Home समाचार हिंसक भाषा बोलते केजरीवाल, पुलिसकर्मी को पिटते विधायक, देखिए ‘आप’ की ‘गुंडागर्दी’...

हिंसक भाषा बोलते केजरीवाल, पुलिसकर्मी को पिटते विधायक, देखिए ‘आप’ की ‘गुंडागर्दी’ का काला इतिहास

SHARE

जब तर्कों की धार खत्म हो जाती है, तो नेता अक्सर भाषा में हिंसा की धार तेज करने की कोशिश करते हैं। जो आम आदमी पार्टी जन-आंदोलन और जन-संवाद के दम पर खड़ी हुई थी, वह आज गुंडों और अराजक तत्वों की पार्टी बनकर रह गई है। जब पार्टी का नेतृत्व आलोचना की जगह “मार-पीट” और हिंसात्मक भाषा बोलता है, तो यह लोकतंत्र को मजबूत नहीं बल्कि खोखला करता है। ऐसे नेतृत्व से बुनियादी ढांचे और शासन की गुणवत्ता पर संवाद की उम्मीद करना ही बेमानी है। 28 सितंबर को दिल्ली के तिलक नगर में नव-निर्मित सड़क का निरीक्षण करने पहुचे अरविंद केजरीवाल राजनीतिक मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते नजर आए। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर लोग सड़कों पर उतर आएं, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके मंत्रियों को “दौड़ा-दौड़ा कर पीटेंगे”।

अरविंद केजरीवाल के सामने हेड कांस्टेबल की पिटाई
जब पार्टी का सर्वोच्च नेता ही इस तरह हिंसा की भाषा बोलेगा, तो उसके विधायकों और समर्थकों से सड़क पर क्या संयम की उम्मीद की जा सकती है? शीर्ष नेतृत्व का यह हिंसक रुख पार्टी के विधायकों के लिए एक ‘ओपन लाइसेंस’ जैसा बन जाता है। इसलिए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, नेता और विधायक संयम के बजाय आक्रामक होने और मारपीट करने में गर्व महसूस करते हैं। जब तिलक नगर में अरविंद केजरीवाल सड़क का निरक्षीण कर रहे थे, तो उनकी मौजूदगी में AAP समर्थकों की भीड़ ने ड्यूटी के दौरान सादे कपड़ों में वीडियोग्राफी कर रहे हेड कांस्टेबल को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने ड्यूटी कर रहे हेड कांस्टेबल से मारपीट की। 

मारपीट की वजह से हेड कांस्टेबल को लगीं चोटें
वीडियो में भीड़ हेड कांस्टेबल को धक्का देते और उसके साथ बदसलूकी करते नजर आ रही है। हेड कांस्टेबल ने जींस और शर्ट पहन रखी थी। पुलिसकर्मी को फ्लाईओवर के नीचे ले जाया गया और उसे वहां से जाने नहीं दिया गया। वर्दी में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ से अपने साथी को बाहर निकालने की कोशिश की। इस हमले से हेड कांस्टेबल को चोटें आईं। पुलिस ने बताया कि हेड कांस्टेबल का मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसमें चोट लगने की पुष्टि हुई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से मारपीट के मामले में FIR दर्ज की गई है।

विधायक जरनैल सिंह और सौरभ भारद्वाज पर FIR दर्ज 
मंगलवार 29 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने आप नेता सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और कुछ आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इस मामले में साहिब सिंह के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। सरकारी कर्मचारी को उसके काम में बाधा डालने और उस पर हमला करने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है। विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ दो दिन में दो अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई।  

PWD इंजीनियरों की शिकायत पर जरनैल सिंह पर FIR
इससे पहले, पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने AAP विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जरनैल सिंह के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, डराने-धमकाने और कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी आरोप लगाया था कि सरकारी काम को बाधित करने व अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को चेतावनी दी कि सरकारी काम रोकने वाले AAP नेताओं और समर्थकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे सौरभ भारद्वाज
इससे पहले बीत सोमवार को दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी के कई विधायकों व पार्षदों को हिरासत में ले लिया था। जब पुलिस सौरभ भारद्वाज को हिरासत में ले रही थी, तब ‘आप’ के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान देखने को मिली। ये सभी PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दरअसल, दो दिन पहले, 27 सितंबर को दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक युवक को थप्पड़ मारा था। 

