दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद को ‘अराजकतावादी’ (अनार्किस्ट) कहते हैं। ऐसे व्यक्ति व्यक्ति चाहे विपक्ष में हों या सत्ता में, इनका काम सिर्फ अराजकता पैदा करना है। अरविंद केजरीवाल ने जुलाई 2026 में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनों को अपने राजनीतिक लाभ के लिए समर्थन दिया था। साथी ही युवाओं और ‘जेन-जी’ से नेपाल और बांग्लादेश की तरह सड़क पर उतर कर सरकार बदलने की अपील की थी। लेकिन पंजाब में जहां उनकी अपनी सरकार है, वहां फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर ‘केजरीवाल कहर’ देखने को मिला। अरविंद कजेरीवाल ने फिर अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ‘जेन-जी’ का इस्तेमाल किया। बीजेपी राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को निशाना बनाने के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।

केजरीवाल की भारत को नेपाल-बांग्लादेश बनाने की अपील
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म, हंगामा, आगजनी और तोड़फोड़ के बारे में जानने से पहले अरविंद केजरीवाल का वो अराजक बयान सुनना जरूरी हैं, जो देश में युवाओं यानी ‘जेन-जी’ को भड़का कर अव्यवस्था फैलाने के लिए दिया गया था। अरविंद केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान ‘जेन-जी’ से अपील की थी, “हर साल पेपर लीक होंगे। अगर आपने कुछ नहीं किया तो। अगर नेपाल का और बांग्लादेश का ‘जेन-जी’ सड़कों पर उतर कर अपने देश की सरकारों को बदल सकता है तो हमारे देश का ‘जेन-जी’ पेपर लीक करने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता, भेज सकता है। मुझे अपने देश के ‘जेन-जी’ पर पूरा भरोसा है। यह देश आपका है।”
केजरीवाल भारत के Gen Z को नेपाल और बांग्लादेश से प्रेरणा लेने की सलाह दे रहे हैं pic.twitter.com/GjTCBR2XZG
— Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं) (@IAbhay_Pratap) May 13, 2026
सीजेपी आंदोलन के दौरान केजरीवाल का अराजक चेहरा
अरविंद केजरीवाल ने सीजेपी आंदोलन के दौरान कानून और व्यवस्था को अपने अपने हाथों में लेने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों को हर तरह से मदद की अपील की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को कानूनी और राजनीतिक संरक्षण दिया था। अगस्त 2026 में दिए गए एक बयान में अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने ‘माओवादी शैली’ में कहा था कि सड़कों पर प्रदर्शन करने आए ‘जेन-जी’ केवल केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा मांगने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति नाराजगी जताने यानी उन्हें “ठोकने” आए थे।
CJP के असली मालिक केजरीवाल ने आख़िरकार ख़ुद ही कबूल कर लिया – CJP के प्रोटेस्ट में जो लोग सड़कों पर आए थे वो “मोदी जी को ठोकने आए थे” 😳
इस इंसान की घटिया सोच देखिए 🤦♂️ pic.twitter.com/8iHSiz5bKX
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) August 9, 2026
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में ‘केजरीवाल कहर’
‘जेन-जी’ के साथ हमदर्दी दिखाने वाले पंजाब के ‘सुपर सीएम’ अरविंद केजरीवाल का कहर पंजाब के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU में देखने को मिला, जब एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद छात्र और छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रा के साथ दुष्कर्म की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में छात्र हॉस्टल के कमरों से बाहर निकल आए और LPU कैम्पस में प्रदर्शन किया। आधी रात को केजरीवाल की पंजाब पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर जमकर लाठीचार्ज किया। छात्र और छात्राओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। लाठीचर्ज की वजह से यूनिवर्सिटी कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्र शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे,
बिच में खुजलीवाल ने अपने गुण्डो को घुसवाया,
अगर नहीं घुसवाया तो छात्रों से बैठकर बात क्यों नहीं किया गया,
कारवाई क्यों नहीं की गयी.
