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देशविरोधी कांग्रेस नंबर 50 : Musk के तंज का देशहित के खिलाफ राहुल ने किया Welcome

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आओ रानी, हम ढोएँगे पालकी,
यही हुई है राय जवाहरलाल की।
मशहूर जनकवि बाबा नागार्जुन इस व्यंग्य कविता के माध्यम से तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार द्वारा ब्रिटिश राजशाही (महारानी एलिजाबेथ) के भव्य और चाटुकारितापूर्ण स्वागत पर कही थी। अब अपने परिवार की उसी जी-हुजूरी की परंपरा को आगे करते हुए कांग्रेस से ‘युवराज’ ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क का इसी अंदाज में स्वागत किया है। मानो वह कह रहे हों… आओ राजा हम ढोएंगे पालकी, यही हुई है राय राजीव के लाल की। वह अमेरिका के ‘राजा’ को बुला रहे हों! राहुल गांधी और कांग्रेस का इससे बढ़कर देशविरोधी रवैया और क्या हो सकता है कि जो मस्क हमारे देश के प्रधानमंत्री पर तंज करते हुए अंबानी को भारत का बॉस बता रहा है। अंबानी को प्रधानमंत्री के समकक्ष रखकर तंज कर रहा है, उसके ट्वीट का राहुल गांधी स्वागत कर देशविरोधी रुख अपना रहे हैं। वह भी एलन मस्क के उस स्टारलिंक के लिए जो देश के नियम-कायदों को ताक पर रखकर भारत आना चाहता है। राहुल गांधी को भारतीय इंटरनेट कंपनियों की तो जरा भी परवाह नहीं हैं, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली स्टारलिंक और उसके सर्वेसर्वा एलन मस्क की चिंता है। यह कोई पहली बार नहीं जब राहुल गांधी या कांग्रेस ने देश विरोधी रवैया अपनाया हो। इससे पहले भी देश में यहां तक विदेशी सरजमीं पर भी भारत विरोधी रवैया अपना चुके हैं।

स्टारलिंक से राष्ट्रीय सुरक्षा की क्या चुनौतियां हो सकती हैं?
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा भारत के दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ा सकती है, लेकिन इसके साथ कुछ गंभीर सुरक्षा संबंधी सवालों पर ध्यान देना भी जरूरी है। यदि किसी नेटवर्क के उपकरणों या सेवाओं का इस्तेमाल संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों में अनधिकृत गतिविधियों के लिए किया जाए, या साइबर सुरक्षा में खामी का फायदा उठाया जाए, तो बहुत जोखिम पैदा हो सकता है। इसी तरह संकट या युद्ध की स्थिति में किसी विदेशी कंपनी के नियंत्रण वाले संचार नेटवर्क पर निर्भरता रणनीतिक चिंता का विषय बन सकती है। असल चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी कंपनी भारतीय कानूनों, डेटा सुरक्षा मानकों, लाइसेंस की शर्तों और सरकारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करे। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के नियमों के अनुसार, उपग्रह इंटरनेट कंपनियों को भारत में स्थापित गेटवे, भारतीय ट्रैफिक की रूटिंग, कानूनी निगरानी और सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना होता है।

गंभीर सुरक्षा चुनौतियों में राहुल की हल्की और गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी
मस्क ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी भारत में स्टारलिंक के प्रवेश को रोककर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने मुकेश अंबानी को संबोधित करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि क्या भारत के असली बॉस अंबानी हैं। राहुल गांधी ने जवाब दिया, “भारत में आपका स्वागत है, एलन। अभी आप दूसरे व्यक्ति से मिलिएगा।” इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। ऐसी गंभीर सुरक्षा चुनौतियों में राहुल गांधी का जवाब केवल एक कारोबारी विवाद पर टिप्पणी नहीं रह जाता। विपक्ष के नेता के रूप में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे आरोपों और तथ्यों के बीच अंतर स्पष्ट करें, न कि किसी विदेशी कारोबारी के दावों को राजनीतिक कटाक्ष के जरिए आगे बढ़ाएं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने मस्क के भेदभाव संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उपग्रह संचार सेवाओं के लिए नियामकीय ढांचा निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है।

राहुल बताएं कि स्टारलिंक का समर्थन उसी की शर्तों पर करेंगे!
ऐसे में राहुल गांधी को भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे स्टारलिंक के प्रवेश का समर्थन भारतीय कानूनों के पालन की शर्त पर करते हैं या मस्क के आरोपों को ही पर्याप्त मानते हैं। भारत दुनिया की बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विदेशी निवेश, नई तकनीक और वैश्विक कंपनियों की भागीदारी इस विकास में योगदान दे रही है। लेकिन किसी भी कंपनी को बाजार में प्रवेश देने का फैसला केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि वह कितने देशों में कारोबार करती है या उसने कितना निवेश किया है। भारत में काम करने वाली हर कंपनी को देश के कानूनों, डेटा सुरक्षा के प्रावधानों और नियामकीय व्यवस्था का पालन करना होगा। स्टारलिंक को भी यही करना चाहिए। यदि उसे आवश्यक मंजूरियां मिलती हैं, तो वह भारतीय उपभोक्ताओं को एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है।

राहुल गांधी हर विवाद को सिर्फ मोदी विरोध के चश्मे से देखते हैं
राहुल गांधी की राजनीति पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते समय वे हर विवाद को उसी चश्मे से देखते हैं? यदि सरकार के किसी फैसले में खामी हो तो विपक्ष को तथ्य और प्रमाण के साथ उसे उजागर करना चाहिए। यदि भारतीय कंपनियों को अनुचित लाभ दिया जा रहा है, तो उसकी जांच की मांग होनी चाहिए। लेकिन जब कोई विदेशी उद्योगपति भारत की नीतियों पर आरोप लगाता है, तो विपक्ष का काम उन आरोपों की स्वतंत्र पड़ताल करना भी है। केवल इसलिए किसी दावे को सही नहीं मान लिया जा सकता कि उससे प्रधानमंत्री या उनकी सरकार पर निशाना साधने का अवसर मिल रहा है। राहुल गांधी के जवाब में राजनीतिक व्यंग्य तो था, लेकिन नियामकीय प्रक्रिया, सुरक्षा संबंधी शर्तों और भारतीय दूरसंचार उद्योग के हितों पर स्पष्ट बात नहीं थी। यही वह कमी है, जिसके लिए राहुल गांधी और कांग्रेस की सर्वत्र आलोचना हो रही है।स्टारलिंक का मामला सिर्फ इंटरनेट सेवा का नहीं
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक उपग्रहों के जरिए इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराती है। दूरदराज के गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और उन स्थानों के लिए जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड पहुंचाना कठिन है, ऐसी तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। भारत जैसे विशाल देश में इसके संभावित लाभों को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन किसी तकनीक के उपयोगी होने का अर्थ यह नहीं कि उसे देश के नियमों से छूट मिल जानी चाहिए। उपग्रह संचार नेटवर्क का संचालन, डेटा का प्रबंधन, नेटवर्क पर नियंत्रण और आपात परिस्थितियों में सेवाओं का नियमन ऐसे विषय हैं, जिनका राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा संबंध हो सकता है। इसलिए स्टारलिंक को भी वही शर्तें पूरी करनी होंगी, जो भारत सरकार ने निर्धारित की हैं। सवाल मस्क के भारत आने का विरोध करने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि भारत में कारोबार करने वाली हर कंपनी भारतीय कानूनों और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति जवाबदेह रहे।

