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आज का बदलता भारत वंचितों को प्राथमिकता देते हुए विकास परियोजनाओं को पूरा कर रहा है- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 फरवरी को कर्नाटक के बेलगावी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने पीएम-किसान के अंतर्गत 16,000 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त राशि जारी की। प्रधानमंत्री ने पुनर्विकसित बेलगावी रेलवे स्टेशन का भवन राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत छह बहु-ग्राम योजना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का बदलता भारत वंचितों को प्राथमिकता देते हुए एक के बाद एक विकास परियोजनाओं को पूरा कर रहा है। उन्होंने जिक्र किया कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता छोटे किसान हैं। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से अब तक छोटे किसानों के खातों में 2.5 लाख करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं, जिसमें से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिला किसानों के खातों में जमा की जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा, ये पैसा किसानों की छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जरूरतों का ख्याल रख रहा है।

प्रधानमंत्री कहा कि ने जिन परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है उससे बेलागवी के विकास में नई ऊर्जा और गति आएगी। उन्होंने इस क्षेत्र के नागरिकों को कनेक्टिविटी और पानी की सुविधा से जुड़ी सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेलगावी के माध्यम से देश के प्रत्येक किसान को एक विशेष उपहार मिला है जहां पीएम-किसान से धन की एक और किश्त जारी की गई है। प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, “बस एक बटन के क्लिक से देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में 16,000 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए हैं।” उन्होंने कहा कि बिना किसी बिचौलिये के इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने के कदम ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान खींचा है। कांग्रेस शासन की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने याद किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कहा था कि जब 1 रुपया जारी किया जाता है तो उसमें से सिर्फ 15 पैसे ही गरीबों तक पहुंचते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “लेकिन ये मोदी की सरकार है। यहां हर पैसा आपका है और आपके लिए है।”

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि देश का कृषि बजट जो 2014 से पहले 25,000 करोड़ रुपये था, वो अब बढ़ाकर 1,25,000 करोड़ कर दिया गया है। ये पांच गुना वृद्धि है। उन्होंने कहा कि ये देश के किसानों को समर्थन देने की भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है और उन्होंने जनधन बैंक खातों, मोबाइल कनेक्शन और आधार का उदाहरण दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से इसलिए जोड़ रही है ताकि किसान किसी भी जरूरत के वक्त बैंकों के समर्थन का लाभ उठा सकें।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस साल के बजट में वर्तमान चिंताओं के साथ-साथ कृषि की भविष्य की जरूरतों को भी संबोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज की जरूरत भंडारण और खेती में लागत कम करने, व छोटे किसानों को संगठित करने की है। इसलिए ये बजट भंडारण सुविधाओं पर जोर देता है और सहकारी समितियों पर ध्यान केंद्रित करता है। इसी तरह प्राकृतिक खेती पर ध्यान देने से किसान को लागत कम आएगी। उन्होंने कहा कि पीएम प्रणाम योजना जैसे उपायों से उर्वरकों पर खर्च में और कमी आएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से ही कृषि, उद्योग, पर्यटन और शिक्षा को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले के पांच सालों में कर्नाटक में रेलवे का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपये था जबकि इस साल कर्नाटक में रेलवे के लिए 7,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में आज लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बेलगावी में नए उद्घाटन किए गए आधुनिक रेलवे स्टेशन का भी उल्लेख किया और कहा कि न केवल सुविधाओं को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि रेलवे में विश्वास भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक में कई स्टेशनों को आधुनिक अवतार में सामने लाया जा रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि लोंडा-घाटप्रभा लाइन के दोहरीकरण से यात्रा तेज और सुरक्षित होगी। बेलागवी शिक्षा, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार से इन क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “डबल इंजन की सरकार तेज गति वाले विकास की गारंटी है”। जल जीवन मिशन का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कर्नाटक के गांवों में केवल 25 प्रतिशत घरों में 2019 से पहले पानी के कनेक्शन थे, जबकि आज इस कवरेज का विस्तार 60 प्रतिशत हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेलगावी में भी 2 लाख से भी कम घरों में नल से पानी पहुंचता था लेकिन आज ये संख्या 4.5 लाख घरों को पार कर गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस बजट में 60,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “सरकार समाज के हर उस छोटे से छोटे वर्ग को सशक्त बनाने में लगी हुई है जिनकी पिछली सरकारों ने उपेक्षा की थी।” बेलगावी दरअसल वेणुग्राम यानी बांस के गांव के रूप में प्रसिद्ध कारीगरों और हस्तशिल्पियों का शहर रहा है, इसका जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे पिछली सरकारों ने लंबे समय तक बांस की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन ये मौजूदा सरकार ही है जिसने इस कानून में सुधार किया और बांस की खेती और व्यापार का मार्ग खोला। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना पर भी बात की, जिसे इस साल के बजट में पहली बार कारीगरों और हस्तशिल्पियों को समर्थन देने के लिए पेश किया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक के लिए कांग्रेस सरकार के तिरस्कार की ओर इशारा किया जहां कर्नाटक के नेताओं का अपमान करना एक परंपरा बन गई थी। प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, “इतिहास इस बात का गवाह है कि कैसे कांग्रेस परिवार के सामने एस निजलिंगप्पा और वीरेंद्र पाटिल जी जैसे नेताओं का अपमान किया गया।” मल्लिकार्जुन खड़गे जी के प्रति अपने आदर और सम्मान, और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के एक समारोह में कैसे सबसे वरिष्ठ सदस्य को चिलचिलाती धूप में छतरी दिए जाने के लायक भी नहीं समझा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि “खड़गे जी कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, लेकिन उनके साथ जिस तरह का बर्ताव किया जाता है, उससे पूरी दुनिया को पता है कि रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है।” उन्होंने कहा कि देश में कई राजनीतिक दल ‘परिवारवाद’ से त्रस्त हैं और उन्होंने देश को इस चंगुल से मुक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कर्नाटक के लोगों को कांग्रेस जैसी पार्टियों से सतर्क रहने की भी सलाह दी।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा, “सच्चा विकास तब होता है जब सच्ची नीयत से काम किया जाता है”। उन्होंने दोहरे इंजन वाली अपनी सरकार के सच्चे इरादों और विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने अपनी बात के समापन में कहा, “कर्नाटक और देश के विकास को गति देने के लिए हमें सबके प्रयास के साथ आगे बढ़ना होगा”।

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