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दिल्ली में हार के बाद कांग्रेस में उथल-पुथल, अपनों ने ही दागे तीखे सवाल

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दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी, जिसके बाद अब पार्टी में उथलपुथल का माहौल बना हुआ है। दिल्ली में लगातार दूसरी बार कांग्रेस के हिस्से में एक भी सीट ना आने के बाद पार्टी नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी हो गया है।

इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को बदलना होगा। इससे पहले चुनावी नतीजे के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा और दिल्ली के प्रभारी पद से पीसी चाको ने इस्तीफा दे दिया, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हार के लिए पार्टी की रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उठाए सवाल

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ‘हमारी पार्टी के लिए यह बहुत ही निराशाजनक है। नई विचारधारा और नई कार्यप्रणाली की आपात जरूरत है। देश बदल गया है, इसलिए हमें भी नए तरीके से सोचना होगा और देश के लोगों से संपर्क करना होगा।’

बता दें कि इससे पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी दिल्ली चुनाव में कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको पर सवाल खड़े किए थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के अंदर की कलह खुलकर सामने आने लगी।

कांग्रेस को सख्ती से अपना पुनरावलोकन करना चाहिए: जयराम रमेश

कांग्रेस की पार्टी की खराब हालत पर चिंता जताते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को सख्ती से अपना पुनरावलोकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें खुद को मजबूत करने की आवश्यकता है, ‘अन्यथा, हम अप्रासंगिकता की ओर बढ़ रहे हैं। हमें अहंकार छोड़ना होगा, छह साल से सत्ता से दूर होने के बावजूद हममें से कई लोग कई बार ऐसे बर्ताव करते हैं जैसे वे अब भी मंत्री हैं।’

पार्टी में नेतृत्व के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं को प्रोत्साहन देना होगा और आगे बढ़ाना होगा, स्थानीय नेताओं को स्वतंत्रता और स्वायत्तता दी जानी चाहिए। हमारे नेतृत्व के स्वभाव और शैली को बदलना होगा। जयराम रमेश ने कांग्रेस को मिली हार की तुलना कोरोना वायरस की तरह त्रासदी से करते हुए कहा है कि पार्टी को गंभीरता से अपनी समीक्षा करनी होगी।

दिल्ली में चेहरे की रही कमी: कपिल सिब्बल

दिल्ली में कांग्रेस को मिली जबरदस्त हार पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी के पास दिल्ली में प्रोजेक्ट करने के लिए चेहरे की कमी थी, यह पार्टी का अंदरूनी मुद्दा है हम इस पर गौर कर जल्द समाधान करेंगे।

मतदाताओं ने कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लिया: वीरप्पा मोइली

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने भी दिल्ली चुनाव में हार के परिप्रेक्ष्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए एक सर्जिकल कार्रवाई का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी क्योंकि उनका मानना था कि केवल आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ही भाजपा को हरा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह लोगों ने मान लिया कि कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने का कोई मतलब नहीं। उन्होंने कहा कि हम चिंतित हैं, दिल्ली का परिदृश्य यह है कि मतदाताओं ने कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लिया।

पी. चिदंबरम को कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने लगाई थी लताड़

आम आदमी पार्टी की जीत पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने अरविंद केजरीवाल को बधाई दी थी। उन्होंने कहा था- दिल्ली की जनता ने भाजपा के ध्रुवीकरण, विभाजनकारी और खतरनाक एजेंडे को हराया है।

जिस पर पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने चिदंबरम पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया- सर, मैं जानना चाहती हूं- क्या कांग्रेस ने भाजपा को हराने का काम राज्य की पार्टियों को आउटसोर्स किया है? यदि नहीं, तो हम अपनी हार को लेकर चिंतित होने की बजाय आप की जीत पर क्यों खुश हो रहे हैं? अगर ऐसा है तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी को बंद कर देना चाहिए।

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