आइए, अब एक नजर डालते हैं कांग्रेसी नेताओं की देश विरोधी मानसिकता पर…

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाते रहे है सवाल
कांग्रेस जब भी कोई चुनाव हारती है तो हार का ठीकरा ईवीएम मशीन पर लगा देती है और जीतने पर चुप्पी साध लेती है। सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस ने हर हार के लिए ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाए, लेकिन जब चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को साबित करने की चुनौती दी तो राहुल गांधी समेत कोई भी कांग्रेसी नेता पहुंचा ही नहीं। कांग्रेस ने पक्षपात के आरोप लगाए, हालांकि वह कभी साबित नहीं कर पाई। पिछले छह साल में कई वाकये ऐसे आए जब कांग्रेस ने हारने के बाद चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ दिया,लेकिन जीत पर चुप्पी साध ली। सत्ता से दूर रहने की हताशा में कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर ही प्रश्नचिह्न लगाती रही है। आइये एक नजर डालते हैं कि कांग्रेस ने कब-कब संवैधानिक संस्थाओं पर प्रश्न खड़े किए।

जस्टिस लोया मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सवाल
जस्टिस लोया मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय सुनाते हुए सख्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ”याचिकाकर्ताओं के वकील दुष्यंत दवे, इंदिरा जयसिंह और प्रशांत भूषण ने न्यायपालिका पर एक फौजदारी हमला शुरू कर दिया और एससी के तीन न्यायिक अधिकारियों को अविश्वसनीय बताया, जो लोया के साथ नागपुर गए थे, उनके साथ एक गेस्ट हाउस में रहे और कहा गया कि लोया दिल का दौरा पड़ने से मर गए। तर्कों के दौरान वकीलों ने एससी के न्यायाधीशों की ओर संस्थागत सभ्यता नहीं बनाए रखा और गलत आरोप लगाया। ऐसे मामलों में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करना आदर्श होगा, जहां न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अदालत में लाई जाती है।” जाहिर है देश की सुप्रीम अदालत इस बात से आहत है कि उसे राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 

मक्का ब्लास्ट मामले में हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल
हिन्दू आतंकवाद का शब्द गढ़कर समूचे हिन्दू धर्म को बदनाम करने वाली कांग्रेस ने मक्का ब्लास्ट पर भी हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठा दिए। कांग्रेस ने इस तथ्य को छिपाने की कोशिश की कि उसके द्वारा ‘क्रिएटेड’ गवाह ही अपने बयानों से मुकर गए। 

रिजर्व बैंक पर सवाल उठाए
वर्ष 2016 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और वित्त मंत्रालय के तालमेल से देश में डिमोनिटाइजेशन का निर्णय लिया गया। देश में भ्रष्टाचार पर प्रहार के लिए लिया गया निर्णय कांग्रेस को रास नहीं आया और इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पर ही सवाल खड़ा कर दिया, जबकि ये एक संवैधानिक संस्था है, जो स्वायत्त है। आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल खत्म हुआ तो भी कांग्रेस ने उनकी सेवा को बरकरार रखने के लिए सरकार पर अनैतिक दबाव बनाने का भी काम किया।

सीएजी को कठघरे में खड़ा किया
2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला और कोयला घोटाला का जब से खुलासा हुआ तब से ही कांग्रेस ने संवैधानिक संस्था सीएजी पर ही हमला करना शुरू कर दिया। हालांकि जब जांच के दायरे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के कई सांसद और मंत्री आ गए तो कांग्रेस की बोलती बंद हो गई। दरअसल कांग्रेस ने सीएजी पर तब ये आरोप लगाए थे, जब केंद्र की सत्ता में खुद कांग्रेस की सरकार थी।

कांग्रेस ने सेना को भी नहीं बख्शा
कांग्रेस ने एक ओर जहां तत्कालीन आर्मी चीफ बिपिन रावत को ‘सड़क का गुंडा’ कहा तो वहीं दूसरी ओर सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर सेना का मनोबल तोड़ने की कोशिश की। इसी तरह जब सेना के मेजर गोगोई ने पत्थरबाज को जीप पर बांधकर सेना के दर्जनों जवानों की जान बचाई तो कांग्रेस ने इस पर भी राजनीति की। कांग्रेस ने अपनी ही सरकार के दौरान तत्कालीन आर्मी चीफ वीके सिंह की उम्र को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की। यहां तक कि उनपर देश में आर्मी रूल लगाए जाने की साजिश रचने तक के आरोप लगा दिए।

नीति आयोग के गठन पर भी उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब योजना आयोग की जगह नीति आयोग बनाने का निर्णय लिया तो कांग्रेस ने इसका पुरजोर विरोध किया। हालांकि बदलते वक्त के साथ देश को नीति आयोग जैसी संस्था की जरूरत है, क्योंकि देश में ‘कांपिटिटिव कॉपरेटिव फेडरलिज्म’ के सिस्टम को अमल में लाया गया है। इसमें राज्यों की सहभागिता बढ़ी है और योजनाओं के निर्माण और उसके बजट में भी राज्य सरकारों का सीधा संबंध स्थापित हो सका है।

राहुल ने ट्वीट में जम्मू-कश्मीर को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा
आजादी के बाद से ज्यादातर समय सत्ता-सुख भोगने वाली कांग्रेस के नेता देश विरोधी कार्य से पीछे नहीं हट रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में एक ट्वीट में जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के हिस्से के तौर पर दिखा दिया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करॉना वायरस को लेकर किए गए ट्वीट में जम्मू-कश्मीर को पाक का हिस्सा दिखाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें लताड़ लगानी शुरू कर दी, जिसके बाद उन्होंने वह ट्वीट डिलीट कर दिया।

राहुल गांधी के बयान को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में बनाया था हथियार
पाकिस्तान ने 27 अगस्त, 2019 को कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र (UN) में दिए अपने प्रस्ताव में राहुल गांधी के बयान का जिक्र किया। पाकिस्तान ने कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखकर भारत की शिकायत की। इस चिठ्ठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों का हवाला दिया। इस चिट्ठी में भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा को बढ़ाने का आरोप लगाया। इमरान खान सरकार में मंत्री डॉ शिरीन मजारी ने यूएन को लिखी अपनी आठ पेज की चिट्ठी में पेज छह और आठ पर राहुल गांधी का जिक्र किया।

 

पाकिस्तान ने इसमें लिखा कि भारत में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने भी माना है कि ‘कश्मीर में लोग मर रहे हैं’ और वहां हालात सामान्य नहीं हैं। इस चिट्ठी में जहां पाकिस्तान ने राहुल गांधी के ट्वीट का जिक्र करते हुए कश्मीर में आम नागरिकों पर हिंसा की बात कही, वहीं महबूबा मुफ्ती के ट्वीट को भी शामिल किया।