पुलिसकर्मी से मारपीट करने वाले ने प्रवेश वर्मा से की थी बदसलूकी
पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में साहिब सिंह के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि साहिब सिंह वही शख्स है जो प्रवेश वर्मा के तिलक नगर दौरे के दौरान वीडियो बना रहा था। बताया गया है कि साहिब सिंह ‘आप’ से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साहिब सिंह इस साल जून में एमसीडी के एक कर्मचारी के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपी है। उसे इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी। 

जरनैल सिंह का सोशल मीडिया हैंडल करता है साहिब सिंह
पुलिस के मुताबिक, MCD कर्मचारी से कथित मारपीट की घटना उस समय सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। इस पुराने मामले की FIR की प्रति भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, साहिब सिंह AAP विधायक जरनैल सिंह के सोशल मीडिया का काम संभालता है। साहिब सिंह ने खुद स्वीकार किया है कि वे विधायक जरनैल सिंह के सोशल मीडिया कार्यों और प्रचार से जुड़े हैं तथा घटना के वक्त लाइव रिकॉर्डिंग कर रहे थे। उनके और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं।

आइए जानते हैं कि यह पूरा विवाद क्यों और कैसे शुरू हुआ ? इसमें अरविंद केजरीवाल की क्या भूमिका थी ? और केजरीवाल औप उनके विधायक जरनैल सिंह की कैसे पोल खुली ?…

AAP विधायक ने काम में बाधा डाली, कमीशन मांगा- प्रवेश वर्मा
यह पूरा विवाद हाल ही में सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के खुलासे और उसके बाद हुए हंगामे से जुड़ा है। दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा तिलक नगर में एक नई बनी सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह और स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब गुणवत्ता का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि सड़क हाथों से उखड़ रही है। विरोध प्रदर्शन और बहस के दौरान, जब जरनैल सिंह के सहयोगी साहिब सिंह इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, तो मंत्री प्रवेश वर्मा ने कथित तौर पर उनका फोन नीचे गिराकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया है कि साहिब सिंह ने वीडियो बनाने के दौरान उनसे बदसलूकी की। उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह पर कमीशन मांगने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया।

केजरीवाल बोले- हाथ से छूने पर सड़क टूट रही
थप्पड़ कांड के बाद अरविंद केजरीवाल सोमवार को तिलक नगर पहुंचे। उनके साथ AAP सांसद संजय सिंह, स्थानीय विधायक जरनैल सिंह और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। अरविंद केजरीवाल ने खुद सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने दिल्ली की भाजपा सरकार पर इलाके में बनी नई सड़क की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि सड़क कुछ दिन पहले ही बनी थी, लेकिन हाथ से छूने पर ही टूट रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली AAP सरकार के दौरान ऐसे कामों पर 5 साल की गारंटी होती थी।

केजरीवाल को बीजेपी विधायक रविंदर नेगी की चुनौती
दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण और कथित थप्पड़ कांड के विवाद के बीच, पटपड़गंज से भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी (रवि नेगी) ने अरविंद केजरीवाल पर पलटवार किया। हथौड़ा लेकर तिलक नगर पहुंचे रविंदर नेगी ने अरविंद केजरीवाल को खुली चुनौती दी। नेगी ने नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए खुद हथौड़ा चलाया। उन्होंने केजरीवाल पर झूठ बोलने का आरोप लागते हुए कहा कि 15 साल काम नहीं किया, जब काम हो रहा है तो उसमें अड़ंगा लगा रहे हैं। पंजाब में बच्चे पुलिस से पीट रहे हैं और यहां दिल्ली की सड़कों पर ये ड्रामा कर रहे हैं। 