फिर उसके गुण्डो ने आग लगाना तोड़ फोड़ करना शुरू किया उसके बाद लाठीचार्ज… pic.twitter.com/ZbHrbMuOAt— Indian🇮🇳 (@singh31919) September 27, 2026
छात्राओं के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान और गाली देने वाली रुचिका सिंह जैसी लड़कियों को कानूनी मदद देने वाले अरविंद केजरीवाल को लेवली यूनिवर्सिटी की छात्राएंं अपराधी नजर आ रही है। सहपाठी के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ प्रदर्शन करने पर छात्राओं के साथ गुंडे और अपराधियों की तरह बर्ताव किया गया। पंजाब पुलिस ने आधी रात में प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं के साथ बर्बरता की। उन्हें धक्के मारे गए। लाठियों की मार से चिखती छात्राओं पर भी पुलिस का ‘केजरीवाल कहर’ जारी रहा।
आज पुलिस की बर्बरता के वीडियो नहीं डालेगा @abhijeet_dipke ???
अपने बाप की सरकार की तानाशाही नहीं दिखायेगा? https://t.co/sphhOGMtzY pic.twitter.com/p8O3i7r8iO
— DEEWAN. (@Spoof_Junkey) September 28, 2026
लाठीचार्ज के बाद भड़के छात्रों ने की आगजनी
छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे कई छात्रों को चोट आईं। पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र भड़क गए। उन्होंने पीड़ित को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर रविवार (27 सिंतबर) की रात भारी हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी की। कैंपस में भारी तोड़फोड़ और उपद्रव के बाद पुलिस ने छात्रों के आरोपों पर एक एफआईआर दर्ज की। लेकिन छात्र इतने पर भी शांत नहीं हुए। उन्होंने पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और आग के हवाले कर दिया।
हॉस्टल में छात्रा के साथ बलात्कार की घटना के बाद उग्र हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा, के छात्रो पर लाठीचार्ज किया गया है जिससे कई छात्रो को चोट आई है। जवाबीमे छात्रो ने भी पुलिस पर हमला किया है। pic.twitter.com/p6wJQ84rYb
— Raj Singh Chaudhary ਰਾਜ ਸਿੰਘ ਚੌਧਰੀ راج سنگھ چوہدری (@RajSingh_Jakhar) September 28, 2026
बड़ी खबर 🚨
पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भारी बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी
एक छात्रा द्वारा उसके साथ रेप की बात कही गयी, जिसके बाद हजारों की संख्या में छात्र होस्टलों से निकलकर LPU कैम्पस में घुस गये और तोड़फोड़ की
पुलिस द्वारा इसे मात्र एक अफवाह बताया जा रहा है।। pic.twitter.com/WavUWsfTUX
— Priyanshu Kumar (@priyanshu__63) September 27, 2026
कैंपस के भीतर बने ‘यूनि मॉल’ में सामानों की लूटपाट
लवली यूनिवर्सिटी में भड़की हिंसा और बवाल के बीच लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से सामने आया है कि उपद्रवियों ने कैंपस के भीतर बने ‘यूनि मॉल’ की दुकानों में घुसकर खाना, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम और अन्य सामान लूट लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग दुकानों के शटर और शीशे तोड़कर अंदर घुसते तथा सामान उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। एटीएम कियोस्क में भी तोड़फोड़ की गई। वायरल वीडियो में कुछ लोग दुकानों से आईफोन, लैपटॉप और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान उठाते दिखाई दे रहे हैं। कुछ दुकानों में खाद्य सामग्री और कोल्ड ड्रिंक समेत अन्य सामान भी बिना भुगतान किए ले जाने के दृश्य सामने आए हैं।
कॉकरोचों ने पंजाब की लवली यूनिवेसिटी को भी आग लगा दी
ये तोड़ फोड़ इसलिए क्योंकि लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अब बीजेपी में है pic.twitter.com/ulOoE9wG8z
— Oc updates (@ocjain4) September 27, 2026
यूनिवर्सिटी कैंपस में गूंजे ‘We want justice’ के नारे
लवली यूनिवर्सिटी के कैंपस में हजारों छात्र हॉस्टल से बाहर निकल कर ‘We want justice…We want justice’ के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने घटना की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही छात्राओं के हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और वहां केवल महिला कर्मचारियों को तैनात करने की भी मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि हॉस्टल के उन कमरों और इलाकों में पुरुष कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, जहां छात्राएं रहती हैं। छात्रों ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई या उत्पीड़न न करने की अपील की।
Lovely Professional University की हैं। जहां एक बेटी के साथ होस्टल के अंदर ही बलात्कार हुआ।
दिल्ली हो या पंजाब, हर ऐसी घटना के बाद वही सवाल खड़ा होता है:देश की बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? या फिर अगली घटना का इंतजार होगा..?#Punjab#RohitSharma…
— A Ahmed (@_AAhmed004) September 27, 2026
दहशत से हॉस्टल में भागती नजर आईं छात्राएं
उधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी से छात्राएं दहशत में हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामे के दौरान गर्ल्स हॉस्टल से दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में छात्राएं आधी रात हुई अशांति के बीच डर के मारे भागती नजर आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ बाहरी लोगों द्वारा जीएच-3 हॉस्टल के अंदर घुसने की कोशिश की गई, जिसके बाद वहां चीख-पुकार के साथ अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
Students are running for their safety, many girls are crying for their life.
