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पीएम मोदी की रणनीति से कोरोना और कूटनीति से हारेगा चीन

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देश में संपूर्ण लॉकडाउन के दूसरे चरण के शरू होने के साथ जिस प्रकार पिछले चार-पांच दिनों में कोरोना के प्रसार में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, इससे स्पष्ट होने लगा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति से कोरोना का अंत तय है। एक तरफ जहां देश में कोरोना का हारना निश्चित हो गया है वहीं दूसरी तरफ कोरोना जैसी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को उत्पन्न करने वाला देश चीन कूटनीतिक रूप से घिर गया है। जिस प्रकार चीन के वुहान प्रांत में कोविड-19 की वजह से मरने वालों की संख्या में अचानक उछाल दिखने को मिला है उससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि हो न हो यह चीन की कोई चाल थी। तभी तो इस वैश्विक महामारी से सबसे प्रभावित देशों में शुमार संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ब्रिटेन और फ्रांस ने चीन को घेरना शुरू कर दिया है। अमरिका ने कोरोना जैसे जैविक वायरस को फैलाने के लिए चीन के खिलाफ मुकदमा चलाने तक की तैयारी शुरू कर दी है।

अमेरिका ने की चीन के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी

पूरी दुनिया में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी फैलान का आरोप लगाते हुए अमेरिका ने चीन के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी शूर कर दी है। अमेरिका दो सांसदों ने दोनों सदनों में चीन के खिलाफ एक विधेयक भी पेश किया है। अमेरिका के उच्च संदन यानि सीनेट में जहां टॉम कॉटन तो वहीं निम्नसदन प्रतिनिधिसभा में डैन क्रेनशॉ ने विधेयक पेश किया है। इस विधेयक के पास होते ही चीन के खिलाफ मुकदमा दायर करने की मंजूरी मिल जाएगी। इसके साथ ही कोरोना से हुई मौत और बीमारी की वजह से हुई आर्थिक क्षति का हर्जाना पाने के लिए अमेरिकी नागरिक संघीय अदालत में चीन के खिलाफ मुकदमा दाखिल कर सकेंगे। वैसे इस विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि इस मामले में चीन और अमेरिका के बीच समझौता होने पर इस मुकदमें को खारिज किया जा सकता है। मालूम हो कि अमेरिका में आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय कानून में यह साफ किया गया है कि किसी वायरस को छिपाने का प्रयास करने या उसे फैलाने को आतंकी गतिविधि माना जाएगा। मालूम हो कि कोरोना के कहर से अमेरिका में कोरोना संक्रमितों की संख्या सात लाख 10 हजार के पार पहुंच गयी है जबकि मरने वालों की संख्या 37 हजार से ऊपर चली है।

भारत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ मामला दर्ज

भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोरोना के प्रकोप से कराह रहा है। इसके लिए पूरी दुनिया समेत भारत भी चीन को जिम्मेदार मान रहा है। अमेरिकी ने पहले ही चीन को चेतावनी दी थी। अब भारत में भी उसके खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। तभी तो उत्तर प्रदेश में भारत में कोरोना संक्रमण फैलान के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मालूम हो कि यूपी के लखीमपुर जिले में 40 से अधिक लोगों ने भारत में कोरोना फैलाने के लिए चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को जिम्‍मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ पुलिस में एक मामला दर्ज करवाया है। मामला दर्ज कराने वालों का कहना है समेत पूरे विश्व में कोरोना फैलने के पीछे चीन जिम्मेदार है। चीनी राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस को फैलाने की अनुमति दी और लाखों लोगों की जान को खतरे में डाला।

चीन में अचानक बढ़ी मृतकों की संख्या की हो जांच

जिस प्रकार चीन के वुहान में मरने वालों की संख्या में अचानक 50 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई दी है, इससे पूरी दुनिया आश्चर्य में है। अमेरिका समेत कई यूरोपीय देशों ने तो इस मामले की जांच करने की बात उठा दी है। अभी वहां जो नए आंकड़े जारी हुए हैं उसके मुताबिक पहले की तुलना में मृतकों की संख्या में 50 प्रतिशत अधिक का अंतर है। पहले बताया गया कि वुहान में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2579 है, जबकि जारी नए आंकड़े में वहां 1290 और अधिक लोगों की मौत होने की बात कही गई है। हाल ही में चीन के नेशनल हेल्थ आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक अकेले वुहान में 3869 लोगों की जान गई थी। इस नए आंकड़े के सामने आने के बाद चीन में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। पहले चीन में मरने वालों की संख्या 3342 बताई गई थी जबकि वहां 4632 लोगों की मौत हुई थी।

चीन पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कसा तंज

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वुहान मामले को लेकर चीन पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि चीन ने मौत के आंकड़ो को छिपाकर पूरी दुनिया को गुमराह किया है। ट्रम्प ने चीन पर तंज कसते हुए अपने एक ट्वीट में कहा, “चीन ने अदृश्य शत्रु की वजह से मारे गए लोगों का आंकड़ा दोगुना किया। यह उससे भी ज्यादा होगा। यह अमेरिका के करीब नहीं बल्कि उससे भी काफी ज्यादा होगा।”अमेरिका ने पहले ही चीन के आंकड़े को बताया था गलत

पूरी दुनिया चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन (एनएचसी) की ओर से जनवरी के अंत से रोजाना जारी किए जा रहे मृतकों की संख्या को लेकर संदेह जताया था। अमेरिका भी चीन के आंकड़ों पर संदेह जताता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार मौत के आंकड़ों को छुपाने को लेकर चीन पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन पर चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाया था और फंडिंग रोक दी है।

पूरी दुनिया ने माना चीन को दोषी

दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि सात औद्योगिक शक्तियों के समूह के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त कि चीन कोरोना वायरस महामारी के बारे में एक ‘‘गलत सूचना’’ अभियान चला रहा है। जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके, यूएस जैसे सात देश और यूरोपियन यूनियन शामिल हैं। कोरोना से लड़ने के लिए इन्होंने जो प्रण लिए हैं, उसमें चीन का कहीं ज़िक्र तक नहीं है और चीन को पूरी तरह नकार दिया गया है। इसके उत्तर में चीन ने भी जी-7 के इन कदमों को निराशाजनक बताया है।

चीन ने पत्रकारों को चूप कराकर कोरोना को फैलने दिया

अमेरिकी सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा है कि कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को आगाह करने की कोशिश करने वाले डॉक्टरों और पत्रकारों को चुप कराकर चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने दुनियाभर में वायरस को तेजी से फैलने दिया। वायरस को छुपाने के उनके फैसले से हजारों लोगों की असमय मौत हुई और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। यह उचित है कि हम इस नुकसान के लिए चीनी सरकार को जवाबदेह ठहराएं।’ क्रेनशॉ ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि चीन को कोरोना वायरस को छुपाने और दुनियाभर में फैलने देने के लिए उसके दुर्भावनापूर्ण झूठ के प्रति उसे जवाबदेह ठहराया जाए।’

वैसे तो चीन आंतकवाद को लेकर पूरी दुनिया की नजर में पहले से ही था लेकिन अब तो जैविक हथियार से दुनिया को थर्राने के मामले और आगे आ गया है। एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने देश के साथ कोरोना को हराने का संकल्प ले रखा है। उनकी दूरदृष्टि की पूरी दुनिया सराहना कर रही है। वहीं चीन की करतूत के कारण उसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। पीएम मोदी अपनी रणनीति से न केवल देश में कोरोना को परास्त करेंगे बल्कि आने वाले समय में अपनी विदेशी कूटनीति के तहत चीन को भी मॉत देने में सफल होंगे।

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