तिलक नगर के लोगों ने खोली केजरीवाल की पोल
अरविंद केजरीवाल और विधायक जरनैल सिंह के दावे का फैक्ट चेक स्थानीय लोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि जरनैल सिंह ने 12 घंटे पहले बनी सड़क को उखाड़ कर बताया कि सड़क खराब बनी हैं। 12 साल में विधायक जरनैल सिंह ने कोई सड़क नहीं बनवाई। जब सड़क बन रही है तो उसे उखाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कैमरे के सामने जब सड़क को उखाड़ने की कोशिश की गई तो सड़क नहीं उखड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि 12 घंटे के बाद सड़क सख्त हो चुकी है। साइंटिफिक रूप से सोचना चाहिए कि अगर सड़क बनी है तो सूखने में टाइम भी लगता है।

आप विधायक जरनैल सिंह की गुंडागर्दी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उन पर मारपीट के आरोप लग चुके हैं। आइए जानते हैं कि केजरीवाल ने किस तरह अपने सामने ही बीजेपी के तत्कालीन दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी, अपनी राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल और दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को पिटवाया था… 

केजरीवाल के सामने जरनैल सिंह ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी से की थी मारपीट
जब दिल्ली में चल रहे सीलिंग मुद्दे पर बैठक के लिए बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पहुंचा तो बीजेपी नेताओं के साथ केजरीवाल के गुंडों ने मारपीट की थी। इस घटना के बाद बीजेपी के तत्कालीन दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और अन्य नेताओं ने थाने पहुंचकर केजरीवाल एवं उनके गुर्गों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था ‌कि वे समय लेकर वहां पहुंचे थे, लेकिन केजरीवाल ने उनसे अभद्र भाषा में बात की और अपमानित किया। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के सामने आम आदमी पार्टी के नेता जरनैल सिंह ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। आप विधायक जितेंद्र तोमर ने उनका अपमान किया।

सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान सांसद मनोज तिवारी से मारपीट
नंबर 2018 में दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं/नेताओं के बीच तीखी झड़प और हाथापाई हुई थी। मनोज तिवारी आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ने उन्हें पहले मां की गाली दी थी, इसके बाद उन्हें धक्का दिया। उस दौरान जो भी हुआ, वह बहुत भयानक था। घटना के बाद मनोज तिवारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप विधायक अमानतुल्लाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सिग्नेचर ब्रिज पर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

केजरीवाल के घर में सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सीएम आवास में मारपीट का आरोप लगाया था। 13 मई 2024 को सुबह 9.30 बजे के करीब स्वाति मालीवाल के साथ केजरीवाल के घर में उनके निजी सचिव विभव कुमार ने मारपीट की थी। स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस को फोन कर मारपीट की सूचना दी थी। स्वाति मालीवाल का आरोप था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास के अंदर बिभव कुमार ने उन्हें थप्पड़ मारे और उनके साथ अभद्रता की। उनका यह भी दावा था कि घटना के समय अरविंद केजरीवाल वहीं मौजूद थे। स्वाति मालीवाल की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने बिभव कुमार के खिलाफ मारपीट, डराने-धमकाने और महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। बाद में विभव कुमार को गिरफ्तार भी किया गया था।

केजरीवाल के इशारे पर मुख्य सचिव से मारपीट?
खबरों के अनुसार आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने तत्कालीन दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से धक्का-मुक्की और बदसलूकी की थी। सवाल है कि सीएम के इशारे के बिना क्या कोई विधायक उनकी मौजूदगी में ऐसी हरकत करने की हिम्मत कर सकता है ? जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव किसी जरूरी बैठक के लिए मुख्यमंत्री आवास गए थे, लेकिन वहां मुख्यमंत्री के गुंडों ने उनसे किसी विषय पर जबर्दस्ती गैर-कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाने लगे। जब अंशु प्रकाश ने केजरीवाल की मर्जी के मुताबिक गैर-कानूनी काम करने से मना कर दिया, तो उनके गुंडों ने मुख्य सचिव पर हमला कर दिया। इस घटना के लिए भी केजरीवाल के चहेते अमानतुल्ला खान को जिम्मेदार बताया गया था।

