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कोलकाता पहुंचते ही इंजीनियर तमाल बना तालिबानियों का प्रवक्ता, लोगों ने पूछा- सबकुछ ठीक था तो वहीं रह जाते, पीएम मोदी और अमित शाह से क्यों लगाई बचाने की गुहार ?

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कोलकाता के रहने वाला तमाल भट्टाचार्य जब तक अफगानिस्तान में तालिबानियों के चंगुल में था, तो उसे प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह याद आ रहे थे। जैसे ही तमाल ने बंगाल की धरती पर पैर रखा, उसे तालिबानी अच्छे लगने लगे। उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ने लगा है। यहां तक कि उन्हें भरोसेमंद भी बता रहा है। तमाल ने दावा किया कि तालिबान ने न केवल उसके साथ क्रिकेट खेला और अच्छा व्यवहार किया, बल्कि उन्हें अच्छा खाना भी खिलाया। तमाल के इस दावे से जहां भारत में तालिबान समर्थकों की बांछे खिल गई है, वहीं उसके दोहरे रवैये पर लोगों ने सवाल उठाया है।

तमाल के इस दोहरे व्यवहार से हैरान लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया है कि अगर तालिबान इतने अच्छे है तो उसे भारत आना ही नहीं चाहिए था। वापस क्यों आया, वहीं रह जाता। जिस तरह ये तालिबान का बचाव कर रहा है, उससे लगता है कि इसकी योजना आगे चलकर फिर से अफगानिस्तान जाने और अपनी नौकरी जारी रखने की है। लोगों ने इसके लिए उसे शुभकामनाएं भी दी है।

 ट्विटर यूजर कीया घोष ने लिखा, “तस्वीर 1: काबुल में फंसा एक व्यक्ति संकट में पीएम मोदी और अमित शाह से मदद की गुहार लगाता है। पीएम से खुद को तालिबानियों के कब्जे से निकालने का अनुरोध करता है। तस्वीर 2: कोलकाता में उतरने के बाद वह तालिबानियों की प्रशंसा करता है। उसने तो यहाँ तक कह दिया है कि उन्होंने हमारे साथ फुटबॉल खेला। ऐसा कहकर उन्होंने एक सच्चा कम्युनिस्ट होने का सबूत दिया है।”

गौरतलब है कि कोलकाता के उत्तरी दमदम इलाके के निमटा में रहने वाले 34 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर तमाल भट्टाचार्य काबुल के कर्दन इंटरनेशनल स्कूल में फिजिक्स और केमिस्ट्री पढ़ाता था। तालिबान के काबुल शहर पर कब्जा करने के बाद उसे खुद प्रिंसिपल के आवास के अंदर बंद होने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहां से एयरपोर्ट तक आने के लिए कई कोशिशें की लेकिन नाकाम रहा। आनंद बाजार पत्रिका से बात करते हुए तमाल ने कहा, ”कृपया पीएम मोदी और अमित शाह को सूचित करें, ताकि हमें जल्द से जल्द यहां से निकाला जा सके।”

एबीपी आनंद ने बताया कि भारतीय नागरिक ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक संदेश के माध्यम से वहां क्या हो रहा है इसके बारे में जानकारी दी थी। तमाल के माता-पिता ने दावा किया कि उसे कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया था। आखिरकार, तमाल को 10 अन्य बंगाल निवासियों के साथ भारतीय वायु सेना (IAF) के कर्मियों ने वहां से बाहर निकाला। वह शनिवार देर रात फ्लाइट में सवार हुआ और रविवार सुबह (22 अगस्त, 2021) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचा। इसके बाद कोलकाता के लिए रवाना हो गया।

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