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बदलता हिंदुस्तान: PM Modi के हर घर तिरंगा कैंपेन में UP के मदरसों और दरगाहों के साथ 5 लाख मुस्लिमों के घरों पर भी लहराएगा राष्ट्रीय ध्वज, ऐसे मिलेगा #HarGharTiranga का सर्टिफिकेट

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने में हालांकि सभी राज्यों के मुख्यमंत्री अमलीजामा पहनाते हैं, लेकिन यूपी के सीएम योगी जिस तेज गति से इस सोच को आगे बढ़ाते हैं, वह औरों के लिए मॉडल बन जाता है। मदरसों में राष्ट्रीय गान को अनिवार्य करने के बाद पीएम मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के तहत योगी ने राज्य के सभी मदरसों, दरगाहोंं के साथ ही पांच लाख मुस्लिमों के घरों पर भी तिरंगा फहराने की योजना बनाई है। प्रदेश के मुस्लिम परिवारों तक ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम पहुंचाने की यह नायाब योजना है, जिसका दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री भी अनुसरण कर सकते हैं।अभियान का हिस्सा बनने वाले नागरिकों को झंडा फहराने का प्रमाणपत्र भी मिलेगा
पीएम मोदी सरकार देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। इसके तहत कई तरह के अद्भुत और रंगारंग कार्यक्रम, प्रतियोगिता और आयोजन हो रहे हैं। हर घर तिरंगा अभियान भी इनमें से एक है, जो आगामी 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच चलाया जाएगा। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपने घर पर भारतीय ध्वज फहराने और लगाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करने और इसकी डीपी लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। आपको बता दें कि इस अभियान का हिस्सा बनने वाले नागरिकों को झंडा फहराने (Har Ghar Tiranga ) का प्रमाण पत्र भी प्राप्त होगा।हर घर तिरंगा अभियान का सर्टिफिकेट आप ऐसे डाउनलोड कर सकते हैं
हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बनने और झंडा फहराने का सर्टिफिकेट पाने के लिए आपको इस तिरंगा कैम्पेन के लिए harghartiranga.com वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर दिये विकल्प पर टैप करें, जिसमें फ्लैग को पिन करने का ऑप्शन दिया गया है। वेबसाइट के लिए लोकेशन सर्विस को अलाउ करें। अलाउ करते ही रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना नाम और नंबर और दूसरी जानकारियां भरनी होंगी। फिर अपना प्रोफाइल पिक्चर अपलोड करके विकल्प पर टैप करना होगा। इसमें आप अपने हिसाब से लोकेशन एडजस्ट भी कर सकते हैं। मैप में फ्लैग पिन हो जाएगा और इसे एक्नोलेज किया जाएगा। आप जैसे ही हर घर तिरंगा पोर्टल पर भारतीय झंडा पिन करेंगे, मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की ओर से आपको सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।

नई पहल: उत्तर प्रदेश में 12 अगस्त से मदरसों और दरगाहों पर भी हर घर तिरंगा अभियान
पीएम मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के साथ खूब युवा भी जुड़ रहे हैं और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर #HargharTiranga ट्रेंडिंग में है। इस अभियान के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के घर-घर पहुंच बनाने के लिए कई कोशिशें शुरू की गई हैं। भाजपा का मानना है कि राष्ट्रवादी मुस्लिमों से लोगों के बीच सामूहिकता की भावना और बढ़ेगी। इसके चलते भाजपा की मुस्लिम विंग मस्जिद, मदरसों और दरगाहों पर तिरंगा फहराने की योजना पर काम कर रही है। उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा 12 अगस्त से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत करीब पांच लाख मुस्लिम परिवारों तक पहुंचने की कोशिश करेगा।