मॉडल टाउन से AAP विधायक रहे अखिलेश त्रिपाठी पर मारपीट का आरोप
दिल्ली में मॉडल टाउन से केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के विधायक रहे अखिलेश त्रिपाठी पर मारपीट के आरोप लगे थे। अखिलेश त्रिपाठी पर आरोप था कि एक फंक्शन के दौरान उन्होंने एक शख्स के साथ ना सिर्फ मारपीट की बल्कि ईंट से सिर पर हमला भी कर दिया था। घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हिंदुस्तान के अनुसार पीड़ित गुड्डू हलवाई का कहना था कि फंक्शन में विधायक जी को देखकर उन्होंने उनसे सीवर में दिक्कत को लेकर शिकायत की तो वे गुस्से में आ गए और मारपीट करने लगे। इतना ही नहीं पास से एक ईंट उठाकर उसके सिर पर मार दिया। मारपीट में मुकेश बाबू नाम के एक और व्यक्ति को चोट आई। दिल्ली पुलिस ने अखिलेश त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज किया था।

कपिल मिश्रा पर भी करवाया जा चुका है हमला
केजरीवाल सरकार के दौरान ‘आप’ के गुंडों ने कपिल मिश्रा पर हमला किया था। हमले का आरोपी अंकित भारद्वाज आम आदमी पार्टी का समर्थक था। दरअसल, कपिल मिश्रा ने अपनी आंखों के सामने केजरीवाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसी बात पर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो उनसे नाराज हो गए थे। 

विधानसभा में भी AAP के विधायक कर चुके हैं मारपीट
केजरीवाल के विधायक विधानसभा के अंदर भी किसी पर हमला करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही आरोप अमानतुल्ला खान पर है जिन्होंने पार्टी के दूसरे विधायकों के साथ मिलकर विशेष सत्र के दौरान कुछ पत्रकारों के साथ भी मारपीट की। इस हमले में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया। दरअसल, आम आदमी पार्टी विधायक रहे सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने से नाराज हो गए थे। इस हमले में कुछ पीड़ित जख्मी भी हुए, जिन्हें बचाने के लिए विधानसभा में पुलिस और एंबुलेंस दोनों बुलानी पड़ी।

केजरीवाल के विधायकों की गुंडागर्दी की लिस्ट काफी लंबी है

रामनिवास गोयल
आप नेाता रामनिवास गोयल और उनके बेटे सुमित गोयल समेत 7 लोगों के खिलाफ दंगा फैलाने और मारपीट का आरोप लग चुका है। यह घटना 6 फरवरी, 2015 की है।

अल्का लांबा
आम आदमी पार्टी की विधायक रहीं अल्का लांबा भी अपने बाकी साथियों से पीछे नहीं थी। उनपर भी आरडब्ल्यूए के एक सदस्य मारपीट और धमकाने का आरोप लगे थे। यह मामला दरियागंज थाने में दर्ज किया गया था। इससे पहले भी अलका लांबा ने 7 अगस्त, 2015 को दिल्ली में कश्मीरी गेट स्थित मिठाई की दुकान पर तोड़फोड़ की थी।

सोमनाथ भारती
केजरीवाल के विधायकों की गुंडागर्दी की जब भी चर्चा होती है, तो सोमनाथ भारती का चेहरा बच्चे-बच्चे की आंखों के सामने घूम जाता है। उन पर उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने ही मारपीट, क्रूरता और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। केजरीवाल की 49 दिन की सरकार में ही भारती की गुंडागर्दी दिल्ली में ही नहीं विदेशों भी चर्चित हो चुकी थी।

ऋतुराज झा
किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के आप नेता ऋतुराज झा के खिलाफ भी आम आदमी पार्टी का ही एक कार्यकर्ता मारपीट और गाली-गलौच का आरोप लगा चुका है। इस मामले में अमन विहार थाने में केस दर्ज हुआ था।

अमानतुल्ला खान
केजरीवाल के मारपीट करने वाले विधायकों में ओखला विधायक का नाम तो पहले से ही कुख्यात है। उनके खिलाफ भी जामियानगर थाने में एक व्यक्ति ने मारपीट का केस दर्ज कराया था।

