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नौटंकी नंबर-18: शीला दीक्षित से लेकर मनमोहन-राहुल तक मौकापरस्त केजरीवाल के आरोपों का नाटक और दोस्ती भी

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भारतीय राजनीति में मौकापरस्ती और अवसरवादिता का सबसे ज्वलंत उदाहरण तलाशा जाए तो सबसे ऊपर नाम आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का ही आएगा। दरअसल, केजरीवाल की राजनीति का सबसे दिलचस्प अध्याय कांग्रेस सरकारों और गांधी परिवार पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। केजरीवाल ने इन्हीं पर आरोप लगाए और इनके साथ मिलकर बेशर्मी से सरकार बनाई। मनमोहन सिंह सरकार को भ्रष्टाचार का केंद्र बताकर केजरीवाल ने 2G, कोयला आवंटन और कॉमनवेल्थ जैसे मामलों पर हमला करते हुए राहुल गांधी को भ्रष्ट नेताओं की सूची में शामिल किया था। दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने कांग्रेस को और भाजपा की बी-टीम बताते हुए भी आरोप लगाए। फिर अवसरवादी राजनीति बदली और 2024 में वही कांग्रेस INDIA गठबंधन की सहयोगी बनी और केजरीवाल ने कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार भी किया। लेकिन 2025 में गठबंधन की राजनीति टूटते ही पुराने आरोप फिर केजरीवाल के बस्ते से बाहर आ गए। तब केजरीवाल ने नेशनल हेराल्ड से लेकर गांधी परिवार और कांग्रेस की कथित ‘जुगलबंदी’ तक के आरोप दोहराए। अगले साल पंजाब के विधानसभा चुनाव में दोनों आमने-सामने है। यानी डेढ़ दशक की इस यात्रा में दिखाने के आरोप, दोस्ती और तकरार पर जनता जरूर जानना चाहती है कि कांग्रेस-केजरीवाल का रिश्ता क्या कहलाता है?

कलह में उलझी पंजाब कांग्रेस, केजरीवाल के खिलाफ राहुल
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। संसद का सत्र खत्म होते ही राहुल गांधी ने पंजाब का रुख करने की पूरी तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ दिखने का नाटक करने वाले राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल अब पांच नदियों के इस सरहदी सूबे में आमने-सामने होंगे। कांग्रेस ने राहुल गांधी को चुनाव का मुख्य चेहरा घोषित कर दिया है। इस ऐलान के साथ ही दोनों दलों के बीच सियासी जंग का बिगुल बज चुका है। राहुल गांधी पंजाब के गांव-कस्बों में उतरकर सीधे जनता से संवाद करने की तैयारी में हैं। राहुल गांधी जमीनी स्तर पर आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार को नशे, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दे पर घेरेंगे। दिल्ली से लेकर पंजाब तक अरविंद केजरीवाल की नीतियों पर सीधा प्रहार करने का कांग्रेस मन बना चुकी है।

आइए, अब जानते हैं कि अवसरवादी राजनीति के संयोजक अरविंद केजरीवाल कब-कब राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाने की नौटंकी कर चुके हैं…

नौटंकी नंबर -18
2026: राहुल के धरने से चिढ़ी आप बोली- यह मिलीभगत
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर बीजेपी के साथ मिलकर खेल खेलने का आरोप दोहराया है। दरअसल, कभी राहुल के सहयोगी रहे केजरीवाल को अब राहुल के धरने से पेट में दर्द हो गया। आप नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने राहुल के नेतृत्व में उनके आवास के बाहर हुए प्रदर्शन पर तो तुरंत प्रतिक्रिया दी, लेकिन जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कई सप्ताह तक चले आंदोलन की लगातार अनदेखी करती रही। सभी जानते हैं कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस का विरोध करके ही बनी थी और दिल्ली में उसने कांग्रेस को ही सत्ता से बेदखल किया था। लेकिन मौकापरस्त केजरीवाल पहली बार 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री कांग्रेस के समर्थन से ही बने थे। अब AAP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक दूरी दिखावे के लिए फिर से बढ़ी है। जंतर-मंतर के ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस और AAP के बीच दूरी ही बनी रही। दोनों का अलग-अलग विरोध ही सामना आया।

नौटंकी नंबर -17
2025 : National Herald से गांधी परिवार पर फिर हमला
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर केजरीवाल का हमला फिर तीखा हुआ। केजरीवाल ने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि राहुल गांधी जी “राजमहल” पर चुप क्यों है? राहुल ने दिल्ली में पूरा बीजेपी वालों का भाषण दोहराया है। राहुल गांधी ने भी शीशमहल और शराब घोटाले पर केजरीवाल को घेरा। AAP ने राहुल गांधी को ‘dishonest’ नेताओं वाले पोस्टर में शामिल किया, जिस पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत की। इसके अलावा केजरीवाल ने National Herald मामले को उठाते हुए राहुल गांधी और गांधी परिवार पर सवाल खड़े किए तथा पूछा कि यदि मामला इतना गंभीर है तो गांधी परिवार के बड़े नेता जेल क्यों नहीं गए।