हाल ही में कश्मीर दौरे से लौटाए गए राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था कि उन्हें उस बर्बरता का अहसास हुआ जिसको कश्मीरी झेल रहे हैं। राहुल के इस बयान का पाकिस्तान ने इस्तेमाल भी करने लगा। उनके ट्वीट को वहां की न्यूज वेबसाइट प्रमुखता से दिखा रहे थे।

कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देश तुर्की में खोला दफ्तर
देश में सिमट रही कांग्रेस ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने वाले देश तुर्की में अपना दफ्तर खोला। अनादोलू एजेंसी की खबर के अनुसार तुर्की में यह दफ्तर को इस्ताम्बुल में खोला गया है। मोहम्मद युसूफ खान को इस दफ्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मोहम्मद युसुफ खान तुर्की में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।

तुर्की ने यूएन में ना सिर्फ कश्मीर मुद्दा उठाकर भारत के आंतरिक मामले में दखल दिया था बल्कि कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की बात भी कही थी। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तुर्की को कूटनीतिक मात देने के लिए उसके प्रतिद्वंदी ग्रीस, साइप्रस और अर्मेनिया के राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात की और इन देशों के साथ संबंध मजबूत बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया और तुर्की की कंपनी के साथ दो अरब डॉलर से ज्यादा की डील पर रोक लगा दी गई। इकनॉनिक टाइम्स के अनुसार हाल ही में विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को तुर्की न जाने की सलाह दी और वहां की यात्रा करने वाले को सावधानी बरतने की सलाह दी।

ऐसे में जबकि भारत तुर्की को पाकिस्तान की तरह अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में अलग-थलग करने में जुटा हुआ है, कांग्रेस वहां इंडियन ओवरसीज कांग्रेस का दफ्तर खोलकर देश में क्या संदेश देना चाहती है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस इसके पहले भी कश्मीर मुद्दे पर ब्रिटेन की लेबर पार्टी के साथ चर्चा करके राष्ट्रीय हितों का नुकसान पहुंचा चुकी है।

कश्मीर पर कांग्रेस नेताओं के विवादित बोल
आजादी के बाद से ज्यादातर समय सत्ता-सुख भोगने वाली कांग्रेस भाषावाद, क्षेत्रवाद, प्रांतवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद जैसे हथियार तो आजमाती ही रही है। देश के अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर पर भी देश विरोधी रुख अपना रही है। आर्टिकल 370 पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, मणिशंकर अय्यर और दिग्विजय सिंह ने विवादित बयान दिए। इन कांग्रेसी नेताओं के बयान पाकिस्तान चैनल पर प्रमुखता से चलाए गए।

प्रियंका भी पीछे नहीं
राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका वाड्रा ने भी कश्मीर के माहौल पर एक विडियो के साथ ट्वीट किया था, ‘कब तक यह चलता रहेगा? यह लाखों लोगों में एक हैं, जिन्हें चुप करा दिया गया और राष्ट्रवाद के नाम पर कुचल दिया गया।’

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘विपक्ष पर जो लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रहे हैं, कश्मीर में लोकतांत्रिक अधिकारों को ताक पर रखने से ज्यादा कुछ भी राजनीतिक या राष्ट्रदोह नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यह हम सबका कर्तव्य है कि हम इसके खिलाफ आवाज उठाएं । हम ऐसा करने से नहीं रुकेंगे।’

मुस्लिम बहुल है इसलिए हटाया 370- चिदंबरम
पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने एक विवादित बयान देकर कश्मीर मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। साल 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद से ही कांग्रेसी नेता बौखलाए रहते हैं और हर बात को तुष्टिकरण की दृष्टि से देखते हैं। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील मामले पर गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करके हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है। यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती। ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है।

मोदी-शाह ने कश्मीर को बना दिया फिलीस्तीन- अय्यर
कांग्रेस के एक और नेता मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान समर्थित बयान देकर फिर विवादों में हैं। मणिशंकर अय्यर ने एक आलेख में लिखा है कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश के उत्तरी बॉर्डर पर एक फिलीस्तीन बना दिया है। मोदी-शाह ने ये पढ़ाई अपने गुरु बेंजामिन नेतान्याहू और यहूदियों से ली है। मोदी और शाह ने इनसे सीखा है कि कश्मीरियों की आजादी, गरिमा और आत्मसम्मान को कैसे रौंदना है? उन्होंने लिखा है कि अच्छे दिन की बजाय, संसद ने जो तय किया है वह घाटी में एक लंबी और अंधेरी रात है, और शायद देश के बाकी हिस्सों में भी ऐसा होगा।

पाकिस्तानी मीडिया में कांग्रेसी नेताओं की चर्चा
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेसी सांसदों के भाषण पाकिस्तानी मीडिया में छाए रहे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल डिबेट में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद और पी चिदंबरम के भाषणों पर चर्चा होती रही। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चर्चा के दौरान कहा कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर यूएन निगरानी कर रहा है, ऐसे में ये आंतरिक मामला कैसे हो सकता है।

डॉन वेबसाइट, पाक
द न्यूज वेबसाइट पाक
द नेशन वेबसाइट, पाक

इसके अलावा भी कई और ऐसी घटनाएं हैं, जिनसे साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी की मानसिकता राष्ट्रविरोधी रही है-

 

पूर्व पीएम मनमोहन ने पाकिस्तान उच्चायुक्त से की गुप्त मंत्रणा 
कांग्रेसा नेता मणिशंकर अय्यर ने जिस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच आदमी’ कहा। उसके एक दिन पहले मणिशंकर अय्यर के घर पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पाकिस्तान उच्चायुक्त के हाई कमिश्नर ने हाई लेवल की गुप्त बैठकें कीं। इस गुप्त मंत्रणा के अगले ही दिन मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को गाली दे दी। इस पूरे वाकये में मनमोहन सिंह ने प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा दीं। 

राष्ट्रगान का विरोध और JNU में राहुल ने दिया देशद्रोहियों का साथ 
पिछले साल आजादी के 70वीं वर्षगांठ में जब यूपी सरकार ने सरकार से अनुदानित सभी संस्थाओं में राष्ट्रगान को अनिवार्य किया, तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। कांग्रेस से विधायक रहे माविया अली ने कहा हम पहले हम मुसलमान हैं, भारतीय बाद में है। कांग्रेस की राजनीति तो कोर्ट के उस आदेश पर भी निकल कर आई जिसमें सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया था। दूसरी ओर दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी JNU में भारत विरोधी नारे और देश को तोड़ने वाले नारे लगाते हुए पूरे देश ने देखा था, लेकिन देशविरोधी इन ताकतों की आलोचना करने के बजाए राहुल गांधी इनका समर्थन करने JNU पहुंच गए थे।पत्थरबाजों और अफजल-याकूब का समर्थन करती है कांग्रेस
जब सेना के मेजर गोगोई ने पत्थरबाज को जीप पर बांधकर सेना के दर्जनों जवानों की जान बचाई तो कांग्रेस ने इस पर भी राजनीति की। जिस आतंकी बुरहान वानी को भारतीय सेना ने एनकाउंटर कर ढेर कर दिया उसे कांग्रेस पार्टी जिंदा रखने की बात कहती है। कश्मीर में पार्टी के नेता सैफुद्दीन सोज ने कहा कि उनका बस चलता तो वह आतंकी बुरहान वानी को जिंदा रखते। संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की फांसी पर भी कांग्रेस ने पॉलटिक्स की थी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा था कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देना गलत था और उसे गलत तरीके से दिया गया। कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने अफजल गुरु को अफजल गुरुजी कहकर पुकारा था। इतना ही नहीं यही कांग्रेस है जिनके नेताओं ने याकूब मेनन की फांसी पर भी आपत्ति जताई थी। काग्रेस नेताओं के समर्थन पर ही प्रशांत भूषण ने रात में भी सुप्रीम कोर्ट खुलवा दिया था।

