Home पोल खोल अब राहुल गांधी के धार्मिक दर्शन में इस्लाम भी, बोले-हिंदू और इस्लाम...

अब राहुल गांधी के धार्मिक दर्शन में इस्लाम भी, बोले-हिंदू और इस्लाम धर्म ही सत्य के मार्ग…तो क्या सोनिया-मनमोहन के धर्मों में सत्य को ढूंढ़ पाना मुश्किल है ?

1028
SHARE

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की आस्था का क्या राजस्थान से कोई कनेक्शन है ? वे जब राजस्थान में होते हैं या राजस्थान के कांग्रेसियों से मुखातिब होते हैं तो उनको धर्म याद आ ही जाता है। जयपुर में कांग्रेस की रैली में राहुल गांधी ‘मैं हिन्दू हूं, लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं’ बयान देकर सुर्खियों में आए थे। एक बार फिर जयपुर में कांग्रेस के ट्रेनिंग कैंप में राहुल गांधी का ‘धार्मिक दर्शन’ बाहर आया। इस बार राहुल ने हिन्दू और हिन्दुत्व के साथ इस्लाम को भी जोड़ दिया।

राहुल गांधी के बोल – ‘हिंदुओं का राज वापस लाना है’
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मंशा तो हिन्दू और हिन्दुत्व को मुद्दा बनाने की है। जयपुर में 12 दिसंबर को हुई कांग्रेस की रैली में राहुल ने हिंदू और हिंदुत्व वादी पर नया बखेड़ा शुरू किया। यह अलग बात है कि रैली का विषय कुछ और था और जयपुर में ज्याीदा समय राहुल ने हिंदू और हिंदुत्विवादी के बीच अंतर को समझाने में निकाल दिया। क्या हिंदू, हिंदुत्व् और हिंदुत्वअवादी में कोई समानता नहीं है? क्याई ये बिल्कु ल अलग-अलग शब्द, हैं? हिंदुत्‍व और हिंदुत्व वादी का मसला उठाते राहुल अपने फ्लो में यहां तक कह गए कि ‘हिंदुओं का राज वापस लाना है।’

वीडियो कान्फ्रेंसिंग में राहुल का ‘धार्मिक दर्शन’ फिर जागा
कांग्रेस नेता दबी जुबान से स्वीकारते हैं कि राहुल के इस वक्तव्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं को असहज कर दिया। पार्टी अभी किसी और लीक पर चल रही थी और अचानक ‘हिंदुओं का राज वापस लाना है’ कहकर राहुल गांधी ने अपने एक बड़े वोट बैंक को नाराज कर दिया। किंकर्तव्य विमूढ़ कार्यकर्ताओं को समझ नहीं का रहा कि उन्हें किस ओर जाना है ? राहुल गांधी तक यह बात पहुंचाने की किसी कांग्रेस नेता कि हिम्मत हुई या नहीं, यह तो वही जाने, लेकिन जयपुर में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से ही सही, राहुल का धार्मिक दर्शन फिर जाग गया।

अब बोले – हिन्दुत्ववादी धर्म को राजनीतिक हथियार में बदलते हैं
दरअसल, जयपुर में कांग्रेस ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया हुआ था। इस शिविर के समापन के मौके पर मंगलवार (28 दिसंबर) को राहुल गांधी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के कांग्रेस जनों को संबोधित किया। राहुल ने 16 दिन बाद एक बार फिर हिंदू और हिंदुत्व को याद किया। बस इस बार राहुल ने सलाहकारों की राय पर हिंदू के साथ इस्लाम भी जोड़ दिया। राहुल गांधी ने अपने दर्शन में कहा कि हिंदू और इस्लाम सत्य ढूंढ़ने के रास्ते हैं। लेकिन हिन्दुत्ववादी धर्म को राजनीतिक हथियार में बदलते हैं।पहले बयान पर राहुल गांधी की खूब जगहंसाई हुई, मीम्स भी बने
राहुल गांधी का पहला हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुत्वमवाद पर पहला दर्शन भी ज्यादातर लोगों के गले नहीं उतरा और सोशल मीडिया पर तो राहुल गांधी की खूब जगहंसाई हुई । वे इस बयान को लेकर ट्रोल हुए और उनपर खूब मीम्स बने। क्योंकि ज्यांदातर लोग हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुत्व वाद को एक-दूसरे से जोड़कर देखते हैं। इसमें भी शक नहीं कि इन शब्दोंह की उत्पहत्ति भी एक-दूसरे से जुड़ी है और से समानार्थी ही हैं। ऐसे में राहुल की परिभाषा कितने लोगों को समझ आई होगी, इसके बारे में कहना मुश्किल है।

…तो क्या दूसरे धर्म सत्य ढ़ूंढने का सही मार्ग नहीं हैं ?
एक बार फिर राहुल गांधी ने अपने नए दर्शन में हिंदू और इस्लाम को सत्य का मार्ग बताया है। सवाल उठ सकता है कि उनकी मां सोनिया गांधी का क्रिश्चियन धर्म या उनकी पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का सिख धर्म, या फिर बौद्ध धर्म क्या सत्य के मार्ग नहीं है ? क्या इन धर्मों में सत्य को ढूंढ़ पाना मुश्किल है ? जब सभी धर्म सत्य का मार्ग दिखाते हैं तो राहुल गांधी ने अपने धार्मिक दर्शन में सिर्फ इस्लाम को ही क्यों जोड़ा ? तो क्या अब राहुल गांधी हिंदुओं का राज नहीं लाना चाहते ?