Such is the condition under the Kejriwal and Mann AAP sarkar.
Zero responsibility so far.
Shame on them and their B team CJP tilchatte @abhijeet_dipke, @AshutoshRanka and @SauravDassss pic.twitter.com/UGkXPZ5rFv
— Ninda Turtle (@NindaTurtles) September 28, 2026
प्रशासन और राज्य सरकार की लापरवाही से बढ़ा मामला
यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही की वजह से बाहरी असामाजिक तत्वों को यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसपैठ करने का मौका मिल गया। इसके बाद हंगाम और बढ़ गया। नारेबाजी करते हुए सैकड़ों छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा हाईवे जाम कर दिया। जब हंगामा बढ़ने लगा तो पुलिस को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ और एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद ही विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि छात्रों की शिकायत के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई।
एक तरफ जंतर मंतर पर इक्ट्ठा हो कर कंटेंट बनाने के लिए पुलिस के अधिकारियों से जान बूझ कर उपद्रवियों द्वारा उलझना |
तो दूसरी तरफ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा आंदोलन के नाम पर जो सामने होना तोड़ देना |
इन सब को देख कर लिखने में दो राय नहीं कि देश में मजबूत कानूनों… pic.twitter.com/GvFHteWVCh
— THE JAT ASSOCIATION (@Jatassociation) September 27, 2026
सोशल मीडिया में फेक वीडियो वायरल- पुलिस
इससे पहले रविवार को विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद रहे DIG नवीन सिंगला ने कहा कि फिलहाल पुलिस के पास पीड़ित की पहचान के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। पुलिस एक एककर यूनिवर्सिटी कैंपस, हॉस्टल और G-3 हॉस्टल के आस-पास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इस कोशिश का मकसद घटना से जुड़ी गतिविधियों और इसमें शामिल लोगों की आवाजाही के बारे में जानकारी जुटाना है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया में फेक वीडियो वायरल हो रहे हैं। अभी तक किसी भी व्यक्ति की पहचान आरोपी के तौर पर नहीं की गई है। अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध सबूतों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Punjab Police found no case of rape inside LPU.
They searched all 12 hostels and found no report.
This vandalism was arranged by CJP. pic.twitter.com/AJdYWyzFbc https://t.co/KIdJPkwBPX
— Facts (@BefittingFacts) September 28, 2026
AAP सरकार पर जानबूझकर माहौल खराब करने का आरोप
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए बवाल को लेकर अरविंद केजरीवाल और पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का दावा है कि राजनीतिक दुर्भावना और लापरवाही के चलते कैंपस में बाहरी असामाजिक तत्वों और हथियारबंद लोगों को घुसने दिया गया, जिससे वहां हिंसा और तोड़फोड़ की स्थिति पैदा हुई। बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजनीतिक बदले की भावना से एलपीयू के छात्रों और जेन-जी को मोहरा बनाया। हाल ही में एलपीयू के संस्थापक अशोक मित्तल के बीजेपी में शामिल होने के बाद, आप सरकार जानबूझकर यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
एक महिला कार्यकर्ता गायत्री बिश्नोई, मनीष सिसोदिया जी के साथ उनके सरकारी बंगले में रह रही थी। जब यह मसला सामने आया तो इस चीज को डायवर्ट करने के लिए, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जेन-ज़ी के ऊपर अटैक करने के लिए दिल्ली से चार-पांच सौ लोग भेजे गए हैं, क्रिमिनल्स आइडेंटिफाई करके भेजे… pic.twitter.com/DRrfB0bt5p
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) September 28, 2026
आधी रात कैंपस में कैसे घुसे बाहरी असामाजिक तत्व ?