प्रणब की किताब The Coalition Years- हिंदू विरोधी हैं सोनिया गांधी! 
प्रणब दा ने खुलासा किया है कि किस तरह सोनिया गांधी के नेतृत्व में हिंदुओं को टारगेट कर फंसाया गया है। बिना सोनिया गांधी का नाम लिए बताया गया है कि किस प्रकार साधु-महात्माओं की गिरफ्तारी की गई। जबकि उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राज्य की पुलिस किसी मुस्लिम मौलवी को ईद के मौके पर गिरफ्तार करने की हिम्मत दिखा सकती है?” प्रणब मुखर्जी पर पूरा लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें। 

 

आप भी देखिए पहलगाम हमले पर राहुल गांधी के करीबी कांग्रेसी नेताओं के देश विरोध बयान-

भावनात्मक लाभ के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ – पृथ्वीराज चव्हाण
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि मोदी सरकार ने भावनात्मक लाभ के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम चुना है। उन्होंने कहा कि युद्ध बम, बंदूक और विमानों से लड़ा जाता है, न कि प्रतीकात्मकता या दिखावटी कार्यों से। अभियान के नाम से युद्ध नहीं जीता जा सकता। अभियान का नाम ठीक है, भारत सरकार ने सोचा होगा कि अभियान को यह नाम देने से उन्हें कुछ भावनात्मक लाभ मिल सकता है।

उदित राज ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र में कांग्रेस के सीनियर लीडर पृथ्वीराज चव्हाण के साथ ही दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेता उदित राज ने भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम पर सवाल उठाए हैं। दरअसल में सत्ता से दूर रहने के बाद कांग्रेस इतनी हताश हो गई है कि वो मोदी विरोध में देश विरोध पर उतर जाती है। पार्टी सत्ता के लिए अब देशहित के बारे में सोचती ही नहीं। राहुल गांधी के करीबी इस नेता ने कहा कि बुद्धिजीवियों के साथ चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि सिंदूर एक खास धर्म से जुड़ा है और अगर इसका कोई दूसरा नाम रखा जाता तो बेहतर होता। हालांकि, यह बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि पाकिस्तान को सबक सिखाया गया है।

पाक मीडिया में चहेते बने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के करीबी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय का एक वीडियो काफी वायरल हुआ। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान राफेल का जिस तरह से मजाक उड़ाया, उसे पाकिस्तानी मीडिया प्रोपगेंडा के तौर पर इस्तेमाल करने लगा। अजय राय ने राफेल का मजाक उड़ाते हुए कहा कि इस पर नींबू-मिर्ची लटकाकर हवाई अड्डे पर खड़ा कर दिया गया हैं। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने एक खिलौना राफेल विमान को दिखाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करती है।

 

इस सब को लेकर राहुल गांधी की देशभर में थू-थू तो हो ही रही है, कांग्रेस के कुछ नेताओं में भी अंदरखाते राहुल के बयान को लेकर मतभेद है। उन्हें देश की राजनीति को विश्व पटल पर नहीं खींचना चाहिए, बल्कि यदि वे मस्क को करारा जवाब देते तो यह देशहित में होता। इससे उनकी भी छवि बनती। दरअसल, उपग्रह इंटरनेट के मामले में सुरक्षा संबंधी चिंताएं काल्पनिक नहीं हैं। ऐसे नेटवर्क में डेटा की सुरक्षा, संचार व्यवस्था पर नियंत्रण, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग और संवेदनशील क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल जैसे प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं। अक्टूबर 2024 में अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में मादक पदार्थों की एक बड़ी जब्ती के दौरान स्टारलिंक उपकरण मिलने और मणिपुर में सैन्य अभियान से जुड़े एक अन्य मामले में ऐसे उपकरण का उल्लेख होने के बाद इन चिंताओं पर चर्चा बढ़ी थी। इसका अर्थ यह नहीं कि स्टारलिंक को स्वतः दोषी माना जाए, बल्कि यह कि सुरक्षा संबंधी जांच को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भारतीय संचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित कंपनियों को नियामकीय और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं पूरी करनी ही होंगी।

 

 

 

 

 

 

कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई- पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी

पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पाकिस्तान के खिलाफ की गई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी के करीबी चन्नी ने 2 अप्रैल, 2025 को पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 40 भारतीय सैनिक मारे गए थे और जब चुनाव हुए, तो सरकार ने कार्रवाई का दावा किया। लेकिन हमने कभी नहीं देखा कि पाकिस्तान में कहां हमले किए गए और कहां लोग मारे गए। अगर कोई हमारे देश में बम फेंके, तो क्या लोगों को पता नहीं चलेगा?

कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई, कोई बम नहीं गिरा

देश विरोधी कांग्रेस – 10

मुसलमान कमजोर महसूस कर रहा है इसलिए मारा- रॉबर्ट वाड्रा
हमले को लेकर कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने भी विवादित बयान दिया। राहुल गांधी के बहनोई ने कहा है कि यह हमला प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक संदेश है, क्योंकि मुसलमान कमजोर महसूस कर रहे हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के पति ने आगे कहा कि यही कारण है कि आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारा। वाड्रा ने यह भी कहा कि यह सरकार हमेशा हिंदुत्व की बात करती है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय को परेशानी होती है। इसके साथ ही वाड्रा यह कहना नहीं भूले कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।

देश विरोधी कांग्रेस – 10

पाक के खिलाफ युद्ध छेड़ने की जरूरत नहीं- सिद्धारमैया
इसके पहले कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कड़े सुरक्षा उपाय तुरंत किए जाने चाहिए। हम युद्ध छेड़ने के पक्ष में नहीं हैं। शांति होनी चाहिए, लोगों को सुरक्षित महसूस होना चाहिए और केंद्र सरकार को प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। सिद्धारमैया के इस बयान को पाकिस्‍तानी चैनलों और अखबारों ने तुरंत लपक लिया और इसे भारत के भीतर से युद्ध के खिलाफ आवाज बताया।

देश विरोधी कांग्रेस – 10

आतंकियों ने गोली चलाने से पहले धर्म नहीं पूछा होगा- तिम्मापुर
आंतकियों का पक्ष लेने वालों में वे अकेले नहीं हैं। कांग्रेस के कई नेता पाक आतंकियों के प्रति हमदर्दी जता चुके हैं। पाकिस्तानी मीडिया में वाहवाही पाने वाले कांग्रेसी नेताओं में कर्नाटक के आबकारी मंत्री आरबी तिम्मापुर भी शामिल हैं। तिम्मापुर ने यह जोर देकर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आतंकियों ने लोगों पर गोली चलाने से पहले धर्म नहीं पूछा होगा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गोली चला रहा है, क्या वह जाति या धर्म पूछेगा? वह बस गोली चलाकर चला जाएगा। वह वहां खड़ा होकर ये नहीं पूछेगा और फिर गोली चलाएगा।