नौटंकी नंबर -16
2025: कांग्रेस अपने विधायकों को थोक में बीजेपी को बेचती है
अरविंद केजरीवाल ने 2027 के गोवा विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन से साफ इनकार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर गोवा के लोगों को धोखा देने और उसके विधायकों के थोक में भाजपा में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से 2019 के बीच 13 कांग्रेस विधायक BJP में चले गए थे। इसके बाद, 2022 में 10 और कांग्रेस विधायक BJP में शामिल हो गए। केजरीवाल ने पूछा कि क्या कांग्रेस यह भरोसा दे सकती है कि चुनाव जीतने के बाद कोई भी विधायक BJP में नहीं जाएगा।

नौटंकी नंबर -15
2025: कांग्रेस-भाजपा के बीच ‘जुगलबंदी’ का आरोप
आप संयोजक केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक ‘जुगलबंदी’ है और दिल्ली चुनाव इस कथित मिलीभगत को उजागर करेगा। बाद में उन्होंने AAP नेताओं पर हुई कार्रवाई को भी इसी कथित कांग्रेस-BJP सहयोग से जोड़ने की कोशिश की।

नौटंकी नंबर -14
2024: जिस कांग्रेस पर हमला किया, केजरी का उसी से गठबंधन
इस वर्ष केजरीवाल की कांग्रेस-विरोधी राजनीति में सबसे बड़ा नाटकीय मोड़ आया। एक-दूसरे पर जबर्दस्त आरोप लगाने वाले AAP और कांग्रेस ने INDIA गठबंधन के तहत दिल्ली में लोकसभा चुनाव साथ लड़ा। यहां तक कि केजरीवाल ने कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार भी किया। यानी जिस कांग्रेस को वह वर्षों तक भ्रष्टाचार और राजनीतिक मिलीभगत का प्रतीक बताते रहे, वही 2024 में भाजपा के खिलाफ उनकी राजनीतिक सहयोगी बन गई।

नौटंकी नंबर -13
2023: कांग्रेस पर भाजपा से ‘डील’ का आरोप
दिल्ली के अधिकारों से जुड़े केंद्र के अध्यादेश के विवाद के दौरान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के संबंधों में तनाव बढ़ गया। केजरीवाल और उनकी पार्टी ने कांग्रेस पर भाजपा के साथ ‘डील’ करने का आरोप लगाया और स्पष्ट रुख अपनाने का दबाव बनाया। यह वह दौर था जब INDIA गठबंधन बनने से पहले विपक्षी एकता के भीतर ही कांग्रेस और AAP के बीच अविश्वास दिखाई दे रहा था।

नौटंकी नंबर -12
2023: मानहानि मामले पर केजरी का राहुल को समर्थन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने रुख में बदलाव दिखाते हुए मानहानि के एक मामले में दो साल की जेल की सजा पाए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का खुले तौर पर समर्थन किया। सीएम ने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा नेताओं और पार्टियों को मुकदमा चलाकर “खत्म” करने की साजिश रची जा रही है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अतीत में विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे का पक्ष लेने से परहेज किया है। हालांकि, आम आदमी पार्टी द्वारा राहुल गांधी को दिया गया समर्थन ऐसे समय में आया है जब केजरीवाल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले “समान विचारधारा वाली” पार्टियों का गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि गुजरात के सूरत की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को उनके 2019 के “मोदी उपनाम” वाले बयान के लिए मानहानि का दोषी ठहराए जाने के बाद, आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के प्रति अपने रुख में नरमी के संकेत दिए हैं।

नौटंकी नंबर -11
2022: राहुल की नेतृत्व क्षमता पर केजरी का राजनीतिक हमला
राहुल गांधी द्वारा केजरीवाल को आतंकवाद से जोड़कर हमला किए जाने के बाद केजरीवाल ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस उन्हें आतंकवादी कहती है तो कांग्रेस स्वयं लोगों को ‘terrorise’ कर रही है। इसी वर्ष केजरीवाल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस को कमजोर करने के लिए उन्हें उनकी जरूरत नहीं है- “Isn’t Rahul Gandhi enough?” यह राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर उनका सीधा राजनीतिक हमला था। राहुल गांधी ने जब भ्रष्टाचार और प्रदूषण पर केजरीवाल को घेरा तो इस बयान के कुछ देर बाद ही केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, “आज राहुल गांधी जी दिल्ली आए। उन्होंने मुझे गालियां दीं। पर मैं उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उनकी लड़ाई कांग्रेस बचाने की है, मेरी लड़ाई देश बचाने की है।”

नौटंकी नंबर -10
2021: कांग्रेस को बताया भाजपा की ‘B-Team’
दिल्ली की राजनीति में केजरीवाल ने कांग्रेस को भाजपा की ‘B-Team’ तक कह दिया। उनका आरोप था कि कांग्रेस कमजोर हो चुकी है और उसकी राजनीति अंततः भाजपा को फायदा पहुंचाती है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आम आदमी पार्टी को BJP की ‘B’ टीम बता दिया। संदीप दीक्षित ने कांग्रेस पर पुराने आरोपों को लेकर अरविंद केजरीवाल की जमकर आलोचना की।

