 महिलाएं और 5 छात्र होंगे।

AAP और CJP में समानता : राजनीतिक दल नहीं, प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेंगे
‘आप’ का गठन ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) नामक एक जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के विचार से ही हुआ था। CJP ने भी अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह सीधे एक पारंपरिक राजनीतिक दल के बजाय फिलहाल एक जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी। CJP के सह-संयोजक सौरभ दास ने कहा, “लोग चाहते हैं कि सीजेपी एक राजनीतिक दल बने। लेकिन इस समय एक और राजनीतिक दल जोड़ना उपयोगी नहीं होगा। वहां ऊर्जा खर्च करने के बजाय, हम धरातल पर काम करेंगे क्योंकि जागरूकता वहीं से आती है। हम फिलहाल सीजेपी को राजनीतिक दल में नहीं बदलेंगे।” अब सवाल उठता है कि जन आंदोलन और प्रेशर ग्रुप के रूप में किसके लिए काम करेंगे। दरअसल, ये अपने विदेशी आकाओं और फंड देने वालों के लिए काम करेंगे, ताकि उनके मुताबिक भारत सरकार की नीतियों को प्रभावित कर सके। ये आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक माहौल और जमीन तैयार करेंगे, ताकि केंद्र की सत्ता में परिवर्तन हो सके। गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने भी अन्ना आंदोलन के दौरान अपने बच्चों की कसम खाकर कहा था कि राजनीति में नहीं जाएंगे और कोई पद नहीं लेंगे। लेकिन बाद में राजनीति में आए, पार्टी बनाई, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक बने और दिल्ली मुख्यमंत्री बने।
AAP और CJP में समानता : अन्ना और वांगचुक बने राजनीतिक लॉन्चपैड
अरविंद केजरीवाल ने 2011 में जिस तरह अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को अपनी राजनीतिक लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल किया था, वैसे ही अभिजीत दीपके और अन्य लोगों ने सोनम वांगचुक के चेहरे और अनशन का उपयोग किया। अन्ना हजारे के बताये रास्ते पर चलने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल राजनीतिक दल बनाने के बाद अन्ना को भूल गए। इसी तरह सोनम वांगजुक के अनशन तोड़ने पर अभिजीत दीपके और उसके साथियों ने वागचुक से मुंह मोड़ लिया। यहां तक कि सोनम वांगचुक द्वारा भारतीय रेल जैसे विकास कार्यों की प्रशंसा करने और सीजेपी के नेताओं को जीत के बाद संयम व विनम्रता रखने की नसीहत देने पर उनकी आलोचना करने लगे।

AAP और CJP में समानता : पूरे देश में संगठन विस्तार का लक्ष्य
आम आदमी पार्टी की तरह ही कॉकरोच जनता पार्टी ने भी शुरुआत में ही राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार और देश के अलग-अलग जोनों/राज्यों में इकाइयां गठित करने की योजना पर जोर दिया है। सीजेपी ने अपने देशव्यापी विस्तार के तहत उत्तर, दक्षिण, पूर्व-उत्तर और पश्चिम जोनों के लिए जोनल प्रभारियों की नियुक्ति की है और राष्ट्रीय कार्यसमिति का ऐलान किया है। पार्टी द्वारा जारी दस्तावेज के अनुसार, अगले छह महीनों के भीतर विभिन्न राज्यों में स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटियों, लोकसभा स्तर और शहर स्तर की समन्वय इकाइयों का गठन किया जाएगा।

AAP और CJP में समानता : युवाओं की भूमिका पर जोर
आम आदमी पार्टी (AAP) के राजनीतिक सफर और आंदोलनों में युवाओं की भूमिका हमेशा से मुख्य और निर्णायक रही है। पार्टी की शुरुआत ही भ्रष्टाचार विरोधी जन-आंदोलन और इंडिया अगेंस्ट करप्शन से हुई थी, जिसमें देश भर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सीजेपी ने अपनी पहली नेशनल टीम की जो घोषणा की है उसके सभी पदाधिकारियों की उम्र 26 से 35 साल के बीच है। राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा के बाद पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, इसलिए अब युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नई टीम का उद्देश्य देश की राजनीतिक बहस के केंद्र में युवाओं के मुद्दों को लाना है।
Congratulations to all the newly appointed office bearers of CJP!
With 65% of India’s population under the age of 35, youth voices can no longer be ignored.
This young team will work toward changing the country’s political discourse to place youth at the center.
Let’s remain… https://t.co/9GgZnnoyOB
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 6, 2026
AAP और CJP में समानता : डिजिटल जुड़ाव और सोशल मीडिया
शुरुआती दिनों में आम आदमी पार्टी ने जनलोकपाल आंदोलन के दौरान फेसबुक, ट्विटर और डिजिटल कैम्पेन के माध्यम से युवाओं और कार्यकर्ताओं को सीधे जोड़ा था। कॉकरोच जनता पार्टी का आधार ही पूरी तरह से डिजिटल और मीम्स-आधारित संस्कृति पर है। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके (जो पहले AAP के सोशल मीडिया और अभियानों से जुड़े रहे हैं) ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को सीधे जोड़ा है।

AAP और CJP में समानता : क्राउड फंडिंग की अपील
क्राउड फंडिंग (जनता से चंदा जुटाने) की अपील का यह तरीका राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर अपनाया जाता रहा है। अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से ही पारदर्शी और ईमानदारी की राजनीति का दावा करते हुए कई बार आम जनता से क्राउड फंडिंग की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, गैर-राजनीतिक युवा संगठन होने का दावा करने वाली सीजेपी ने भी अपने आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान कानूनी सहायता (Legal Aid Fund) व अन्य गतिविधियों के लिए क्राउड फंडिंग व सार्वजनिक योगदान का सहारा लेने की घोषणा की है।
मानो या ना मानो, ये केजरीवाल की ही B टीम है और स्क्रिप्ट भी दोनों की सेम टू सेम चली हुई है!
कसम से, अगर ओलंपिक में गिरगिट का कॉम्पिटिशन होता तो केजरीवाल और दीपक हर बार गोल्ड मेडल लाते!#ArvindKejriwal #AAP #Politics #India #Viral @ArvindKejriwal @abhijeet_dipke pic.twitter.com/jkmbqLxykj
— banwari Maheshwari (@banwariMaheshw1) August 7, 2026