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ऐसे कैसे पानी रोक सकते हो- मणिशंकर अय्यर
इतना ही नहीं राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी मणिशंकर अय्यर ने आतंकी हमले के बाद भारत के सिंधु जल संधि निलंबित करने के फैसले पर कहा कि आप ऐसे कैसे पानी रोक सकते हो।

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पहलगाम आंतकी हमले के मणिशंकर ने विभाजन से जोड़ा

मणिशंकर अय्यर ने इसके बाद एक कार्यक्रम में कहा कि पहलगाम की घटना ‘विभाजन के अनसुलझे सवालों’ को दर्शाती है। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ‘बहुत से लोगों ने विभाजन को रोकने की कोशिश की, लेकिन यह इसलिए हुआ क्योंकि गांधी और पंडित नेहरू जैसे लोगों और जिन्ना और कई अन्य मुसलमानों के बीच भारत की राष्ट्रवाद की प्रकृति और इसकी सभ्यता की विरासत के बारे में मूल्यों और आकलन में अंतर था, जो जिन्ना से सहमत नहीं थे। मणिशंकर अय्यर ने यह भी कहा कि आज के भारत में, क्या एक मुसलमानों को लगता है कि उन्हें स्वीकार किया जाता है? क्या एक मुसलमान को लगता है कि उसे प्यारा माना जाता है? क्या एक मुसलमान को लगता है कि उसका सम्मान किया जाता है?

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आतंकियों के पास समय कहां होता है कि वे धर्म पूछे- विजय वडेट्टीवार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को इस्लामी आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों के चुन-चुनकर मारा। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया जाए कि वो हमेशा याद रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ-साफ कहा है कि ‘हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।’ लेकिन कांग्रेस के कई बड़े नेता पाकिस्‍तान के बचाव में जी-जान से लगे हैं। महाराष्ट्र से कांग्रेसी विधायक विजय वडेट्टीवार ने अपने बयानों से पाकिस्तान का पक्ष लिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के करीबी महाराष्ट्र के विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा कि आखिर आतंकियों के पास इतना समय ही कहां होता है कि वे किसी के कान में जाकर पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। टेररिस्ट को पूछने का समय होता है क्या?

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पीएम मोदी सऊदी अरब से वापस क्‍यों लौटे- बीके हरिप्रसाद
कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद भी हमले पर राजनीति करने से बाज नहीं आए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर उन्होंने लिखा कि ‘कोई यह नहीं समझ सका कि पीएम मोदी सऊदी अरब से वापस क्‍यों लौटे? वह जम्‍मू-कश्‍मीर नहीं गए। उन्‍होंने ऑल पार्टी मीटिंग में भी हिस्‍सा नहीं लिया। हमले के बाद उन्‍होंने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस भी नहीं किया। वह घायल पीड़ितों से मिलने भी नहीं गए। जिन्‍होंने अपने परिजनों को खोया, उनसे भी उन्‍होंने मुलाकात नहीं की। क्‍या वह केवल बिहार में चुनाव रैली करने के लिए वापस लौटे थे? क्‍या राष्‍ट्रीय शोक से राजनीति ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है?

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पानी- बिजली रोककर बदला थोड़े लिया जाता है- चंद्र कुमार
पहलगाम हमले के बाद देश पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन हिमाचल प्रदेश के कांग्रेसी सरकार के मंत्री चंद्र कुमार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त पूरा विश्व हम पर थूक रहा है कि हमारे देश में कैसी सुरक्षा व्यवस्था है? पानी और बिजली रोककर किसी से बदला थोड़ी लिया जाता है।

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पाक को और बर्बाद नहीं करना चाहिए- तारिक अहमद कर्रा
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रमुख तारिक अहमद कर्रा ने तो यहां तक कह दिया कि पाकिस्तान को और बर्बाद नहीं करना चाहिए, सबको शांति से बैठकर बातचीत करनी चाहिए।

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कांग्रेस के पाकिस्तान प्रेम पर बीजेपी का पलटवार

कांग्रेस की थू-थू हो ही रही थी कि पार्टी ने पाक प्रेम को दर्शाने वाला एक और पोस्टर जारी कर दिया। जिसको लेकर पार्टी की छीछालेदार हो रही है। साफ है कि ऐसे समय में जब देश के लोग एक होकर आतंकियों के सरपरस्त पाकिस्तान को सबक सिखाने में लगे हैं, कांग्रेस पाकिस्तान का पक्ष लेकर देश को कमजोर करने में लग गई है। कांग्रेस के इस कुकर्म पर बीजेपी ने जोरदार पलटवार किया है। लोग कांग्रेस की सर तन से जुदा वाली विचारधारा पर तंज कस रहे हैं। बीजपी नेता निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस वर्षों से  प्रधानमंत्री मोदी का ‘सर तन से जुदा’ करवाना चाहती है। अब कांग्रेस पार्टी यह बताए कि आतंकी संगठन गजवा अल हिंद के साथ आपका क्या संबंध है? दोनों के ट्वीट क्या एक ही आदमी कर रहा है?

उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस का हाथ पाकिस्तान के आतंकवादी तथा उनके संरक्षक हिंदुओं के हत्यारे के साथ

यह पहली बार नहीं हुआ है… देखिए राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं की देश विरोधी मानसिकता-

देश विरोधी कांग्रेस – 10

जो बांग्‍लादेश में हो रहा वो भारत में भी हो सकता है- सलमान खुर्शीद
करीब दस साल से सत्ता से बाहर रहने के कारण बिलबिलाए रहने वाले कांग्रेसी नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को हटाने के लिए देश विरोधी ताकतों को प्रोत्साहन देते रहते हैं। मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेसी नेता अब तो यहां तक कह रहे हैं कि जो बांग्‍लादेश में हो रहा वो भारत में भी हो सकता है। राहुल गांधी के करीबी और कांग्रेस के बड़े नेता सलमान खुर्शीद ने साफ कहा है कि बांग्लादेश में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वैसी भारत में भी हो सकती हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कश्मीर में सबकुछ सामान्य लग सकता है। यहां भी सबकुछ सामान्य लग सकता है। सच्चाई ये है कि सतह के नीचे कुछ और ही चल रहा है। बांग्लादेश में जो हो रहा है, वो यहां भी हो सकता है। हमारे देश में फैलाव होने से हालात उस तरह नहीं बिगड़ते जैसे बांग्लादेश में बिगड़े हैं।

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जनता प्रधानमंत्री निवास में घुसकर कब्जा कर लेगी- सज्जन वर्मा
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी सलमान खुर्शीद ने जैसा बयान दिया वैसा ही कांग्रेस के एक और नेता ने दिया है। मध्य प्रदेश में पार्टी के वरिष्ठ नेता सज्जन वर्मा ने इंदौर में कहा कि पिछले दो दिनों से जो घटनाक्रम बांग्लादेश में चल रहा है, वह गलत नीतियों की वजह से है। जनता प्रधानमंत्री के घर में घुस गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी याद रखिएगा एक दिन जो जनता आज सड़क पर हिलोरे ले रही है। वह गलत नीतियों के कारण प्रधानमंत्री निवास में घुसकर कब्जा कर लेगी। यही स्थिति रही तो अगला नंबर भारत का होगा। कांग्रेस नेताओं का रवैया दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करते-करते वह भारत से भी नफरत करने लगे हैं। यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी देश को लेकर किस प्रकार की सोच रखती है। इसके पहले खुद राहुल गांधी कह चुके कि इस देश में आग लगेगी, दंगे होंगे, प्रधानमंत्री पर हमला होगा।