राखी बिड़लान
मंगोलपुरी की आप नेता राखी बिड़लान पर भी सफाई कर्मचारियों के साथ मारपीट का आरोप लग चुका है।

दिनेश मोहनिया
संगम विहार से आप नेता दिनेश मोहनिया पर भी 26 जून, 2016 को एक बुजुर्ग को थप्पड़ मारने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह बुजुर्ग मोहनिया से अपने इलाके की समस्या को लेकर मिलने गया था।

अखिलेश त्रिपाठी
मॉडल टाउन से विधायक रहे अखिलेश त्रिपाठी पर बिट्टु झा नाम के पीड़ित से मारपीट करने का आरोप लगा था। अखिलेश त्रिपाठी के खिलाफ एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप लगा था।

संजीव झा
बुराड़ी के संजीव झा पर हजारों कार्यकर्ताओं और विधायक अखिलेश त्रिपाठी के साथ बुराड़ी थाना परिसर पर हमला और पुलिस पर पथराव करने का आरोप लगा था।

सुरिंदर सिंह
दिल्ली छावनी से आप नेता सुरिंदर सिंह पर रुतबे का दुरुपयोग करने और नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद के बेलदार मुकेश के साथ मारपीट करने का आरोप लग चुका है। इस AAP नेता पर जातिसूचक टिप्पणियां करने का भी आरोप लग चुका है।

जगदीप सिंह
हरीनगर से आम आदमी पार्टी नेता जगदीप सिंह पर एक ठेकेदार से मारपीट का आरोप लगा था। पुलिस के पास दर्ज शिकायत के अनुसार शराब पीकर विधायक ने ट्रक को बिना वजह रोका, ट्रक को डायवर्ट कराया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

नरेश बाल्यान
आप नेता नरेश बाल्यान पर आरडब्लूए प्रेसिडेन्ट पर हमला करने,थप्पड़ मारने और गाली-गलौच करने का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

प्रकाश जारवाल
देवली के आप नेता प्रकाश जारवाल पर एक महिला को धक्का मारकर निकालने, दुर्व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। इस मामले में जारवाल की 24 अगस्त, 2016 को गिरफ्तारी भी हुई थी।

सहीराम पहलवान
तुगलकाबाद से आप नेता सहीराम पहलवान के खिलाफ भी एक युवक की पिटाई करने का मामला दर्ज हुआ था। पीड़ित की गलती ये थी कि उसने विधायक से गलियों को बनवाने के नाम पर हुई लूट का हिसाब मांगा था।

खुद केजरीवाल भी अपनी अराजकता का परिचय दे चुके हैं। ये हर मौके पर अराजक तत्वों के साथ खड़े नजर आते हैं। चाहे दिल्ली में सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो या जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियां हो या खुद के द्वारा संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का मामला हो। केजरीवाल ने संविधान की मर्यादा तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है…

विधानसभा में फाड़ी संसद से पास बिल की कॉपी
दिल्ली के विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 17 दिसंबर को संविधान की मर्यादा तार-तार करते हुए अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक घटिया हथकंडा अपनाया। दिल्ली विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र के दौरान उन्होंने सदन में केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीन कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ दी।

‘हां, मैं अराजक हूं, और जरूरत पड़ी तो मैं गणतंत्र दिवस परेड भी नहीं होने दूंगा।‘ 
दिल्ली का मुख्यमंत्री होते हुए भी 21 जनवरी, 2014 को दिया गया अरविंद केजरीवाल का ये ‘अराजक’ बयान उनके पूरे व्यक्तित्व को बताता है। अब ये अराजकता उनकी कार्यशैली में साफ दिखती है। दरअसल 2013 में जब वे पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे तब लोगों को उनसे बदलाव की राजनीति की एक नई शैली की उम्मीद थी। लेकिन दिल्ली के लोगों ने उनकी टकराव, जिद, धमकी और मनमानी वाली राजनीति ही देखी है। शुचिता और ईमानदारी की बात करते-करते ‘अराजक’ केजरीवाल भ्रष्टाचार, झूठ, फरेब और भाई भतीजावाद की राजनीति को प्रश्रय देने वाले राजनेता का उदाहरण बन गए। उनकी वादाखिलाफी, अहंकार और अक्खड़पन ने न सिर्फ दिल्ली की जनता के सपनों को तोड़ा है, बल्कि उस भरोसे को भी तोड़कर रख दिया जिस बुनियाद पर लोग व्यवस्था परिवर्तन की उम्मीद करते हैं।

