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ऑपरेशन सिंदूर: 100 सर्वश्रेष्ठ कविताएं का भव्य लोकार्पण, देशभक्ति के रंग में रंगा साहित्यिक समारोह

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राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के समवेत हॉल में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल द्वारा संपादित और प्रभात प्रकाशन
द्वारा प्रकाशित पुस्तक ऑपरेशन सिंदूर: 100 सर्वश्रेष्ठ कविताएं का लोकार्पण रहा।

समारोह की अध्यक्षता रामबहादुर राय ने की। कार्यक्रम में पूर्व सेना अधिकारी कर्नल प्रदीप खरे, आड तक के एक्जीक्यूटिव एडिटर एवं एंकर सईद अंसारी, वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि सुदीप भोला और उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र वत्स विशेष रूप से मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि रामबहादुर राय ने पुस्तक का विमोचन करते हुए डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल के साहित्यिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. बर्णवाल लगातार रचनात्मक कार्यों के माध्यम से साहित्य और राष्ट्रभावना को नई दिशा दे रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिका के एक रक्षा विशेषज्ञ के लेख का जिक्र करते हुए कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है वह कभी भी फिर शुरू हो सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस काव्य प्रतियोगिता से जुड़े कवियों को आगे भी सृजन के अवसर मिलते रहेंगे।

कार्यक्रम में बोलते हुए कर्नल प्रदीप खरे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर प्रकाशित यह कविता संग्रह “ऑपरेशन सिंदूर सौ सर्वश्रेष्ठ कविताएं” वीरता पर प्रकाशित एक जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने भारतीय सेना के साहस और रणनीतिक क्षमता की चर्चा करते हुए कहा कि जिस प्रकार भारतीय सेना ने महज 25 मिनट में पाकिस्तान के आतंकी और सेना के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, उसे पाकिस्तान लंबे समय तक याद रखेगा।

वहीं सईद अंसारी ने प्रकाशन संस्था की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अपने प्रकाशन के माध्यम से राष्ट्रीय भावना को दुनिया तक पहुंचाने वाले प्रभात प्रकाशन की हर पुस्तक राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” शीर्षक से प्रकाशित इस पुस्तक की कई कविताएं वे पहले ही पढ़ चुके थे और पुस्तक के प्रकाशन में वे अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे हैं।

सईद अंसारी ने डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल की संवेदनशीलता और कवियों के प्रति उनके दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ बर्णवाल ने पुरस्कार की श्रेणी में नहीं आने वाले कवियों को भी प्रशस्ति पत्र और मानदेय देकर उनकी रचना कों श्रेष्ठता की श्रेणी में ला दिया है।

इस अवसर पर डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने पुस्तक की पृष्ठभूमि और उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘एच.बी. पोएट्री’ द्वारा आयोजित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ काव्य प्रतियोगिता में देशभर के 361 कवियों ने हिस्सा लिया था। इस मंच ने राष्ट्रभावना से जुड़ी कविताओं को एक प्रभावशाली अभिव्यक्ति दी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में देश के 100 प्रतिष्ठित और नवोदित कवियों की रचनाओं को एक साथ संकलित किया गया है, ताकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान कई कवियों ने अपनी ओजपूर्ण कविताओं का पाठ किया, जिससे पूरा सभागार देशभक्ति के रंग में रंग गया। समारोह की एक और खास बात यह रही कि देशभर से आए 80 से अधिक कवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साहित्य, पत्रकारिता और कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। पूरे आयोजन में राष्ट्रभावना, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला।

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