चुनाव न जीत पाने की वजह से कांग्रेस इतनी हताश हो चुकी है कि उसके नेता खुलेआम जनता को प्रधानमंत्री आवास में घुस कर कब्जा करने के लिए उकसा रहे हैं। राहुल गांधी प्रधानमंत्री पर हिंसा को बढ़ावा देते हैं, और उनके प्यादे अराजकता को।

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बीजेपी के लिए पाक दुश्मन होगा, हमारे लिए नहीं- बीके हरिप्रसाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य बीके हरिप्रसाद ने बुधवार, 28 फरवरी,2024 को ये कहकर विवाद पैदा कर दिया कि पाकिस्तान बीजेपी के लिए दुश्मन देश हो सकता है उनके लिए नहीं। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी के लिए पाकिस्तान दुश्मन देश हो सकता है, लेकिन हमारे लिए पाकिस्तान एक दुश्मन देश नहीं है। यह हमारा पड़ोसी देश है। इसके एक दिन पहले ही मंगलवार 27 फरवरी,2024 को राज्यसभा चुनावों में कर्नाटक से कांग्रेस उम्मीदवार सैयद नासिर हुसैन के विजयी होने के बाद उनके समर्थकों ने पकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। इसको लेकर बुधवार को काफी हंगामा हुआ और बीके हरिप्रसाद का ये विवादास्पद बयान सामने आया। राहुल गांधी के करीबी नेता के बयान पर बीजेपी ने कहा है कि यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। सिर्फ वोटों के लिए अल्पसंख्यकों और मुसलमानों को खुश करने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है।

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राहुल गांधी के करीबी सांसद ने की अलग देश की मांग
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कारण इंडी गठबंधन तो टूट ही रहा है, अब पार्टी नेता देश तोड़ने की भी बात करने लगे हैं। राहुल गांधी के करीबी कांग्रेसी सांसद डीके सुरेश ने दक्षिण भारत को अलग देश बनाने की मांग कर दी है। कांग्रेसी सांसद डीके सुरेश ने ये मांग ऐसे समय में की है जब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर रहे हैं। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि दक्षिण भारत के साथ भेदभाव किया जाता है और ऐसा ही चलता रहा तो देश को बांटना पड़ेगा। बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद डीके सुरेश ने बजट को लेकर कहा कि दक्षिण भारत का पैसा उत्तर भारत को आवंटित किया जाता है। इससे दक्षिण को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह जारी रहा तो हमें दक्षिण भारत को एक अलग राष्ट्र बनाने के लिए आवाज उठानी होगी।

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पूर्वोत्तर को देश का हिस्सा नहीं मानते राहुल गांधी
संविधान की प्रस्तावना में ‘राष्ट्र की एकता तथा अखंडता सुनिश्चित’ करने का उल्लेख किया गया है। लेकिन कांग्रेस और उसके नेता संविधान को नहीं मानते हैं। क्योंकि आजादी के बाद से कांग्रेस ने सिर्फ ‘सत्ता’ को प्राथमिकता दी है देश की एकता और अखंडता को नहीं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 फरवरी, 2022 को ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा कि गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तक भारत है। इसको लेकर पूर्वोत्तर के लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। असम बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष अंगूरलता डेका ने सोमवार (14 फरवरी, 2022) को देश को विभाजत करने के आरोप में राहुल गांधी के खिलाफ दिसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। 

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चीन के प्रवक्ता के रूप में काम करे रहे राहुल गांधी- हिमंता

असम, त्रिपुरा और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने राहुल गांधी के ट्वीट में पूर्वोत्तर का जिक्र नहीं करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि राहुल पूर्वोत्तर को भारत का हिस्सा नहीं मानते और चीन के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं। राहुल ने यह बयान देकर अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दुष्प्रचार को स्वीकार कर लिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल पर हमला बोलते हुए कहा, ‘हम एक गौरवशाली राष्ट्र हैं। भारत को आपके टुकड़े-टुकड़े दर्शन के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता है। क्या राष्ट्र, राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद के साथ आपकी समस्या है? बंगाल से परे, हम पूर्वोत्तर मौजूद हैं।’ गौरतलब है कि हाल ही में संसद में दिए अपने भाषण में राहुल गांधी ने भारत को एक ‘राष्‍ट्र’ मानने से इनकार कर दिया था और इसे राज्यों के संघ के रूप में वर्णित किया था। आज कांग्रेस भाषावाद, क्षेत्रवाद, प्रांतवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद के आधार पर देश को विभाजित करने में लगी है।देश विरोधी कांग्रेस – 10

पाकिस्तानी मीडिया में कांग्रेसी नेताओं की चर्चा
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेसी सांसदों के भाषण पाकिस्तानी मीडिया में छाए रहे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल डिबेट में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद और पी चिदंबरम के भाषणों पर चर्चा होती रही। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चर्चा के दौरान कहा कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर यूएन निगरानी कर रहा है, ऐसे में ये आंतरिक मामला कैसे हो सकता है। सीनियर कांग्रेस लीडर और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने भी देश विरोधी बयान देते हुए कहा कि कश्मीर देश के हाथों से फिसल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोवाल ने अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं।

इसके अलावा भी कई और ऐसी घटनाएं हैं, जिनसे साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी की मानसिकता राष्ट्रविरोधी रही है-

 

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जम्मू-कश्मीर के डीडीसी चुनावों में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा 

कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर की इकाई जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा किया। गुपकार गठबंधन (पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन – PAGD) की औपचारिक घोषणा 15 अक्टूबर 2020 को हुई थी। कांग्रेस भी गुपकार गठबंधन के समर्थन में थी। इस गठबंधन में फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती की पार्टी समेत कश्मीर के कई दल शामिल हैं। गुपकार का एजेंडा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 और 35-A बहाली है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि वो इस बहाली के लिए चीन से भी मदद लेने को तैयार हैं। 

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राहुल ने ट्वीट में जम्मू-कश्मीर को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट में जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के हिस्से के तौर पर दिखा दिया। नवभारत टाइम्स के अनुसार
राहुल के ट्वीट के बाद बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘आप बार-बार उस नक्शे का इस्तेमाल क्यों करते हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग दिखाया गया है?’ अन्य ट्विटर यूजर्स ने भी राहुल को निशाने पर लेना शुरू कर दिया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कोरोना वायरस को लेकर फरवरी 2020 में किए गए ट्वीट में जम्मू-कश्मीर को पाक का हिस्सा दिखाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें लताड़ लगानी शुरू कर दी, जिसके बाद उन्होंने वह ट्वीट डिलीट कर दिया।

