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एनडीए को शेयर बाजार की सलामी: सेंसेक्स 40 हजार और निफ्टी 12 हजार के पार

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चुनाव रुझानों में एनडीए के बहुमत का आंकड़ा पार करते ही शेयर बाजार ने इतिहास रच दिया। एक बार फिर मोदी सरकार बनने से उत्साहित सेंसेक्स ने 40 हजार और निफ्टी ने 12 हजार का आंकड़ा छू लिया। आज, 23 मई को सेंसेक्स ने 897.50 अंकों की तेजी के साथ 40,007.71 का आंकड़ा छू दिया। वहीं निफ्टी ने 265.25 अंकों के उछाल के साथ 12,003.15 का आंकड़ा छू दिया। ऐसा लगता है कि नतीजों के आने के साथ ही बाजार नई ऊंचाई छू लेगा। इससे पहले 20 मई को एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलने के संकेत मिलने के बाद सेंसेक्स ने 10 साल का रेकॉर्ड बना दिया था। एक दिन के कारोबार में सेंसेक्स के 1421.90 अंक ऊपर जाने का कारनामा पिछले 10 साल में पहली बार हुआ। जबकि निफ्टी 421.10 अंक मजबूत होकर 11,828 पर बंद हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की बयार बह रही है। मोदी सरकार ने जितने काम पिछले पांच साल में किए हैं उतने पिछले सत्तर साल में नहीं हुए।

आइये हम जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत है।

विदेशी मुद्रा भंडार एक साल के उच्चतम स्तर पर
देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार 26 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में 4.36 अरब डॉलर बढ़कर 418.51 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 414.14 अरब डॉलर रहा था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 13 अप्रैल 2018 को एक समय 426.028 अरब डालर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया था। विदेशी मुद्रा भंडार ने आठ सितंबर 2017 को पहली बार 400 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया था। जबकि यूपीए शासन काल के दौरान 2014 में विदेशी मुद्रा भंडार 311 अरब के करीब था।

FPI का बढ़ा भारतीय बाजार में भरोसा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत होती जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का ही असर है कि आज भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भरोसा बढ़ा है। एफपीआई ने मार्च में पूंजी बाजार मे 38,211 करोड़ रुपये का निवेश किया है। फरवरी में एफपीआई ने 11,182 करोड़ रुपये का निवेश किया था। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने एक से 22 मार्च के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 27,424.18 करोड़ रुपये का निवेश किया जबकि इस दौरान उन्होंने ऋण या बांड बाजार में 10,787.02 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस तरह उनका कुल निवेश 38,211.20 करोड़ रुपये रहा।

फरवरी में 2.44 प्रतिशत बढ़ा देश का निर्यात
देश का निर्यात फरवरी में 2.44 प्रतिशत बढ़कर 26.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, देश का वाणिज्यिक निर्यात फरवरी महीने में पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 2.44 प्रतिशत बढ़कर 26.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान औषधि, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र के उत्पादों की निर्यात मांग बढ़ी है। इसके साथ ही फरवरी में आयात में 5.4 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 36.26 अरब डॉलर पर आ गया। इससे व्यापार घाटा में भी कमी आई है।

मोदी सरकार ने 2018 में जुटाये रिकॉर्ड 77,417 करोड़ रुपये
मोदी सरकार ने 2018 में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री करके रिकॉर्ड 77,417 करोड़ रुपये जुटाये हैं। 2018 में हुए बड़े विनिवेश सौदों में ओएनजीसी द्वारा एचपीसीएल का अधिग्रहण, सीपीएसई ईटीएफ, भारत-22 ईटीएफ और कोल इंडिया की हिस्सेदारी बिक्री समेत छह आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) समेत अन्य शामिल हैं। विनिवेश में यह तेजी एयर इंडिया के निजीकरण के साथ 2019 में भी जारी रहने की उम्मीद है।

सिर्फ साढ़े चार साल में जुटाई यूपीए से दोगुनी से ज्यादा राशि
पिछले पांच साल में सरकार ने विनिवेश के जरिए रिकॉर्ड राशि जुटाई है। विनिवेश के मामले में भी मोदी सरकार ने यूपीए सरकार को पीछे छोड़ दिया है। अपने साढ़े 4 साल के कार्यकाल में एनडीए ने 2,09,896.11 करोड़ रुपए जुटाए जो यूपीए-1 और यूपीए-2 की कुल राशि से करीब दोगुनी ज्यादा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था के कारण सरकार ने पहली बार विनिवेश के जरिये एक बड़ी रकम जुटाई है।

बेहतर हुआ कारोबारी माहौल
पीएम मोदी ने सत्ता संभालते ही विभिन्न क्षेत्रों में विकास की गति तेज की और देश में बेहतर कारोबारी माहौल बनाने की दिशा में भी काम करना शुरू किया। इसी प्रयास के अंतर्गत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति देश में कारोबार को गति देने के लिए एक बड़ी पहल है। इसके तहत बड़े, छोटे, मझोले और सूक्ष्म सुधारों सहित कुल 7,000 उपाय (सुधार) किए गए हैं। सबसे खास यह है कि केंद्र और राज्य सहकारी संघवाद की संकल्पना को साकार रूप दिया गया है।

पारदर्शी नीतियां, परिवर्तनकारी परिणाम
कोयला ब्लॉक और दूरसंचार स्पेक्ट्रम की सफल नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई। इस प्रक्रिया से कोयला खदानों (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत 82 कोयला ब्लॉकों के पारदर्शी आवंटन के तहत 3.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई।

जीएसटी ने बदली दुनिया की सोच
जीएसटी, बैंक्रप्सी कोड, ऑनलाइन ईएसआइसी और ईपीएफओ पंजीकरण जैसे कदमों कारोबारी माहौल को और भी बेहतर किया है। खास तौर पर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ यानि GST ने सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया है। व्यापारियों और उपभोक्ताओं को दर्जनों करों के मकड़जाल से मुक्त कर एक कर के दायरे में लाया गया।

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