नौटंकी नंबर -9
2019: मोदी की वापसी के लिए राहुल को जिम्मेदार ठहराया
AAP-कांग्रेस गठबंधन की बातचीत विफल होने के बाद केजरीवाल ने बेहद तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र की सत्ता में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोबारा आते हैं तो इसके लिए राहुल गांधी पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। उनका आरोप था कि कांग्रेस विपक्षी वोटों को विभाजित करके भाजपा की मदद कर रही है।

नौटंकी नंबर -8
2018: घोटालेबाज कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने “राफेल घोटाले” को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और भाजपा के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना में उनका साथ दिया। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां “घोटालेबाज” हैं। केजरीवाल ने कहा कि लगभग पांच साल पहले लोगों ने भ्रष्टाचार में लिप्त कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था।

नौटंकी नंबर -7
2017: कांग्रेस और अकालियों ने मिलकर लूटा पंजाब, माफी मांगी
पंजाब चुनाव के दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने मिलकर पंजाब को वर्षों तक ‘लूटा’ है। राहुल गांधी पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया के कथित ड्रग कारोबार का मुद्दा पर्याप्त रूप से नहीं उठाया। इन आरोपों के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। मार्च 2018 में अरविंद केजरीवाल ने मजीठिया पर लगाए गए ड्रग्स तस्करी के आरोपों को निराधार मानते हुए उनसे लिखित में अदालत में माफी मांग ली थी, जिसके बाद यह मामला बंद हुआ।

नौटंकी नंबर -6
2016: राहुल को मोदी के खिलाफ सबूत लाने की चुनौती
नोटबंदी के बाद राहुल गांधी द्वारा नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने पर केजरीवाल ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि अगर उनके पास प्रधानमंत्री के खिलाफ सबूत हैं तो उन्हें संसद के बाहर सार्वजनिक करें। उन्होंने राहुल की राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें मोदी को बेनकाब करने का साहस नहीं है।

नौटंकी नंबर -5
2014: केजरीवाल ने राहुल को ‘भ्रष्ट नेताओं’ की सूची में रखा
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ने कथित भ्रष्ट नेताओं की सूची जारी की, जिसमें राहुल गांधी का नाम भी शामिल था। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति के आरोप लगाए। इसी दौर में उन्होंने राहुल गांधी की चुनावी ब्रांडिंग और प्रचार पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। इसी वर्ष केजरीवाल सरकार ने KG Basin गैस कीमत विवाद में तत्कालीन केंद्रीय मंत्रियों वीरप्पा मोइली और मुरली देवड़ा तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के खिलाफ FIR की दिशा में कदम उठाया।

नौटंकी नंबर -4
2013: शीला सरकार की बिजली कंपनियों से सांठगांठ
दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार के खिलाफ भी केजरीवाल ने बिजली दरों और बिजली वितरण कंपनियों के बीच कथित मिलीभगत का मुद्दा उठाया और कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अन्ना आंदोलन से निकलकर सक्रिय राजनीति में आने के दौर में केजरीवाल ने कांग्रेस के कई केंद्रीय मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच की मांग की। इस सूची में शरद पवार, पी. चिदंबरम, कपिल सिब्बल, कमलनाथ, पवन बंसल और सुशील कुमार शिंदे जैसे नाम शामिल थे।

नौटंकी नंबर -3
2012: कोयला घोटाले में मनमोहन सरकार पर सबसे बड़ा हमला
2012 में केजरीवाल का मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ हमला अपने चरम पर पहुंचा। कोयला ब्लॉक आवंटन विवाद को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर देश को लूटने का आरोप लगाया और कथित ₹1.86 लाख करोड़ के नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास के घेराव का भी आह्वान किया।

नौटंकी नंबर -2
2012 – रॉबर्ट वाड्रा और DLF कनेक्शन का आरोप
चंद रोज पहले अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने बनाने वाले अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा पर सैकड़ों करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए। केजरीवाल ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर DLF से 65 करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण और संपत्ति लेनदेन में अनुचित लाभ का आरोप लगाया। उन्होंने वाड्रा और तत्कालीन कांग्रेस सरकारों के बीच कथित राजनीतिक-व्यावसायिक संबंधों पर सवाल उठाए। वाड्रा-DLF विवाद को आगे बढ़ाते हुए केजरीवाल ने तत्कालीन हरियाणा सरकार पर भी आरोप लगाए और यहां तक कहा कि राज्य सरकार DLF के ‘एजेंट’ की तरह काम कर रही है।

नौटंकी नंबर -1
2010 – कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमला
अरविंद केजरीवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। गेम्स से जुड़ी कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केजरीवाल ने विस्तृत शिकायत पुलिस के सामने रखी और स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार पर तत्कालीन सरकार की जवाबदेही होनी चाहिए। बाद में केजरीवाल की सिफारिश पर कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान हुए कथित घोटालों के मामले में दिल्ली सरकारी की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

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