राहुल ने जिस ‘पूंजापति’ अडानी को कोसा, उसी के साथ गहलोत सरकार एमओयू किया

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की जयपुर की रैली एक बार फिर लोगों के मनोरंजन का माध्यम बन रही है। दरअसल, राहुल ने रैली में ढेरों शाब्दिक गलतियां तो की हीं, जिसके मीम्स बन रहे हैं। इसके अलावा राहुल गांधी ने अपनी ही कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। दरअसल, पूंजापति (राहुल ने यही बोला था) अडानी की आलोचना करते हुए राहुल भूल गए कि जिस राजधानी में खड़े होकर और जिस मुख्यमंत्री के सामने वह यह बोल रहे हैं, उन्हीं गहलोत सरकार ने अडानी के साथ एमओयू कर रखे हैं। राजस्थान में 1500 मेगावाट का सोलर प्लांट की स्थापना के लिए के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के एमओयू कर रखे हैं।

जयपुर रैली से पहले ही अडानी की कंपनी से गहलोत सरकार का एमओयू
जयपुर रैली में भी राहुल गांधी ने कहा कि देश को अडानी समेत तीन-चार पूंजीपति चला रहे हैं। राहुल गांधी भूल गए कि जहां से वे बोल रहे हैं, उसी राजस्थान सरकार ने अडानी से 1500 मेगावाट का सोलर प्लांट की स्थापना के लिए एमओयू किए हुए हैं। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुई इंवेस्टर मीट में अडानी की कंपनी अडानी रिन्युवेबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड से राहुल की रैली के कुछ दिन पहले नवंबर-दिसंबर में ही एमओयू किए गए। इसके तहत अडानी की कंपनी को जैसलमेर की तहसील पोकरण और फतेहगढ़ के ग्राम क्रमश माधोपुरा सरदासर और भीमसर में सोलर पार्क के लिए चार हजार हैक्टेयर के ज्यादा जमीन का आवंटन किया गया है।

अडानी के खिलाफ इतनी बातें तो फिर एमओयू क्यों
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कहते हैं कि ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में अडानी-अंबानी की बहुत बातें कही थीं, मगर उन्हीं की अशोक गहलोत सरकार ने एक सप्ताह पहले मुंबई में अडानी के साथ राजस्थान में सोलर प्लांट के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का एमओयू किया है। अडानी ग्रुप के साथ 40 हजार करोड़ की एलओआई जारी कर चुकी हैं। अगर अडानी से इतनी नफरत है तो ये एमओयू और एलओआई क्यों जारी किए गए ? क्यों अडानी के 5200 करोड़ रुपए चुकाने के लिए जजिया कर के रुपए 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं पर 5 पैसे प्रति यूनिट का भार क्यों लगा रखा है।

राहुल गांधी ने हिंदुत्व को मानने वाले लोगों का अपमान किया
राठौड़ ने कहा कि राहुल ने रैली में अपनी अल्प बुद्धि से हिंदुत्व की व्याख्या है। यह हिंदुत्व को मानने वालों का अपमान है। उन्होंने राहुल को अपनी अल्प बुद्धि से हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए इसे कट्टरपंथी, अवसरवादी और सत्ता हथियाने के लिए कुछ भी करने वाला करार दिया। यह हिंदुत्व को मानने वाले लोगों का अपमान है। राहुल ने सलमान खुर्शीद के हिन्दुत्व की आईएसआई और अत्यंत कट्टरपंथियों से तुलना की बात को ही आगे बढ़ाया है। जबकि 2005 में संवैधानिक पीठ ने कहा था कि हिंदू और हिंदुत्व यह दोनों जीवन शैली से जुड़े हैं। इनकी आतंकवादी और कट्टरपंथी से जोड़कर व्याख्या नहीं करनी चाहिए।


‘पूंजापति’ और चाकू मारने के मंचन का उड़ रहा मजाक
राहुल की जयपुर रैली के सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। उनके वक्तव्य पर मीम्स बन रहे हैं। एक वीडियो में राहुल गांधी किसान आंदोलन को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं तो दूसरे वीडियो में राहुल गांधी अडानी और अंबानी को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लोग राहुल गांधी का मजाक उड़ा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि “मोदी सरकार ने किसानों की छाती पर चाकू मार दिया लेकिन आगे से नहीं पीछे से। उन्होंने मंच पर अपने सुरक्षाकर्मी के साथ चाकू मारने का मंचन भी किया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक और गलती कर दी। राहुल गांधी ने कहा कि पूरा का पूरा धन चार-पांच ‘पूंजापति’ के हाथ में हैं। हिन्दुस्तान के सब इंस्टिट्यूट एक संगठन के हाथ में हैं। देश को जनता नहीं चला रही है, देश को तीन चार ‘पूंजापति’ ही चला रहे हैं।

जयपुर रैली में राहुल गांधी के भाषण ने लोगों का किया मनोरंजन

ऐसा लगता है कि राहुल गांधी को सार्वजनिक भाषण से पहले या तो उनके सलाहकार कोई अपडेट नहीं देते हैं…या फिर राहुल खुद को सर्वज्ञ मानते हुए इस बारे में किसी से बात करने की जरूरत नहीं समझते। यही वजह है कि ज्यादातर मौकों पर राहुल अपने भाषण में ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जो लोगों के मनोरंजन का माध्यम बनती हैं और सोशल मीडिया और ट्वीटर पर उनके भाषण के बाद मीम्स की बाढ़ आ जाती है। कई बार उनके भाषण की गलतियों की भरपाई करना कांग्रेसियों के लिए भारी पड़ जाता है।

 

 

 

Leave a Reply