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पिछले 8 वर्षों में देश विकृत सोच को पीछे छोड़कर, आधुनिक सोच और सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विकास को लेकर हमने देश में लंबे समय तक एक विकृत सोच को हावी होते देखा है। ये सोच थी कि अच्छी सड़कें, अस्पताल, शिक्षण संस्थान और उद्योग-धंधे कुछ चुनिंदा राज्यों और बड़े शहरों में ही शुरू होंगे। इस पुरानी सोच का नतीजा ये हुआ कि देश के विकास में बड़ा असंतुलन पैदा हो गया। देश के कई बड़े हिस्से में लोग असुविधा और अभाव में रहे। पिछले 8 वर्षों में देश अब उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर, नई सोच, आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके पीछे मूल भावना सबका साथ, सबका विकास की है। पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने हिमाचल प्रदेश की विकास गाथा को नए आयाम दिए हैं। आज सेंट्रल यूनिवर्सिटी, IIT, IIIT, IIM और अब बिलासपुर एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान राज्य की शान बढ़ा रहे हैं। 

राष्ट्ररक्षा के साथ अब जीवन रक्षा में भी हिमाचल प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्ररक्षा में हमेशा से हिमाचल का बहुत बड़ा योगदान रहा है, अब जीवन रक्षा में भी हिमाचल महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। साल 2014 तक हिमाचल में सिर्फ 3 मेडिकल कॉलेज और 500 मेडिकल सीटें थीं। पिछले 8 सालों में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज हिमाचल में बने हैं और आज 1200 से अधिक मेडिकल सीटें हैं। बल्क ड्रग्स पार्क्स के लिए देश के जिन 3 राज्यों का चयन हुआ है, उनमें से एक हिमाचल है। मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए जिन 4 राज्यों को चुना गया है, उनमें से भी एक हिमाचल है। नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण के लिए हज़ारों करोड़ रुपये का निवेश यहां होगा। इससे जुड़े अनेक छोटे और लघु उद्योग यहां आसपास विकसित होंगे। इससे यहां के हज़ारों युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे।देशवासियों को कम खर्च में बेहतर इलाज मिले और उन्हें दूर भी ना जाना पड़े
पीएम मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि गरीब और मध्यम वर्ग का कम खर्च पर बेहतर इलाज हो और इसके लिए उसे दूर भी ना जाना पड़े। इसलिए आज एम्स, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में क्रिटिकल केयर सुविधाओं और गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने पर बल दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हिमाचल के अधिकतर परिवारों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

गरीब और मध्यम वर्ग के 3.60 करोड़ मरीजों पर अब तक 45 हजार करोड़ रुपये खर्च
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में इन सभी साथियों के इलाज पर सरकार अब तक 45 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है। अगर आयुष्मान भारत योजना ना होती तो इसका करीब दोगुना यानि लगभग 90 हज़ार करोड़ रुपये इन मरीज़ों को अपनी जेब से देना पड़ता। यानि इतनी बड़ी बचत भी गरीब परिवारों की हुई है और बेहतरीन इलाज भी मिल पा रहा है। इस योजना के तहत अभी तक देशभर में 3 करोड़ 60 लाख गरीब मरीज़ों का मुफ्त इलाज हो चुका है। इसमें से डेढ़ लाख से अधिक लाभार्थी हिमाचल के ही हैं।

आयुष्मान योजना से अब माताओं, बहनों और बेटियों को इलाज के खर्च का कोई डर नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरे लिए यह बहुत ही संतोष की बात है कि अब माताओं, बहनों और बेटियों को इलाज के खर्च का कोई डर नहीं है। सरकार की योजनाओं का सबसे अधिक लाभ इन्हें ही मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम तो जानते हैं कि हमारी मां-बहनों का स्वभाव होता है कि वो कितनी ही तकलीफ में हों, शरीर में कितनी ही पीड़ा होती हो, लेकिन वो परिवार में किसी को बताती नहीं हैं। वो सहन करती भी है और काम भी करती हैं। उनके मन में रहता है कि अगर बीमारी का पता परिवार के लोगों को लगेगा, बच्चों को लगेगा, वो कर्ज करके भी मेरा उपचार कराएंगे। और मां सोचती है बीमारी में थोड़ा समय निकाल दूंगी, लेकिन बच्चों पर कर्ज नहीं होने दूंगी। इसी भावना से आयुष्मान भारत योजना का जन्म हुआ है। ताकि माताओं-बहनों को बीमारी के दौरान मजबूरी से जीना न पड़े।

महिलाओं की सुख, सुविधा, सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि मातृवंदना योजना के तहत हर गर्भवती महिला को पोषक आहार के लिए हज़ारों रुपये की मदद हो या फिर अब हर घर जल पहुंचाने का हमारा अभियान हो, मुफ्त सैनेटेरी नैपकिन देने का अभियान हो या फिर मुफ्त गैस कनेक्शन देने के लिए उज्जवला योजना हो…माताओं-बहनों को सशक्त करने वाले ये काम हम एक के बाद एक निरंतर करते जा रहे हैं। पिछले 7 दशकों में जितने नल कनेक्शन हिमाचल में दिए गए हैं, उससे दोगुने से भी अधिक सिर्फ बीते 3 साल में हम लोगों को दे चुके हैं। माताओं-बहनों-बेटियों का सुख, सुविधा, सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।

 

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