Home समाचार राहुल-प्रियंका का लखीमपुर खीरी में राजनीतिक ड्रामा, जम्मू-कश्मीर में आतंक के खूनी...

राहुल-प्रियंका का लखीमपुर खीरी में राजनीतिक ड्रामा, जम्मू-कश्मीर में आतंक के खूनी खेल पर चुप्पी

489
SHARE

क्या कांग्रेस को अलग-अलग राज्यों में रहने वाले लोगों का खून भी जुदा-जुदा नजर आता है? क्या कांग्रेस ने अबलाओं की अस्मत की परिभाषा अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग गढ़ी हुई है? और क्या कांग्रेस के लिए एक राज्य में दलितों पर जुल्म किसी दूसरे राज्य में दलितों पर जुल्म से अलग है? बेहद अफसोस की बात है कि कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नजरिए से देखें तो इन सब सवालों का उत्तर हां में आता है!

उत्तर प्रदेश में खूब सेंकी जाती हैं राजनीतिक रोटियां
इसमें चौंकने जैसी कोई बात नहीं है। कांग्रेस के इन दो नेताओं ने यह बार-बार प्रमाणित किया है। उत्तर प्रदेश में जरा सी बात पर दोनों वहां पहुंच जाते हैं और घटनाओं की आंच पर राजनीतिक स्वार्थ की रोटियां सेंकी जाती हैं, लेकिन यदि वैसा ही कांड कांग्रेस शासित राज्य में हो या किसी अन्य राज्य में हो तो भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। ताजा उदाहरण लखीमपुर खीरी और जम्मू कश्मीर का है। लखीमपुर खीरी मामले में इनके झाड़ू से लेकर जुबां तक सब चल रहे हैं और दूसरे खूनी मामले में दोनों के होंठ सिले हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर में एक सप्ताह में सात नागरिकों की हत्या
घाटी में एक सप्ताह में आतंकियों ने सात नागरिकों की हत्या कर दी है, जिसमें चार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। अकेले छह हत्याएं ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में हुई हैं। गुरुवार को ही आतंकी हमले में सिख समुदाय से जुड़ीं बडगाम की रहने वाली प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और शिक्षक जम्मू के दीपक चंद की मौके पर ही मौत हो गई। सात दिन में मरने वालों में कारोबारी, अल्पसंख्यक, शिक्षक और गरीब सब हैं। आइये पहले इन खूनी वारदातों पर नजर डालते हैं…

दो अक्तूबर: श्रीनगर के करन नगर में माजिद अहमद गोजरी व बटमालू में मोहम्मद शफी डार की हत्या।
छह अक्तूबर : श्रीनगर में कश्मीरी पंडित एमएल बिंदरू, गोलगप्पा विक्रेता बिहार निवासी वीरेंद्र पासवान और बांदीपोरा में सूमो स्टैंड अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन की गोली मारकर हत्या।
सात अक्टूबर : कश्मीरी पंडितों के बाद अब अल्पसंख्यक सिख बने निशाना, स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल समेत दो की हत्या।

आतंकी खून-खराबे पर कांग्रेस हाईकमान के होंठ सिले
हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है। टीआरएफ ने कहा है कि 15 अगस्त को तिरंगे को सैल्यूट करने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य करने का बदला लिया गया है। भारत का स्वर्ग कहे जाने जम्मू-कश्मीर में इस खूनी खेल के खिलाफ धरना देने के लिए न तो कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने श्रीनगर का रुख किया और न ही प्रियंका गांधी ने आतंकियों के खिलाफ कोई बयानबाजी की। लेकिन लखीमपुर खीरी चूंकि उत्तर प्रदेश में है और उसमें अगले साल चुनाव भी है। इसलिए दोनों राजनीतिक उद्देश्य से वहां जा पहुंचे।

कांग्रेस सरकारों में हो रहे अपराध दिखाई नहीं देते
यह कोई पहली दफा नहीं है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सिर्फ उत्तर प्रदेश के ही अपराध दिखाई देते हों. उत्तर प्रदेश में हुए अपराध को राई का पहाड़ बनाने के लिए दोनों पहुंच जाते हैं, लेकिन उनकी अपनी पार्टी की सरकार की नाक के नीचे उससे भी जघन्य अपराध होते हैं, लेकिन वे इस ओर से आंखें मूंद लेते हैं। लाख टके का सवाल यही है कि राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ में होते अपराधों की ओर इनका ध्यान क्यों नहीं जाता ?

दलित को मुख्यमंत्री बनाना सिर्फ दिखावा
कांग्रेस का दोहरा चेहरा इससे भी उजागर होता है कि एक ओर तो वह वोट-पॉलिटिक्स के लिए जमे-जमाए कैप्टन अमरिंदर को उखाड़कर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना देती है। ताकि लोगों में यह मैसेज जाए कि वह दलितों की हितैषी है। दूसरी ओर राजस्थान के हनुमानगढ़ में ​दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है, लेकिन राहुल-प्रियंका का हनुमानगढ़ कूच तो दूर की बात है, दलित परिवार को सांत्वना देने के लिए दो लाइन का बयान तक नहीं आता।

दलित की हत्या पर चुप क्यों है कांग्रेस हाईकमान: मायावती
दलित युवक की नृशंस हत्या के बावजूद राहुल-प्रियंका की चुप्पी पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ठीक ही सवाल उठाया है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. मायावती ने ट्वीट कर लिखा है- “राजस्थान के हनुमानगढ़ में दलित की पीट-पीट कर की गई हत्या अति-दुःखद व निन्दनीय है, लेकिन कांग्रेस हाईकमान चुप क्यों है? क्या छत्तीसगढ़ व पंजाब के सीएम वहां जाकर पीड़ित परिवार को 50-50 लाख रुपये की मदद देंगे? बीएसपी जवाब चाहती है, वरना कांग्रेस दलितों के नाम पर घड़ियाली आँसू बहाना बन्द करे.”

राहुलजी, दलित युवक की हत्या पर कुछ बोलें : शेखावत
इसी प्रकार केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राहुल गांधी पर तंज कसा है। शेखावत ने ट्वीट कर कहा कि राहुल जी आप लखीमपुर की चिंता न करें। वहां योगी जी का शासन है। आपके प्रिय गहलोत जी का नहीं! आप राजस्थान के प्रेमपुरा में इस दलित युवक की हत्या पर कुछ कहने की हिम्मत दिखाएं, ताकि जनता को मालूम हो कि आप कितने सच्चे हैं?

Leave a Reply