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कोरोना को रोकने में दुनिया से दो कदम आगे रहा है भारत

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वैश्विक महामारी कोरोना के प्रकोप से आज पूरी दुनिया न सिर्फ वाकिफ है बल्कि दुनिया के सामर्थ्यवान देश भी उसके आगे नतमस्तक है। वहीं कोरोना के कहर के आगे किस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत चट्टान की तरह डटा हुआ है उसे भी पूरी दुनिया ने देखी है। कोरोना के बेतरतीब प्रसार को रोकने में अगर भारत सफल रहा है तो इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के अन्य देशों से दो कदम आगे रहना है। विश्व के अन्य देशों की तुलना में भारत ने जिस प्रकार कोरोना के संक्रमण को रोकने के प्रयास किए है उसमें देश की पूरी जनता सहभागी रही है।  

समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं बल्कि तत्काल फैसला लिया

कोरोना जैसी महामारी के संक्रमण को रोकने में भारत की तत्परता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब भारत में एक भी केस सामने नहीं आया था तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग कराने का आदेश दे दिया था। इतना ही नहीं मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश में भीड़ वाली जगहों जैसे सिनेमा हॉल, मॉल आदि को बंद करने का आदेश जारी कर दिया था। वहीं दुनिया के अन्य देश कोरोना जैसे वायरस को परखने में अधिकांश समय खपाते दिखे।

कोरोना के केस बढ़ते ही संपूर्ण लॉकडाउन लागू कर दिया    

देश में जैसे ही कोरोना का मामला साढ़े पांच सौ के पास पहुंचा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से संपूर्ण लाकडाउन करने का फैसला करते हुए देश में उसे लागू कर दिया। देश ने कभी समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया बल्कि समस्या दिखते ही तेजी से फैसले लेकर उसे रोकने का भरसक प्रयास किया।

दूसरे देशों की तुलना में भारत की स्थित सुदृढ़

वैसे तो किसी दूसरे देश के साथ तुलना करना उचित नहीं होता, फिर भी दुनिया के अन्य सामर्थ्यवान देशों में कोरोना के आंकड़े देखे तो पाएंगे कि देश की स्थिति काफी बेहतर है। देश बहुत ही संभली हुई स्थिति में है। डेढ महीने पहले कई देश भारत के साथ ही खड़े थे। लेकिन बीतते समय के साथ देश ने कोरोना को हराने के लिए जो रणनीति बनाई और अपनाई, शायद दूसरे देशों ने वैसा नहीं किया। तभी आज हमारी तुलना में दूसरे देशों में कोरोना के केस 25 से 30 गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। उन देशों में मरने वालों की संख्या हजारों हो चुकी है। आज ही की तुलना करें तो जहां भारत में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या करीब 10 हजार दो सौ है वहीं मरने वालों की संख्या 392 तक पहुंची है। वहीं अगर इसकी तुलना दुनिया के सबसे समर्थ देश अमेरिका से करें तो वहां अभी कुल एक्टिव मरीजों की संख्या लगभग साढ़े पांच लाख पहुंच गई है जबकि मृतकों की संख्या 26064 हो गई है।

हॉलिस्टिक एप्रोच और तेज फैसले से बचा भारत

अगर आज भारत इस स्थिति में है तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को बताए रास्ते और उपाय जिम्मेदार है। अगर आज देश की जनता पीएम मोदी के बताए हॉलिस्टिक एप्रोच को ना अपनाया होता तो देश किस स्थिति में होता इसका अंदाजा आप सब लगा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को जो रास्ता बताया वही आज पूरी दुनिया के लिए सही साबित हो रहा है। यानि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का देश को बहुत लाभ मिला है। जिस सीमित संसाधनों के बीच देश जिस मार्ग पर चला है उसकी चर्चा पूरी दुनिया भर में हो रही है।

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