रेल भवन के सामने सड़क पर धरना
अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं ने सैकड़ों समर्थकों के साथ 20 जनवरी, 2014 को दक्षिण दिल्ली में एक कथित ड्रग और वेश्यावृत्ति रैकेट पर छापा मारने से इनकार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रेल भवन के बाहर धरना दिया था। पुलिस ने उनके खिलाफ दायर चार्जशीट में दावा किया कि 19 जनवरी, 2014 को सहायक पुलिस आयुक्त ने रेल भवन और संसद मार्ग के पास नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, विजय चौक इलाकों में निषेधाज्ञा लागू की थी, जिसके खिलाफ जाकर उन्होंने यह विरोध प्रदर्शन किया। उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए अपने 6 मंत्रियों के साथ केजरीवाल ने अपना विरोध जताने के लिए नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय की तरफ जाने की कोशिश की।

जब एलजी ऑफिस में हड़ताल पर बैठे केजरीवाल
जून 2018 में अरविंद केजरीवाल की अराजकता फिर देखने को मिली जब वह अपने सहयोगी मंत्रियों के साथ तत्कालीन एलजी अनिल बैजल के ऑफिस में हड़ताल पर बैठ गए। केजरीवाल और उनके मंत्री अपनी मांगों के समर्थन में 11 जून, 2018 की शाम से 20 जून, 2018 तक एलजी अनिल बैजल के कार्यालय में धरना देते रहे। 

“दिल्ली की जनता एलजी की गुलाम है”
2 जुलाई, 2019 को दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर रविवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आम आदमी पार्टी ने महासम्मेलन का आयोजन किया। आप के सांसदों, मंत्री और विधायकों की मौजूदगी में इस महासम्मेलन को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”हम दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाकर ही दम लेंगे।” केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली पहले मुगलों की गुलाम रही। फिर अंग्रेजों की हुई और अब एलजी की गुलाम है। बहरहाल यह जानना आवश्यक है कि कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का मांग दिए जाने की मांग पुरानी है, लेकिन केंद्र सरकार ने बार-बार साफ कर दिया है कि यह संभव नहीं है। ऐसे में केजरीवाल एंड कंपनी दिल्ली के आम जनों का काम नहीं कर पूर्ण राज्य के मुद्दे को तूल देने में लग गई है।

जेएनयू में देश विरोधी नारों का समर्थन
देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय जेएनयू में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे-इंशाल्लाह, इंशाल्लाह’ ‘भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जारी’, ‘इंडियन आर्मी मुर्दाबाद’ और ‘कितने अफजल मारोगे-हर घर से अफजल निकलेगा’ ये देशविरोधी नारे लगाए जाते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ऐसे नारा लगाने वालों के साथ खड़े नजर आते हैं। एक सरकार के मुखिया का ऐसे नारों का समर्थन करने पर देश और दिल्ली की जनता में आक्रोश है। केजरीवाल सरकार जेएनयू के पूर्व छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ केस चलाने के मामले में महीनों रोड़ा बनी रही। वहीं विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बीते 22 फरवरी और 23 अगस्त 2019 को विधानसभा में टुकड़े-टुकड़े गैंग का मामला उठाया था, लेकिन सीएम केजरीवाल ने मार्शल बुलाकर भाजपा के विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया। वह सिर्फ टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करना चाहते हैं। गुप्ता ने कहा कि मुकदमा चलाने की अनुमति न देकर मुख्यमंत्री केजरीवाल कानून को काम करने से रोक रहे हैं और गलत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

Leave a Reply