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दवा सप्लाई को लेकर आदेश का पालन ना होने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने लगाई उद्धव ठाकरे सरकार को फटकार

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फिल्मकारों के बीच बेस्ट सीएम का खिताब पा चुके उद्धव ठाकरे की महाराष्ट्र सरकार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोरोना को लेकर देश में महाराष्ट्र की हालत सबसे खराब है। राज्य में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 67,468 नए मामले सामने आए हैं और इससे 568 लोगों की मौत हो गई है। लेकिन शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी की मिली-जुली सरकार स्थिति से निपटने में विफल साबित हो रही है।

कोरोना काल में महाराष्ट्र में रेमडेसिविर दवा की काफी किल्लत है। काफी ज्यादा संख्या में मरीज आने के कारण अस्‍पतालों में बेड और ऑक्‍सीजन की कमी पड़ रही है। ऐसे में मुंबई, नागपुर और पुणे में रेमडेसिविर इंजेक्‍शन की कमी को देखते हुए बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने उद्धव सरकार को आदेश दिया है कि वह सोमवार रात 8 बजे तक नागपुर में 10 हजार रेमडेसिविर इंजेक्‍शन की आपूर्ति सुनिश्चित करे, लेकिन ऐसा ना हो पाया।

आदेश का पालन ना होने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को ठाकरे सरकार को तगड़ी लताड़ लगाई। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने कहा कि वह महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए कुछ नहीं कर पा रहा है और इस ‘दुष्ट और बुरे’ समाज का हिस्सा होने पर शर्मिंदा है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि इस जीवन रक्षक दवा का लोगों को न मिलना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

जस्टिस एसबी शुकरे और एसएम मोदक की खंडपीठ ने कहा कि अगर आप को खुद पर शर्म नहीं आ रही है, तो हम इस बुरे समाज का हिस्सा होने पर शर्मिंदा हैं। आप हमारे मरीजों के प्रति लापरवाह हैं। हम आपको एक समाधान देते हैं, लेकिन आप उसका पालन नहीं करते। यहां क्या बेहूदगी चल रही है। अब साफ है कि यह प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से पीछे भाग रहा है।

 

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