पांच लाख अल्पसंख्यकों के घरों पर तिरंगा, सोशल मीडिया पर फोटो भी अपलोड करेंगे
यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बासित अली के मुताबिक “हम कम से कम 5 लाख मुस्लिम घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य बना रहे हैं। हम अभियान के दौरान दरगाहों और मदरसों पर भी तिरंगा फहराया जाएगा। बासित अली के मुताबिक दरगाहें बड़े पैमाने पर संदेश फैला सकती हैं। मुस्लिम आसानी से दरगाहों और मदरसों से जुड़ जाते हैं। इन स्थानों पर तिरंगा फहरेगा तो मुस्लिमों के घर-घर में तिरंगा आसानी से दिखेगा। इसलिए पार्टी काडर मदरसों और दरगाहों पर तिरंगा फहराएगा साथ ही अल्पसंख्यकों के बीच पार्टी के राष्ट्रवादी अभियान को गति देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए फोटो भी खिंचवाएगा।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में यूपी के 4 करोड़ से अधिक घरों-इमारतों पर तिरंगा
बीजेपी का लक्ष्य अपने महत्वाकांक्षी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से उत्तर प्रदेश में 4 करोड़ से अधिक घरों और सरकारी कार्यालयों को कवर करना है। ऐसा माना जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन सबका साथ, सबका प्रयास है। इसमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, इसलिए अल्पसंख्यकों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस अभियान के दौरान ‘पसमांदा’ मुसलमानों पर खास ध्यान दिया जाएगा। माना जाता है कि पार्टी ने लगभग 50,000 मुस्लिम बहुल बूथों की पहचान की है, जहां वह केंद्र की तरफ से शुरू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है।
योगी सरकार ‘उपयोगी सरकार’- लाउडस्पीकर, राष्ट्रीय गान के बाद अब तिरंगे की बारी
दरअसल, उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी के विजन के मुताबिक योगी सरकार ‘उपयोगी सरकार’ की भूमिका निभा रही है। योगी ऐसे प्रयोग कर रहे हैं, जो पहले किसी ने नहीं किए। योगी सरकार ने प्रदेश में मस्जिदों से हजारों लाउडस्पीकरों को उतरवाकर शोर को खत्म करने का बड़ा फैसला लागू किया, लेकिन इससे कहीं विवाद नहीं हुआ और पूरे प्रदेश में शांति बनी रही। लाउडस्पीकरों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों में पढ़ाई से पहले राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी के मुताबिक अब सभी मदरसों में राष्ट्रीय गान हो रहा है।  ऐसा न करने वाले मदरसों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। यूपी के बाद अब कुछ अन्य राज्यों में भी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने की मांग उठने लगी है। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संकेत दिए हैं कि एमपी के मदरसों में भी राष्ट्रगान अनिवार्य किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने दिए संकेत, राज्य में मदरसों में जरूरी होगा जन-गण-मन
उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश के मदरसों में भी राष्ट्रगान अनिवार्य किया जा सकता है। इसके संकेत शुक्रवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिए। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मिश्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह एक विचारणीय बिंदु है। इस मुद्दे पर विचार किया जा सकता है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जन गण मन होना चाहिए। सभी जगह होना चाहिए। यह राष्ट्र का गीत है। मदरसों में राष्ट्रगान कराए जाने को लेकर पूछे सवाल पर सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि हम पाकिस्तान में राष्ट्रगान कराने का नहीं कह रहे हैं। हम तो मध्य प्रदेश के अंदर, उत्तर प्रदेश के अंदर और देश के कोने-कोने में शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रगान कराने का कह रहे हैं। उनमें राष्ट्रगान हो, राष्ट्र की स्तुति हो, भारत माता की जय हो, तो क्या गलत है। होना ही चाहिए।उत्तर प्रदेश के सभी तरह के मदरसों के लिए अनिवार्य किया राष्ट्रगान
प्रदेश के मदरसों में पढ़ाई से पहले राष्ट्रगान अनिवार्य करने का आदेश यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड परिषद ने जारी कर दिया है। यह आदेश मान्यता प्राप्त, अनुदान पाने वाले और अनुदान नहीं पाने वाले सभी मदरसों पर लागू होगा। कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना के समय राष्ट्रगान होगा। रमजान और ईद की छुट्टियों के बाद सभी मदरसे खुल चुके हैं। मदरसों में राष्ट्रगान का फैसला मदरसा शिक्षा परिषद ने मार्च में लिया था। इसे अब लागू किया गया है। रजिस्ट्रार निरीक्षक एसएन पांडेय ने इसके आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सत्र 2022-23 के स्कूल खुलने पर ही राष्ट्रगान कराने का फैसला किया गया था।मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त सभी तरह के मदरसों में राष्ट्रगान जरूरी
मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मदरसों में कक्षा शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गाना अनिवार्य होगा। परिषद की बैठक में राष्ट्रगान को लेकर ये अहम फैसला लिया गया है। राज्य के मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त सभी तरह के मदरसों में ये नियम लागू होगा। छात्रों को नए शैक्षणिक सत्र से अन्‍य दुवाओं के साथ अब राष्‍ट्रीय गान गाना होगा। आज 25 मार्च दिन शुक्रवार को योगी आदित्‍यनाथ दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण से पहले यह आदेश आया है।

मदरसों के शिक्षकों के बच्चे कहां कर रहे हैं अध्ययन इसका सर्वे भी होगा
उत्तर प्रदेश ने मदरसों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को अपनाने का निर्णय पहले ही ले लिया गया था। डॉ. जावेद के मुताबिक बोर्ड के रजिस्ट्रार जल्द ही शासन को एमटीईटी के बाबत प्रस्ताव भेजेंगे। मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चे किन संस्थानों से शिक्षा हासिल कर रहे हैं, इसका सर्वे कराने पर भी सहमति बनी है। बैठक में बोर्ड के सदस्य कमर अली, तनवीर रिजवी, डॉ. इमरान अहमद, असद हुसैन, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में लेखाधिकारी आशीष आनंद और बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडेय मौजूद रहे।

योगी सरकार ने पहले कार्यकाल में फर्जी मदरसों से बचाए थे 100 करोड़
योगी सरकार ने पहले कार्यकाल में मदरसों की जांच कराई थी, जिसमें ‘फर्जी‘ पाये गये दो हजार से ज्यादा मान्यता प्राप्त मदरसों पर सालाना 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किये जाते थे। राज्य सरकार इन फर्जी मदरसों की जांच कराई। तब सभी मदरसों के प्रबन्धन से उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के वेब पोर्टल पर अपने बारे में पूरी जानकारी अपलोड करने को कहा था। ऐसा करने के लिये अंतिम तारीख कई बार बढ़ाये जाने के बावजूद करीब 2300 मदरसों ने भी पोर्टल पर अपना पंजीयन नहीं कराया। इन सभी पर अब तक हर साल करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किये जाते थे। सरकार ने इन्हें फर्जी मानकर 100 करोड़ का खर्चा बचा लिया था।

 

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