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कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देश तुर्की में खोला दफ्तर
देश में सिमट रही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने नवंबर 2019 में तुर्की के इस्तांबुल में अपना एक विदेशी कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने वाले देश तुर्की में अपना दफ्तर खोला। अनादोलू एजेंसी की खबर के अनुसार तुर्की में यह दफ्तर को इस्ताम्बुल में खोला गया। मोहम्मद युसूफ खान को इस दफ्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मोहम्मद युसुफ खान तुर्की में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। तुर्की ने यूएन में ना सिर्फ कश्मीर मुद्दा उठाकर भारत के आंतरिक मामले में दखल दिया था बल्कि कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की बात भी कही थी

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राहुल गांधी के बयान को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में बनाया था हथियार
पाकिस्तान ने 27 अगस्त, 2019 को कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र (UN) में दिए अपने प्रस्ताव में राहुल गांधी के बयान का जिक्र किया। पाकिस्तान ने कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखकर भारत की शिकायत की। इस चिठ्ठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों का हवाला दिया। इस चिट्ठी में भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा को बढ़ाने का आरोप लगाया। इमरान खान सरकार में मंत्री डॉ शिरीन मजारी ने यूएन को लिखी अपनी आठ पेज की चिट्ठी में पेज छह और आठ पर राहुल गांधी का जिक्र किया।

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मोदी-शाह ने कश्मीर को बना दिया फिलीस्तीन- अय्यर
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर पाकिस्तान समर्थित बयान दिया। मणिशंकर अय्यर ने एक आलेख में लिखा कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश के उत्तरी बॉर्डर पर एक फिलीस्तीन बना दिया है। मोदी-शाह ने ये पढ़ाई अपने गुरु बेंजामिन नेतान्याहू और यहूदियों से ली है। मोदी और शाह ने इनसे सीखा है कि कश्मीरियों की आजादी, गरिमा और आत्मसम्मान को कैसे रौंदना है? उन्होंने लिखा है कि अच्छे दिन की बजाय, संसद ने जो तय किया है वह घाटी में एक लंबी और अंधेरी रात है, और शायद देश के बाकी हिस्सों में भी ऐसा होगा।

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मुस्लिम बहुल है इसलिए हटाया 370- चिदंबरम
पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने अगस्त 2019 में यह बयान दिया था कि यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) वहां से अनुच्छेद 370 नहीं हटाती। पी चिदंबरम ने इस विवादित बयान से कश्मीर मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। सत्ता से बाहर होने के बाद से ही कांग्रेसी नेता बौखलाए रहते हैं और हर बात को तुष्टिकरण की दृष्टि से देखते हैं। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील मामले पर गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करके हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है। यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती। ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है।

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राहुल गांधी ने बालाकोट स्ट्राइक पर भी उठाए सवाल
मार्च 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के कुछ दिनों बाद राहुल गांधी ने कोरापुट की एक रैली में देशविरोधी टिप्पणी की थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उड़ीसा की जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दिनों भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान पर आक्रमण किया था और इसमें हमारे लोग शहीद हुए थे। राहुल गांधी के बयान से साफ है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह साबित करने पर तुले हुए हैं कि भारत की सरकार ने पाकिस्तान पर हमला किया था और वो अनुचित था। कांग्रेस के नेता बी के हरिप्रसाद तो यहां तक कह चुके हैं कि पुलवामा आतंकी अटैक पीएम मोदी और पाक पीएम इमरान की सांठगांठ का नतीजा था। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा अटैक को दुर्घटना करार दिया था और सरकार से बालाकोट हमले के सुबूत मांगे थे। पाकिस्तानी अखबार Tribune express ने राहुल गांधी के पुलवामा से संबंधित दिए गए बेमतलब के बयान को आधार बनाकर खबर प्रकाशित की कि पुलवामा पर राहुल गांधी के तीन सवाल जायज हैं। PTV News ने भी राहुल गांधी के उस ट्वीट को रिट्वीट किया है, जिसमें राहुल गांधी खुद झूठ की वकालत करते हुए भारत को बदनाम कर रहे हैं। 

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पुलवामा और मुंबई हमले पर किया पाकिस्तान का बचाव
कांग्रेसी और उसके सहयोगी नेता आतंकियों और संदिग्ध संगठनों से साठगांठ और सहानुभूति रखने के लिए हमेशा से ही चर्चित रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद राहुल गांधी के करीबी और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने बालाकोट हवाई हमले पर सवाल खड़े कर दिए। पित्रोदा ने पुलवामा हमले के साथ मुंबई हमले पर पाकिस्तान का बचाव करते हुए कहा कि इसके लिए आप पूरे देश को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं।

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राहुल ने आतंकी सरगना मसूद अजहर को कहा ‘जी’
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा अटैक की जिम्मेदारी लेने वाले पाक समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आदर के साथ जी कहकर संबोधित किया। दिल्ली में कांग्रेस के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में राहुल गांधी ने आतंकी सरगना अजहर को जी कहकर संबोधित किया। कांग्रेस के नेता कभी ओसामा बिन लादेन को ओसामा जी कहते रहे हैं, तो कभी हाफिज सईद को हाफिज जी और अफजल गुरु को अफजल गुरु जी कहकर पुकारा है। दिग्विजय सिंह ने ओसामा बिन लादेन और हाफिज सईद को जी कहा तो रणदीप सुरजेवाला ने अफजल गुरु को जी कहा। बाटला हाउस एनकाउंटर में जब आतंकियों को मार गिराया गया तो कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया ने कथित रूप से आंसू तक बहाया। देश विरोधी कांग्रेस – 10

 

आतंकी बुरहान वानी को जिंदा रखते – सैफुद्दीन सोज
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज़ ने जून 2018 में अपनी एक पुस्तक ‘कश्मीर: ग्वार्स ऑफ पैराडाइज’ (Kashmir: Glimpses of History and the Story of Struggle) के विमोचन और उससे जुड़े बयानों के दौरान कश्मीर और बुरहान वानी से संबंधित टिप्पणियां की थीं। कश्मीर में पार्टी के नेता सैफुद्दीन सोज ने कहा कि उनका बस चलता तो वह आतंकी बुरहान वानी को जिंदा रखते। जब सेना के मेजर गोगोई ने पत्थरबाज को जीप पर बांधकर सेना के दर्जनों जवानों की जान बचाई तो कांग्रेस ने इस पर भी राजनीति की। जिस आतंकी बुरहान वानी को भारतीय सेना ने एनकाउंटर कर ढेर कर दिया, उसे कांग्रेस पार्टी जिंदा रखने की बात कहती है।

देश विरोधी कांग्रेस – 10
अहमद पटेल पर भी आतंकियों से रिश्तों के आरोप 
अक्टूबर 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले, तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आरोप लगाया था कि गुजरात ATS द्वारा पकड़े गए दो संदिग्ध ISIS आतंकवादी अंकलेश्वर के एक चैरिटेबल अस्पताल से जुड़े थे, जिसके अहमद पटेल ट्रस्टी रहे थे। सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार रहे अहमद पटेल के तार भी आईएसआईएस आतंकियों से जुड़े होने के आरोप भी लगे थे। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने खुद कहा था कि जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ा आईएसआईएस का एक संदिग्ध आतंकी मोहम्मद कासिम अहमद पटेल से जुड़ी एक संस्था के लिए काम करता था। 