रविवार को आधी रात में लवली यूनिवर्सिटी के अंदर लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। पुलिस नदारद थी। यूनिवर्सिटी के ब्लॉक नंबर 27-28 में बाहरी लोग आग लगा रहे थे। बाहरी असामाजिक तत्व चाकू लेकर गाड़ियों में घूम रहे थे। कुछ छात्रों ने बंदूकें होने की भी बात कही। बहुत लोगों को लग रहा है कि अशोक मित्तल आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए इसलिए दुश्मनी निकाली जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या अशोक मित्तल को निशाना बनाने के लिए यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ दुष्कर्म की अफवाह फैलाई गई? दुष्कर्म का जो मामला बताया जा रहा है, उसके बारे में अभी तक तक कुछ भी ठोस सामने नहीं आया है। लेकिन आग पर आग लगती चली जा रही है।
🚨 “LPU परिसर से हैरान करने वाले दृश्य आए सामने!
वीडियो में परिसर के भीतर हथियारबंद लोग, कई पिकअप ट्रक और ट्रॉलियां देखी गईं। स्थिति को लेकर उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल।” pic.twitter.com/7xHq9zTDU4
— United India 🇮🇳 (@imsrj0143) September 28, 2026
बाहरी और असामाजिक तत्वों ने भीड़ में घुसकर माहौल बिगाड़ा
हिंसा और लूटपाट के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रदर्शन में बाहरी लोग शामिल हुए थे। घर लौट रहे कुछ छात्रों का दावा है कि विश्वविद्यालय के आम छात्र मुख्य रूप से अपनी मांगों और घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि बाद में कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों ने भीड़ में घुसकर माहौल बिगाड़ दिया। अब सवाल यह है कि पुलिस यूनिवर्सिटी कैंपस की घेराबंदी कर असामाजिक तत्वों को बाहर क्यों नहीं निकाल रही है ? अशोक मित्तल की परवाह ना हो, लेकिन जो वहां छात्रा पढ़ रहे हैं, उनकी जान को खतरे में क्यों डाला जा रहा है? क्या अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में फर्जी छात्रों के जरिए उपद्रव कराया, ठीक उसी तरह अशोक मित्तल को सबक सिखाने के लिए छात्रों की आड़ में बाहरी असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल किया?
#ReporterDiary| पंजाब के LPU भारी तनाव का माहौल है.. 10 दिनों के लिए यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया गया है.. छात्र हॉस्टल छोड़ कर जा रहे हैं.. छात्रों से बात की संवाददाता कमलजीत संधू ने#LPU #LPUProtest #LPUHostel #StudentProtest #PunjabNews #Phagwara #CampusProtest |… pic.twitter.com/hjGljVRiT8
— AajTak (@aajtak) September 28, 2026
10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित
इस मामले में लवली यूनिवर्सिटी ने बयान जारी करते हुए 28 सितंबर 2026 से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित की हैं। यूनिवर्सियी ने अगली सूचना तक मिडटर्म परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया है। परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम UMS के माध्यम से अलग से बताया जाएगा। बयान में कहा गया है कि अगर छात्र चाहें तो इन 10 दिनों के लिए अपने अभिभावकों के पास जा सकते हैं। वहीं, इसमें यह भी साफ कहा गया है कि जो छात्र यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रुक रहे हैं, वे हॉस्टल में ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। यूनिवर्सिटी के बयान और 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित होने के बाद डरे हुए छात्र अब अपने घर को लौट रहे हैं।
Imagine a state where students fear for their lives and have to leave just to stay safe.
LPU is burning and it is Aam Aadmi Party government in the state
Retweet cause AAP puppets CJP won’t highlight this pic.twitter.com/76G42D4mi9
— Ninda Turtle (@NindaTurtles) September 28, 2026
पीड़िता के सामने नहीं आने से गहराया रहस्य
पंजाब पुलिस और जालंधर रेंज के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में इस कथित अपराध को लेकर कोई शिकायत या पीड़ित सामने नहीं आया था। इससे मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका व्यक्त की जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि यह संस्थान की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए असामाजिक तत्वों द्वारा की गई एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश हो सकती है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या पंजाब की अन्य यूनिवर्सिटियों (जैसे चिटकारा यूनिवर्सिटी) में हाल ही में हुए प्रदर्शनों और LPU के विवाद के पीछे सोशल मीडिया पर जानबूझकर अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोई बड़ी साजिश है।