देश विरोधी कांग्रेस-9

डोकलाम मामले पर राहुल सरकार के खिलाफ चीनी राजदूत से मिले 
डोकलाम विवाद 2017 में भारत, चीन और भूटान के ट्राई-जंक्शन (तिराहे) पर हुआ एक गंभीर सैन्य गतिरोध था।इस विवाद की शुरुआत जून 2017 में तब हुई, जब चीनी सेना ने भूटान के दावे वाले डोकलाम क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया। भारत-चीन के बीच 73 दिनों तक सिक्किम से सटे डोकलाम क्षेत्र जबरदस्त तनातनी का माहौल रहा। इस कूटनीतिक और सैन्य तनाव पर दुनिया भर की नजरें गड़ी थीं। ऐसे में 7 जुलाई, 2017 को  राहुल ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। अगले दिन 8 जुलाई को चोरी से चीनी राजदूत लिओ झाओहुई से मुलाकात की। दरअसल कांग्रेस पार्टी देश के अंदर चीन के एजेंडे को चला रही है। चीन और कांग्रेस का रिश्ता जगजाहिर है। सोनिया और राहुल ने 2008 में चीन के साथ MoU किया था।देश विरोधी कांग्रेस-8

सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध, राहुल ने सेना पर सवाल खड़े किए 
28-29 सितंबर, 2016 की रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना द्वारा किया गया सर्जिकल स्ट्राइक देश के लिए गौरव का विषय था, लेकिन देशद्रोह पर उतर आई कांग्रेसी नेताओं ने इस पर भी सवाल खड़े कर दिए।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सेना और प्रधानमंत्री पर सवाल खड़े करते हैं प्रधानमंत्री मोदी पर ‘खून की दलाली’ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे। दिग्विजय सिंह ने भी सेना की इस घोषणा पर सवाल खड़े किए। संजय निरूपम ने तो भारतीय सेना की पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर में सर्जिकल स्‍ट्राइक की कार्रवाई को फर्जी बता दिया था।देशविरोधी कांग्रेस -7
JNU में देशद्रोहियों का समर्थन करने पहुंचे राहुल गांधी
फरवरी 2016 में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य छात्रों की गिरफ्तारी और वहां हुए प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी JNU पहुंचे थे। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी JNU में भारत विरोधी नारे और देश को तोड़ने वाले नारे लगाते हुए पूरे देश ने देखा था, लेकिन देशविरोधी इन ताकतों की आलोचना करने के बजाए राहुल गांधी इनका समर्थन करने JNU पहुंच गए थे। उस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह और अन्य नेताओं ने राहुल गांधी पर “देशद्रोहियों” और अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था।

देश विरोधी कांग्रेस-6

पूर्व पीएम मनमोहन ने पाकिस्तान उच्चायुक्त से की गुप्त मंत्रणा 
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने जिस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘नीच आदमी’ कहा। उसके एक दिन पहले मणिशंकर अय्यर के घर पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पाकिस्तान उच्चायुक्त के हाई कमिश्नर ने हाई लेवल की गुप्त बैठकें कीं। इस गुप्त मंत्रणा के अगले ही दिन मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को गाली दे दी। इस पूरे वाकये में मनमोहन सिंह ने प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा दीं। 

देश विरोधी कांग्रेस-5

कांग्रेसी नेताओं का ‘जहरीले’ जाकिर नाइक से नाता
इस्लामी कट्टरपंथी धर्म प्रचारक जाकिर नाइक से कांग्रेसी नेताओं के ताल्लुकात रहे हैं। जाकिर नाइक ने कई देशविरोधी कार्य किए, कई देशविरोधी भाषण दिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 15 जुलाई, 2016 को कहा कि वह इस्लाम का सही अर्थ और उद्देश्य का प्रचार कर रहे हैं जबकि भाजपा इस्लाम को आतंकवाद से जोड़कर पेश कर रही है। नाइक के साथ दिग्विजय सिंह 2012 में मंच साझा कर चुके हैं। इस इवेंट में दिग्विजय को जाकिर नाइक की तारीफों के पुल बांधते हुए सुना जा सकता है। 

देश विरोधी कांग्रेस-4

अफजल-याकूब का समर्थन करती है कांग्रेस
संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की फांसी पर भी कांग्रेस ने पॉलटिक्स की थी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा था कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देना गलत था और उसे गलत तरीके से दिया गया। कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने अफजल गुरु को अफजल गुरुजी कहकर पुकारा था। इतना ही नहीं यही कांग्रेस है जिनके नेताओं ने याकूब मेनन की फांसी पर भी आपत्ति जताई थी। काग्रेस नेताओं के समर्थन पर ही प्रशांत भूषण ने रात में भी सुप्रीम कोर्ट खुलवा दिया था।

देश विरोधी कांग्रेस-3

मणिशंकर की पाक से गुहार– हमें ले आइए, मोदी को हटाइए 
साल 2014 पहली बार मोदी सरकार बनने के कुछ ही महीने बाद कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में एक मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान जाकर पीएम मोदी को हटाने के लिए उसकी मदद मांगी थी। एक पाकिस्तानी चैनल के सामने उन्होंने इसके लिए लगभग पाकिस्तानी शासकों से गुहार तक लगाई थी।  

देश विरोधी कांग्रेस-2

कश्मीर के अलगावादियों से कांग्रेस के हैं रिश्ते
कश्मीर में अलगाववादी नेताओं को लगातार उनके पाकिस्तानी आकाओं से मदद मिलती रही है और वह यहां कश्मीरी लड़कों को भड़काते हैं। NIA की की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2005 से लेकर 2011 के बीच अलगाववादियों को ISI की ओर से लगातार मदद मिल रही थी। 2011 में NIA की दायर चार्जशीट के अनुसार हिज्बुल के फंड मैनेजर इस्लाबाद निवासी मोहम्मद मकबूल पंडित लगातार अलगाववादियों को पैसा पहुंचा रहा था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई कठोर निर्णय नहीं लिया था।

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आतंकी इशरत जहां के नाम पर भी कांग्रेस ने की राजनीति
15 जून 2004 को अहमदाबाद में एक मुठभेड़ में आतंकी इशरत जहां और उसके तीन साथी जावेद शेख, अमजद अली और जीशान जौहर मारे गए। गुजरात पुलिस के मुताबिक उनके निशाने पर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी थे। लेकिन केंद्र की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को इसमें भी सियासत दिखी। सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जाने लगी। लेकिन गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने कांग्रेस की साजिशों की परतें खोल दीं। उन्होंने साफ कहा कि इशरत और उसके साथियों को आतंकी ना बताने का उन पर दबाव डाला गया था। इससे पहले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और कुछ दिनों के लिए इशरत जहां एनकाउंटर पर बनी एसआइटी की टीम मुखिया सत्यपाल सिंह ने भी कहा कि उन्हें इशरत जहां के एनकाउंटर झूठा साबित करने के लिए ही एसआइटी की कमान सौंपी गई थी। इतना ही नहीं उन्हें इस एनकाउंटर के तार नरेंद्र मोदी तक पहुंचने को कहा गया था।

 

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